कुछ घंटों में बदले ट्रंप, ग्लोबल टैरिफ 10 से बढ़ाकर किया 15 फीसदी, बोले- कुछ महीनों में आएगी पूरी डिटेल
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6–3 के बहुमत से फैसला देते हुए कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट यानी IEEPA राष्ट्रपति को यह अधिकार नहीं देता कि वह आपातकालीन शक्तियों के तहत सभी आयात पर एक साथ बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा दें.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ग्लोबल टैरिफ को रद्द करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप अपने ही फैसले को बार-बार बदल रहे हैं. कुछ घंटे पहले 10 फीसदी का टैरिफ लगाया था, जो अब बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह कानूनी है और इसकी कानूनी जांच भी हो चुकी है. उनका साफ संदेश था कि उनकी ट्रेड नीति किसी भी हालत में रुकने वाली नहीं है. साथ ही कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन नए और कानूनी रूप से टैरिफ तय करेगा और लागू करेगा. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने इसे बेहद निराशाजनक बताया जो बेहद हास्यास्पद, खराब तरीके से लिखा गया और असाधारण रूप से अमेरिका विरोधी है.
किस कानून के तरत किया गया लागू
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, 1974 के व्यापार अधिनियम (Trade Act of 1974) की धारा 122 का उपयोग करते हुए नया 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया है. यह कानून उन्हें 150 दिनों तक 15 फीसदी तक का शुल्क लगाने का अधिकार देता है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6–3 के बहुमत से फैसला देते हुए कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट यानी IEEPA राष्ट्रपति को यह अधिकार नहीं देता कि वह आपातकालीन शक्तियों के तहत सभी आयात पर एक साथ बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा दें. कोर्ट का यह फैसला ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इसके बाद अब पहले वसूले गए टैरिफ पर अरबों डॉलर के रिफंड दावों की संभावना भी बन गई है.
कोर्ट के फैसले पर नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने इसे बेहद निराशाजनक बताया जो बेहद हास्यास्पद, खराब तरीके से लिखा गया और असाधारण रूप से अमेरिका विरोधी है.
