डॉलर के मुकाबले 8 साल बाद रुपये में आई एक दिन की सबसे बड़ी तेजी, 90.25 पर हुआ बंद; US-India ट्रेड डील का दिखा असर
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के बाद भारतीय रुपये में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किए गए रेसिप्रोकल टैरिफ ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे रुपया डॉलर के मुकाबले 1.24 रुपये उछलकर 90.25 पर बंद हुआ. यह 2018 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी मजबूती मानी जा रही है.
US India Trade Deal Dollar Rupees: भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील की घोषणा के बाद भारतीय मुद्रा में जोरदार मजबूती देखने को मिली. मंगलवार, 3 फरवरी को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.24 रुपये उछलकर 90.25 (प्रोविजनल) पर बंद हुआ. भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किए जाने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. इससे विदेशी निवेश प्रवाह में तेजी आने की उम्मीद जताई गहै, जिसका सीधा असर रुपये पर पड़ा. मजबूत इक्विटी बाजार, डॉलर में कमजोरी और पॉजिटिव वैश्विक संकेतों ने भी रुपये को सपोर्ट दिया.
8 साल बाद एक दिन की बड़ी बढ़त
HDFC सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक, भारतीय रुपये ने आज ऐतिहासिक तेजी दर्ज की है. रुपये में यह उछाल 18 दिसंबर 2018 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी मजबूती मानी जा रही है. यह तेजी लंबे समय से इंतजार किए जा रहे अमेरिका-भारत ट्रेड एग्रीमेंट के बाद देखने को मिली है, जिससे बीते कई महीनों से रुपये पर बना जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता का दबाव काफी हद तक खत्म हो गया है. इस तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत को 18 फीसदी का प्रेफरेंशियल टैरिफ मिलना है. इससे भारत अपने कई क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में आ गया है और घरेलू निर्यातकों को बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक फायदा मिलेगा.
बाजार में भी हरियाली
बजट 2026-27 के एक दिन बाद यानी सोमवार, 2 फरवरी को डॉलर के मुकाबले रुपया 44 पैसे बढ़कर 91.49 रुपये पर बंद हुआ था. इसी के साथ घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स में भी अच्छी तेजी आई. निफ्टी 50 और सेंसेक्स, दोनों ही 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुए.
और मजबूत होगा रुपया?
इससे इतर, परमार का कहना है कि बाजार में “रिस्क-ऑन” सेंटिमेंट की मजबूत वापसी और एक्सपोर्टर्स की ओर से आक्रामक डॉलर सेलिंग ने भी रुपये को मजबूती दी. लंबे समय से कमजोर प्रदर्शन के बाद एक्सपोर्टर्स ने इस सकारात्मक खबर का फायदा उठाया. आगे की बात करें तो डॉलर-रुपया (USD/INR) स्पॉट रेट में निकट भविष्य में सीमित दायरे में कारोबार रहने की संभावना है, हालांकि इसका रुझान नकारात्मक रह सकता है. 89.73 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट दिख रहा है, जबकि ऊपर की तरफ 91.08 के आसपास रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है.




