T20 में भोजपुरी-हरियाणवी हिट, कंपनियों को मिला कमाई का नया जैकपॉट, बढ़ गई 53 फीसदी गैर अंग्रेजी व्यूअरशिप

T20 WC 2026 के साथ रिजनल लैंग्वेज कॉमेंट्री का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. अब फैंस सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी-अपनी भाषा में मैच का मजा लेना चाहते हैं. यही वजह है कि ब्रॉडकास्टर्स भोजपुरी, हरियाणवी, तमिल, तेलुगु, मराठी जैसी कई भाषाओं में कॉमेंट्री दे रहे हैं.

T20 में भोजपुरी-हरियाणवी हिट Image Credit: AI/Money9 live

T20 WC 2026: भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं बल्कि इमोशन है. अब इस इमोशन को और गहराई से जोड़ने के लिए ब्रॉडकास्टर्स ने बड़ा दांव खेला है. T20 WC 2026 के साथ रिजनल लैंग्वेज कॉमेंट्री का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. अब फैंस सिर्फ हिंदी या अंग्रेजी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपनी-अपनी भाषा में मैच का मजा लेना चाहते हैं. यही वजह है कि ब्रॉडकास्टर्स भोजपुरी, हरियाणवी, तमिल, तेलुगु, मराठी जैसी कई भाषाओं में कॉमेंट्री दे रहे हैं. इससे दर्शकों की संख्या बढ़ रही है, देखने का समय बढ़ रहा है और कंपनियों को ज्यादा कमाई हो रही है. यानी भाषा अब सिर्फ समझने का जरिया नहीं रही, बल्कि यह क्रिकेट के बिजनेस का सबसे बड़ा हथियार बन गई है.

रिजनल कॉमेंट्री से बढ़ी व्यूअरशिप

भारत जैसे देश में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं. पहले कई लोग अंग्रेजी या हिंदी कॉमेंट्री को पूरी तरह समझ नहीं पाते थे. लेकिन अब रिजनल लैंग्वेज कॉमेंट्री आने से ज्यादा लोग मैच से जुड़ रहे हैं. यही वजह है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यूअरशिप में बड़ा उछाल आया है. रिपोर्ट के अनुसार, नॉन-इंग्लिश कॉमेंट्री की वजह से डिजिटल व्यूज में करीब 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

जियोहॉटस्टार का बड़ा दांव

IPL के दौरान जियोसिनेमा ने 12 अलग-अलग भाषाओं में कॉमेंट्री शुरू की थी. इसका असर साफ दिखा. दर्शकों ने ज्यादा समय तक मैच देखना शुरू किया. पहले वीकेंड में ही औसत देखने का समय 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया. अब T20 WC 2026 में जियोस्टार नेटवर्क 9 भाषाओं में कॉमेंट्री दे रहा है, जिसमें पहली बार भोजपुरी और हरियाणवी भी शामिल हैं.

कॉमेंट्री हिंदी, उर्दू, नेपाली और सिंहला जैसी भाषाओं में भी कॉमेंट्री सुनने को मिल रही है. भारत में मैच स्टार स्पोर्ट्स और जियोहॉटस्टार पर दिखाए जाएंगे. वहीं ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूके, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी हिंदी कॉमेंट्री उपलब्ध होगी.

विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप से भारी कमाई

रिजनल लैंग्वेज कॉमेंट्री से कंपनियों को ज्यादा कमाई का मौका मिल रहा है. ब्रांड्स अब अलग-अलग भाषा के दर्शकों को टारगेट कर सकते हैं. जैसे तमिल या तेलुगु ऑडियंस के लिए अलग विज्ञापन चलाए जा सकते हैं. यही वजह है कि 2026 के वर्ल्ड कप के लिए टीवी स्पॉन्सरशिप रेट में 45 प्रतिशत और डिजिटल रेट में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है.

भारत में हिंदी अभी भी सबसे ज्यादा देखी जाती है और कुल व्यूअरशिप का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा रखती है. वहीं अन्य रिजनल भाषाओं की हिस्सेदारी भी बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है. कई मामलों में रिजनल लैंग्वेज फीड इंग्लिश से 4 गुना ज्यादा व्यूअरशिप ला रही है. भोजपुरी और पंजाबी जैसी भाषाएं भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं.

AI से बदल रही कॉमेंट्री की दुनिया

अब टेक्नोलॉजी भी इस बदलाव को तेजी दे रही है. फैनकोड और CAMB.AI जैसी कंपनियां AI के जरिए लाइव मैच को कई भाषाओं में ट्रांसलेट कर रही हैं. यह टेक्नोलॉजी रियल टाइम में कॉमेंट्री देती है और उसमें भीड़ का शोर और मैच का रोमांच भी बनाए रखती है. इससे छोटे शहरों और अलग-अलग भाषाओं के दर्शकों तक आसानी से पहुंच बनाई जा रही है.

डिजिटल फीचर्स से बढ़ा एंगेजमेंट

जियोहॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म पर अब दर्शक अपनी पसंद की भाषा में आसानी से स्विच कर सकते हैं. इसके अलावा मल्टी कैमरा, मोबाइल फ्रेंडली व्यू और साइन लैंग्वेज जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं. इससे दर्शकों का अनुभव बेहतर हो रहा है और वे ज्यादा समय तक प्लेटफॉर्म पर बने रहते हैं.

बड़ा कमेंट्री पैनल और स्टार पावर

इस बार टूर्नामेंट में 100 से ज्यादा कमेंटेटर्स शामिल होंगे. इसमें युवराज ही नहीं बल्कि युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी पहली बार कॉमेंट्री करते दिखेंगे. साथ ही इरफान पठान, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर जैसे बड़े नाम भी जुड़े हैं. इंटरनेशनल कमेंटेटर्स भी इस शो का हिस्सा होंगे.

सोर्स: Economic times, ICC, Sports Pro, Best Media info, Whoppl

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