कमाई में किंग हैं सिक्किम के लोग, औसत भारतीय से तीन गुना इनकम, चीन को देते हैं टक्कर
सिक्किम ने पर्यटन से आगे बढ़कर मैन्युफैक्चरिंग और उद्योग के दम पर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है. राज्य की जीडीपी में 62% से ज्यादा योगदान उद्योग का है, जबकि बेरोजगारी दर बेहद कम है. महिलाओं की भागीदारी और तेज विकास दर इसे एक सफल आर्थिक मॉडल बनाते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह में शिरकत कर रहे हैं. इस ऐतिहासिक मौके पर वह राज्य को ₹4,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे. क्षेत्रफल के लिहाज से सिक्किम भले ही देश के सबसे छोटे राज्यों में शुमार हो, लेकिन आर्थिक संपन्नता के मामले में इसने बड़े-बड़े महारथियों को पीछे छोड़ दिया है.
चाहे देश की सिलिकॉन वैली बेंगलुरु (कर्नाटक) हो, फाइनेंशियल कैपिटल मुंबई (महाराष्ट्र) या फिर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, सिक्किम के लोगों की औसत कमाई इन सभी से कहीं ज्यादा है. आंकड़ों के आईने में देखें तो सिक्किम की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है. आइए समझते हैं कि कैसे हिमालय की गोद में बसा यह छोटा सा राज्य पूरे देश के लिए ‘ग्रोथ इंजन’ बन गया है.
कमाई के मामले में देश का नंबर-1 राज्य
नीति आयोग और पीआरएस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्किम की प्रति व्यक्ति आय का अनुपात भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय की तुलना में 3.2 गुना है. वित्त वर्ष 2023-24 में सिक्किम की प्रति व्यक्ति आय ₹7,07,181 अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.7% की भारी बढ़ोतरी दर्शाती है. यह आंकड़ा बताता है कि सिक्किम का हर नागरिक औसतन देश के किसी भी अन्य राज्य के नागरिक से अधिक समृद्ध है.
अर्थव्यवस्था का आधार: उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग
अक्सर माना जाता है कि पहाड़ी राज्यों की अर्थव्यवस्था केवल पर्यटन पर टिकी होती है, लेकिन सिक्किम ने इस धारणा को बदल दिया है.
- इंडस्ट्री सेक्टर का दबदबा: सिक्किम की अर्थव्यवस्था (GSVA) में अकेले उद्योग क्षेत्र का योगदान 62.6% है, जबकि देश के अन्य राज्यों का औसत महज 29.3% है. इस मामले में सिक्किम देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले स्थान पर है.
- मैन्युफैक्चरिंग का जोर: राज्य की अर्थव्यवस्था का 37.5% हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग और 20.6% बिजली (बिजली उत्पादन) से आता है. सिक्किम फार्मास्यूटिकल और क्लीन एनर्जी का बड़ा हब बनकर उभरा है.
- तेज विकास दर: वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सिक्किम की जीडीपी (GSDP) ₹52,555 करोड़ रहने का अनुमान है, जो 11% की विकास दर दिखाती है.
जहां दुनिया की मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर माने जाने वाले चीन की जीडीपी में इंडस्ट्री सेक्टर का योगदान लगभग 35-36% है, जो सिक्किम की भागीदारी से बेहद कम है. इतना ही नहीं, चीन की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा करीब 26-27% है, जबकि सिक्किम में यह 37 फीसदी के पार है. ये आंकड़े गवाह हैं कि सिक्किम का औद्योगिक ढांचा आज वैश्विक दिग्गजों को भी कड़ी चुनौती दे रहा है. चीन की प्रति व्यक्ति आय 13000 डॉलर है, जो इस सिक्किम की औसत आय 4-5 हजार डॉलर ज्यादा है.
बेरोजगारी कम और महिलाएं सबसे आगे
सिक्किम केवल अमीरी में ही नहीं, बल्कि सामाजिक मानकों पर भी मिसाल पेश कर रहा है.
- न्यूनतम बेरोजगारी: राज्य में बेरोजगारी दर घटकर मात्र 2.2% रह गई है, जो 2017-18 से लगातार राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे बनी हुई है.
- महिला श्रम शक्ति: सिक्किम में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी (LFPR) राष्ट्रीय औसत से बहुत बेहतर है. खास बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में महिलाएं न सिर्फ काम कर रही हैं, बल्कि उनमें से अधिकांश स्व-रोजगार (Self-employed) से जुड़ी हैं.
- शिक्षा का स्तर: राज्य में साक्षरता दर और बोर्ड परीक्षाओं (10वीं-12वीं) का पास प्रतिशत 94% के करीब है, जो शिक्षा के प्रति राज्य की गंभीरता को दर्शाता है.
भविष्य को बेहतर बनाने के लिए क्या तैयारी
पीएम मोदी के दौरे के साथ ही राज्य सरकार ने भविष्य के लिए बड़े लक्ष्यों की घोषणा की है:
- हाई-वैल्यू टूरिज्म: सिक्किम अब ‘मास टूरिज्म’ के बजाय ‘हाई-वैल्यू कॉरिडोर’ विकसित करने पर ध्यान दे रहा है. पर्यटकों की सुविधा के लिए त्सोम्गो (Tsogmo) और नाथुला जैसे संवेदनशील इलाकों के लिए ऑनलाइन परमिट सिस्टम शुरू किया गया है.
- कनेक्टिविटी: राज्य में ₹2,503 करोड़ की लागत से एक वैकल्पिक राजमार्ग (Alternate Highway) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे व्यापार और आवाजाही और आसान होगी.
- बुनियादी सुविधाएं: 2021 के आंकड़ों के अनुसार, सिक्किम में बिजली और स्वच्छता (Sanitation) की पहुंच राष्ट्रीय बेंचमार्क से ऊपर है.
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1975 में भारत का अभिन्न अंग बनने से लेकर आज देश का सबसे समृद्ध राज्य बनने तक, सिक्किम का सफर बाकि अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक है. खेती में 100% जैविक (Organic) होने के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग में नंबर-1 होना यह साबित करता है कि सही विजन और प्लानिंग सही हो तो आपका आकार मायने नहीं रखता.