India-US Trade Deal: देश के कई जिलों को फिर से मिलेगी इकोनॉमिक बूस्ट, मिर्जापुर- भदोही में लौटेगी कालीन की रौनक

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील से मिर्जापुर और भदोही जैसे जिलों को बड़ा फायदा मिलने वाला है. अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है, जिससे कालीन उद्योग और अन्य निर्यातक राहत पाएंगे. Pathanamthitta, वाराणसी, सीहोर, उदयपुर और बागपत जैसे जिले भी इस डील से फायदे में रहेंगे..

ट्रेड डील से मिर्जापुर और भदोही जैसे जिलों को बड़ा फायदा मिलने वाला है. Image Credit:

India- US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ट्रेड डील से अमेरिकी टैरिफ घटने वाले हैं, जिससे निर्यातकों को राहत मिलने की संभावना है. खासतौर पर मिर्जापुर और भदोही जैसे क्षेत्र, जो कालीन बनाने के लिए दुनियाभर में फेमस हैं, इस समझौते से लाभ उठा सकते हैं. ये दोनों जिले अमेरिका को बड़ी मात्रा में कालीन एक्सपोर्ट करते हैं, लेकिन ट्रंप के टैरिफ लगाए जाने के बाद से इस व्यापार में तेजी से गिरावट आई है. इस डील की घोषणा से देश के कई दूसरे जिलों को भी इकोनॉमिक बूस्ट मिलने का उम्मीद है.

मिर्जापुर और भदोही को मिलेगा बड़ा फायदा

मिर्जापुर और भदोही का निर्यात अमेरिका पर बहुत अधिक निर्भर है. पहले यहां के उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लागू था. अब अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. इससे कालीन मैन्युफैक्चरर और निर्यातकों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा. स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है.

केरल का Pathanamthitta जिला

Pathanamthitta जिला मुख्य रूप से हल्दी तेल के निर्यात के लिए जाना जाता है. इस जिले के अधिकांश निर्यात अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं. FY25 में 67.6 करोड़ रुपये का हल्दी तेल अमेरिका भेजा गया. टैरिफ घटने से यहां के उत्पादों की कीमत कंपटीशन बनेगी और निर्यात बढ़ने की संभावना है.

वाराणसी के हैंडीक्राफ्ट क्लस्टर

वाराणसी के हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्टर, स्पेशल कालीन, इलेक्ट्रॉनिक्स और गहने, अमेरिकी बाजार में निर्यात किए जाते हैं. टैरिफ घटने से यहां के कारीगर और छोटे निर्यातक राहत महसूस करेंगे. इससे स्थानीय उद्योग और कारीगरों की आमदनी में सुधार हो सकता है.

मध्य प्रदेश और राजस्थान के जिले

सीहोर (मध्य प्रदेश) और उदयपुर (राजस्थान) भी अमेरिकी बाजार पर काफी निर्भर हैं. सीहोर का 30 फीसदी और उदयपुर का 36 फीसदी निर्यात अमेरिका के लिए होता है. टैरिफ घटने से इन जिलों में कपड़ा और प्लास्टिक उत्पादक कंपनियों को फायदा मिलेगा.

उत्तर प्रदेश का बागपत जिला

बागपत में शहद का निर्यात अमेरिकी बाजार पर आधारित है. यहां के 32 फीसदी निर्यात में अमेरिका प्रमुख खरीदार है. टैरिफ में कटौती से शहद और अन्य एग्रीक्लचर प्रोडक्ट की बिक्री में सुधार होने की उम्मीद है. इससे किसानों की आमदनी पर पॉजिटिव असर पड़ेगा.

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अन्य जिलों के लिए भी अवसर

टैरिफ कटौती से केवल यूपी और केरल ही नहीं, बल्कि भारत के अन्य निर्यात-आधारित जिले भी लाभ उठा सकते हैं. यह समझौता स्थानीय उद्योगों को नई संभावनाएं देगा और निर्यात बढ़ाने में मदद करेगा. निर्यातक अब अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों को आसानी से बेच पाएंगे.

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