2026 में 1.2 करोड़ युवाओं को मिलेगी नौकरी! Tata-Godrej-Diageo जैसी कंपनियों में बंपर वैकेंसी, जरूरी हैं ये स्किल्स
साल 2026 की शुरुआत देश के युवाओं के लिए उम्मीदों की नई किरण लेकर आई है. रोजगार के मोर्चे पर यह साल बेहद अहम रहने वाला है. कंपनियां बड़े पैमाने पर भर्तियां करने की तैयारी में हैं. डिजिटल, ऑटो, फाइनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ती मांग से लाखों नई नौकरियों के अवसर बनेंगे.
Jobs in Year 2026: नई सुबह की शुरुआत नई उम्मीद के साथ होती है. आज 2026 का पहला दिन है. नए साल के पहले ही दिन युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है. देश के युवा जो रोजगार की आस लगाए बैठे हैं उन्हें इस साल नौकरी मिलने के अच्छे चांस हैं. 2026 में देश की कंपनियां 10 से 12 मिलियन यानी एक से डेढ़ करोड़ नई नौकरियां देंगी, जो 2025 के 8 से 10 मिलियन से 25-40 फीसदी ज्यादा है. Ernst & Young Private Limited, टाटा मोटर्स, डियाजियो, गोदरेज और मोतीलाल ओसवाल जैसी कंपनियां भर्ती बढ़ा रही हैं.
कैंपस हायरिंग पर फोकस
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां कॉलेजों से सीधे युवाओं को नौकरी देने वाली हैं. Ernst & Young Private Limited जून 2026 तक 14,000 से 15,000 लोगों को हायर करने वाली है. Ernst & Young Private Limited की एचआर प्रमुख आरती दुआ ने ईटी को बताया कि कैंपस हायरिंग हमारे लिए हमेशा महत्वपूर्ण रही है. कंपनी हर साल बिजनेस स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज और लॉ कॉलेज से करीब 2,000 लोगों को हायर करती है. मौजूदा वक्त में E&Y में लगभग 50,000 कर्मचारी हैं.
इन कंपनियों में भी हायरिंग
कंपनियां अपने कर्मचारियों में महिलाओं, दिव्यांगों और एलजीबीटीक्यूए+ समुदाय की भागीदारी बढ़ाना चाहती हैं. डियाजियो इंडिया हायरिंग करते वक्त डिजिटल स्किल्स और सप्लाई चेन जैसे नए स्किल्स पर फोकस कर रही है. साथ ही कंपनी वर्कप्लेस में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है. कंपनी की एचआर प्रमुख शिल्पा वैद ने ईटी को बताया कि अभी महिलाएं एग्जीक्यूटिव टीम में 30% और लीडरशिप में 31% हैं.
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2027 तक दिव्यांग, एलजीबीटीक्यूए+ और महिलाओं की भागीदारी 33% करने का लक्ष्य रख रही है. टाटा मोटर्स बैटरी टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर वाली गाड़ियों के लिए हायरिंग कर रही है. मोतीलाल ओसवाल टेक, डेटा साइंस और एआई में नई भर्तियां करेगी और महिलाओं को ज्यादा लीडर बनाने पर जोर देगा.
इस तेजी के पीछे क्या है वजह?
रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ से नौकरियां बढ़ेंगी. विदेशी कंपनियां भारत में ग्लोबल सेंटर्स खोल रही हैं और छोटे शहरों में लोगों की खरीदारी बढ़ने से कंपनियों का कारोबार बढ़ रहा है. इस तेजी का ही परिणाम है कि कंपनी मास हायरिंग करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही कंपनियां अपने मौजूदा कर्मचारियों को नए स्किल्स सिखाने में भी निवेश कर रही हैं. इससे 2026 में रोजगार के अच्छे अवसर बनेंगे.
Latest Stories
नियमों की अनदेखी पड़ी एयर इंडिया पर भारी, DGCA ने भेजा नोटिस, 2 हफ्तों का दिया अल्टीमेटम
Gold Rate Today: साल के पहले दिन सोने-चांदी में दिखा उतार-चढ़ाव, रिकॉर्ड तेजी के बाद लगा ब्रेक, चेक करें लेटेस्ट रेट
LIC को 3 राज्यों से मिला ₹57.52 करोड़ का GST डिमांड नोटिस, कंपनी करेगी अपील, जानें शेयर का हाल
