संविधान बनाने में कितना हुआ खर्च, 3 साल में 300 सदस्य ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा कॉन्स्टिट्यूशन, 53000 लोगों से मिली मदद
भारत का संविधान तैयार करने में लगभग 3 साल का समय लगा, 300 से ज्यादा सदस्य शामिल थे और 11 सत्रों के दौरान लगभग 53 हजार लोग उपस्थित हुए. कुल खर्च लगभग 64 लाख रुपये आया. संविधान का मसौदा ड्राफ्टिंग कमेटी द्वारा तैयार किया गया जिसमें 315 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं. कुल 7635 संशोधन प्रस्तावित हुए.
Republic Day Special: क्या आप जानते हैं कि भारत का संविधान बनाने में कितना खर्च आया था और कितने लोगों ने इसे तैयार किया था? अगर नहीं, तो आपको बता दे कि संविधान सभा को इसे बनाने में 3 साल का समय लगा. इसमें 300 से ज्यादा सदस्य शामिल थे और हजारों घंटे की बैठकों और चर्चा के बाद 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया. इस पूरी प्रक्रिया पर देश ने करीब 64 लाख रुपये खर्च किए गए थे. उस समय यह राशि बहुत बड़ी थी और इसे देश की लोकतांत्रिक नींव पर किया गया निवेश माना गया.
कितना हुआ था खर्च
संविधान सभा की पूरी प्रक्रिया पर कुल खर्च करीब 63 लाख 96 हजार 729 रुपये आया. इसमें बैठकों का संचालन, सदस्य भत्ते, प्रशासनिक खर्च और अन्य जरूरी काम शामिल थे. 1946 से 1949 तक यह राशि देश की लोकतांत्रिक स्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में लगी. उस समय के हिसाब से यह बहुत बड़ा निवेश था.
संविधान सभा का समय और बैठकें
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी. अंतिम बैठक 26 नवंबर 1949 को संविधान के अपनाने के लिए हुई. कुल समय 3 साल से थोड़ी कम यानी 2 साल 11 महीने और 18 दिन रहा. इस दौरान 11 सत्र आयोजित किए गए. हर सत्र में सदस्यों ने देश की कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे पर विस्तार से चर्चा की.
300 से ज्यादा सदस्य
संविधान सभा में 300 से ज्यादा सदस्य शामिल थे. इन सत्रों के दौरान करीब 53 हजार लोग विजिटर के रूप में उपस्थित हुए. यह संख्या संविधान बनाने में आम जनता की रुचि और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को दिखाती है. सदस्य अलग- अलग राज्यों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
संविधान का ड्राफ्ट और संशोधन
संविधान का ड्राफ्ट को संविधान सलाहकार द्वारा तैयार किया गया. प्रारंभिक ड्राफ्ट में 308 अनुच्छेद और 13 अनुसूचियां थीं. ड्राफ्टिंग कमेटी ने इसे संविधान सभा के सामने पेश किया जिसमें 315 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां शामिल थीं. कुल 7635 संशोधनों का प्रस्ताव रखा गया.
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अन्य देशों की तुलना
संविधान बनाने में अन्य देशों ने अलग समय लिया. अमेरिका ने 4 महीने में 7 अनुच्छेद बनाए. कनाडा को 2 साल 5 महीने लगे. ऑस्ट्रेलिया में 9 साल लगे. दक्षिण अफ्रीका ने 1 साल में संविधान तैयार किया. भारत का संविधान 2 साल 11 महीने और 18 दिन में 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियों के साथ तैयार हुआ.
मजबूत लोकतांत्रिक स्ट्रक्चर
संविधान सभा ने भारत को मजबूत लोकतांत्रिक स्ट्रक्चर दिया.3 साल की मेहनत और सदस्यो की व्यापक भागीदारी ने देश की दिशा तय की. भारत का संविधान अब दुनिया के सबसे बड़े और सबसे डिटेल लोकतांत्रिक दस्तावेजों में शामिल है. यह आज भी नागरिकों के अधिकार और कर्तव्यों की गारंटी देता है.