वोडा-आइडिया ने 45000 करोड़ खर्च करने का बनाया प्लान, 5G कवरेज का होगा विस्तार; ग्राहकों को जोड़ने का बनाया लक्ष्य
कैपेक्स प्लान को सपोर्ट करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर 25,000 करोड़ रुपये की बैंक फंडिंग और 10,000 करोड़ रुपये की नॉन-फंडेड सुविधाओं से जुटाने की सोच रहा है. कंपनी अगले तीन साल में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तीन गुना बढ़ोतरी और लगातार सब्सक्राइबर जोड़ने का लक्ष्य बना रही है.
वित्तीय संकट से जूझ रही टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी वोडाफोन आइडिया ने मंगलवार को कहा कि वह अगले तीन साल में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तीन गुना बढ़ोतरी और लगातार सब्सक्राइबर जोड़ने का लक्ष्य बना रही है. कंपनी ने अपनी Vi 2.0 स्ट्रैटेजी के तहत 45,000 करोड़ रुपये की पूंजी खर्च योजना का ऐलान किया है. कंपनी ने मुंबई में एक एनालिस्ट मीट में बताया कि यह प्रस्तावित निवेश, पिछले छह तिमाहियों में खर्च किए गए 18,000 करोड़ रुपये के साथ मिलकर, कंपनी का कुल नेटवर्क निवेश साढ़े चार साल की अवधि में 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा.
कैपेक्स प्लान
कैपेक्स प्लान को सपोर्ट करने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर 25,000 करोड़ रुपये की बैंक फंडिंग और 10,000 करोड़ रुपये की नॉन-फंडेड सुविधाओं से जुटाने की सोच रहा है. वोडाफोन आइडिया के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अभिजीत किशोर ने एनालिस्ट मीट में कहा, ‘हम इस समय (फंड जुटाने के लिए) इक्विटी पर विचार नहीं कर रहे हैं.’
किशोर ने कहा, ‘AGR का बोझ अब खत्म हो गया है. मेरे हिसाब से यह (सरकार से मिली राहत) एक पक्का, निर्णायक और लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन है, जिससे हमारे कैश फ्लो पर बहुत साफ पिक्चर दिख रही है.’
नेटवर्क का विस्तार
उन्होंने कहा कि कैपेक्स का इस्तेमाल नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा. टेलीकॉम ऑपरेटर की योजना अगले 12 से 24 महीनों में अपने 17 प्रायोरिटी सर्किलों में कॉम्पिटिटर्स के साथ 4G बराबरी हासिल करने की है – जो रेवेन्यू का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा देते हैं. इसके साथ ही यह अगले 12-30 महीनों में 20,000 से अधिक आबादी वाले शहरी बाजारों में 5G कवरेज का विस्तार करेगा.
किशोर ने कहा, ‘फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) जो 5G पर है, हम निश्चित रूप से SOHO (स्मॉल ऑफिस होम ऑफिस) और होम स्पेस में जाना चाहेंगे, जहां हम अभी मौजूद नहीं हैं. हम छोटे ऑफिस या होम ऑफिस में एंट्री करने के लिए कुछ ऑप्शन और मौके देख रहे हैं.’
एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू बकाया
किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है जब वोडाफोन आइडिया को सरकार से अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू बकाया के पेमेंट पर थोड़ी राहत मिली है. 31 दिसंबर को कैबिनेट ने कंपनी के दिसंबर के आखिर तक के 87,695 करोड़ रुपये के AGR बकाया को फ्रीज करने का फैसला किया था.
किशोर ने कहा, ‘AGR के बोझ की वजह से फंडिंग नहीं मिल रही थी. फंडिंग के बिना, इन्वेस्टमेंट और डिप्लॉयमेंट पर असर पड़ा. इससे नेटवर्क एक्सपीरियंस खराब हुआ, ब्रांड की इमेज पर असर पड़ा और सब्सक्राइबर कम हो गए.’ उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी जल्द ही नेगेटिव कस्टमर एडिशन से बाहर निकल जाएगी.
AGR बकाया फ्रीज होने के बाद, टेलीकॉम कंपनी को अगले छह साल में मार्च 2026 से मार्च 2031 तक, AGR पेमेंट के लिए कुल 744 करोड़ रुपये देने होंगे, जो हर साल ज्यादा से ज्यादा 124 करोड़ रुपये होंगे. उसे मार्च 2032 से मार्च 2035 तक चार साल के लिए सालाना 100 करोड़ रुपये भी देने होंगे.
पेमेंट प्लान मंजूर
सरकार ने कंपनी के लिए FY32-41 के दौरान अपने फ्रीज़ AGR बकाया को चुकाने के लिए एक पेमेंट प्लान मंजूर किया था. अक्टूबर और नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, सरकार ने कंपनी के AGR बकाया का फिर से आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. हालांकि AGR बकाया फ्रीज हैं, अगले तीन साल में वोडाफोन आइडिया को लगभग 49,000 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम पेमेंट की जिम्मेदारी का सामना करना पड़ेगा. पहली किस्त लगभग 7,000 करोड़ रुपये, दूसरी में 15,000 करोड़ रुपये और तीसरी में लगभग 27,000 करोड़ रुपये होगी.