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टैरिफ वॉर से अमेरिका को पहला झटका, बिक गई जूता बनाने वाली ये फेमस कंपनी, 74000 करोड़ में हुए डील

अमेरिकी फुटवियर कंपनी Skechers को निवेश फर्म 3G Capital ने करीब 9 अरब डॉलर में खरीद लिया है. यह सौदा कंपनी को प्राइवेट बनाने के लिए किया गया है. यह डील ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर और बढ़ते टैरिफ ने कंपनियों की लागत बढ़ा दी है. स्केचर्स के उत्पादों का बड़ा हिस्सा चीन में बनता है. कंपनी ने टैरिफ का असर कम करने के लिए उत्पादन रणनीतियों में बदलाव की बात कही है.

अमेरिकी फुटवियर कंपनी Skechers को निवेश फर्म 3G Capital ने करीब 9 अरब डॉलर में खरीद लिया है.

Skechers Acquisition: ट्रंप टैरिफ का मार चीन की कंपनियों से ज्यादा खुद अमेरिका की कंपनियों पर ज्यादा होता दिख रहा है. जहां एक तरफ मेटा और टेस्ला समेत टॉप 10 कंपनियों के प्रॉफिट और वैल्युएशन में भारी कमी आई है, वहीं कई अन्य कंपनियों को भारी नुकसान उठाने पड़े हैं. अब अमेरिका की दिग्गज फुटवियर कंपनी स्केचर्स को 3G कैपिटल नाम की एक निवेश फर्म ने 9 अरब डॉलर में खरीद लिया है. यह सौदा कंपनी को प्राइवेट बनाने के लिए हुआ है. हालांकि सौदा पूरा होने के बाद भी कंपनी का नेतृत्व इसके मौजूदा चेयरमैन और CEO रॉबर्ट ग्रीनबर्ग के हाथों में रहेगा और हेडक्वार्टर मैनहैटन बीच, कैलिफोर्निया में ही बना रहेगा.

30 फीसदी प्रीमियम पर डील

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील को कंपनी के पिछले 15 दिनों के औसत शेयर प्राइस से 30 फीसदी अधिक प्राइस पर किया गया है. इस डील के तहत 63 डॉलर प्रति शेयर की पेशकश की गई है. कंपनी के बोर्ड ने इस डील को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है. इस डील के बाद कंपनी के शेयरों में 25 फीसदी की उछाल देखी गई है और इसकी कीमत \$61.56 तक पहुंच गई है.

टैरिफ से बढ़ी कंपनी की परेशानी

चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर से कंपनी की परेशानी बढ़ गई है क्योंकि कंपनी ज्यादातर उत्पाद चीन और एशिया के देशों में बनाती है. कंपनी की कुल बिक्री का 15 फीसदी चीन से आता है, जबकि दो-तिहाई राजस्व अमेरिका से बाहर के बाजारों से आता है. राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन समेत एशिया के कई देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाया है, जिसके चलते कंपनी के उत्पादों की कीमत काफी बढ़ गई है.

कीमतों में बदलाव की तैयारी

कंपनी ने संकेत दिया है कि वे “उच्च लागत वाले स्थानों” से अमेरिका आने वाले उत्पादों को कम करने की योजना बना रही है. इसके लिए स्केचर्स कई उपायों पर काम कर रही है, जैसे कि कॉस्ट शेयरिंग, सोर्स ऑप्टिमाइजेशन और उत्पादों की कीमतों में बदलाव करना शामिल है.

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कैसी है कंपनी की स्थिति

स्केचर्स के 5,300 रिटेल स्टोर दुनिया भर के देशों में हैं. इनमें से 1,800 स्टोर कंपनी के खुद के हैं. 2024 में कंपनी का रेवेन्यू 9 अरब अमेरिकी डॉलर रहा और प्रॉफिट 640 मिलियन डॉलर रहा.