अब हेलीकॉप्टर भी बनाएगा अडानी ग्रुप, इटली की दिग्गज कंपनी से मिलाया हाथ, सेना की जरूरतों पर रहेगा फोकस

अडानी ग्रुप और इटली की कंपनी Leonardo ने भारत में हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए रणनीतिक साझेदारी की है. इस करार से भारत में डिफेंस और एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलेगी. साझेदारी के तहत सेना की जरूरतों के लिए हेलीकॉप्टर बनाए जाएंगे. इसमें स्वदेशीकरण MRO सुविधा और पायलट ट्रेनिंग शामिल होगी.

अडानी ग्रुप देश में हेलीकॉप्टर बनाएगा. Image Credit:

Adani Defence: अडानी ग्रुप और इटली की एयरोस्पेस कंपनी Leonardo ने भारत में हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान किया है. इस करार से देश में डिफेंस और एविएशन सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है. यह कदम मेक इन इंडिया को नया बूस्ट देगा. दोनों कंपनियां मिलकर भारत में एक पूरा हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करेंगी. इसका मकसद सेना की जरूरतों को पूरा करना और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है. आने वाले वर्षों में भारत की हेलीकॉप्टर जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है.

बनेगा हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम

इस साझेदारी के तहत भारत में हेलीकॉप्टर बनाने का पूरा स्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा. इसमें मैन्युफैक्चरिंग असेंबली और सपोर्ट सिस्टम शामिल होगा. दोनों कंपनियां मिलकर मिलिट्री और सिविल जरूरतों पर फोकस करेंगी. इससे भारत में हेलीकॉप्टर प्रोडक्शन को नई दिशा मिलेगी. आयात पर निर्भरता कम होगी. घरेलू इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी.

सेना की जरूरतों पर रहेगा फोकस

यह साझेदारी खास तौर पर भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है. इसमें Leonardo के एडवांस्ड हेलीकॉप्टर मॉडल शामिल होंगे. आने वाले समय में सेना को बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर की जरूरत है. यह करार उस मांग को पूरा करने में मदद करेगा. डिफेंस सेक्टर को रणनीतिक बढ़त मिलेगी.

इंडीजेनाइजेशन और MRO पर जोर

इस प्रोजेक्ट में स्टेपवाइज तरीके से स्वदेशीकरण किया जाएगा. भारत में ही मेंटेनेंस रिपेयर और ओवरहॉल की सुविधा विकसित की जाएगी. इससे ऑपरेशनल लागत कम होगी. लंबे समय में यह डिफेंस एविएशन के लिए फायदेमंद साबित होगा. देश में टेक्नोलॉजी और स्किल का विकास होगा.

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पायलट ट्रेनिंग और सपोर्ट सिस्टम

साझेदारी के तहत पायलट ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जाएगी. भारत में ही वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग और सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा.एविएशन सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बनेंगे. यह एक कंप्लीट एविएशन इकोसिस्टम तैयार करेगा.

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