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86 घंटे में पाक की दिख गई औकात, आपरेशन सिंदूर से युद्ध विराम तक, जानें भारत को क्या मिला..

युद्ध विराम को लेकर दोनों देशों की भाषाओं से ही समझ में आता है कि इस 4 दिन के आंशिक युद्ध में भारत ने कैसे पाकिस्तान को धूल चटाई है. भारत ने साफ कर दिया अब वह आतंक के किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा. यानी पाकिस्तान अगर भविष्य में कोई आतंकी हमला करता है तो उसे युद्ध माना जाएगा.

भारत और पाकिस्तान में युद्ध विराम पर सहमति Image Credit: Money9live

India-Pak Ceasefire:भारत और पाकिस्तान के बीच 7 मई को शुरू हुआ आंशिक युद्ध 10 मई को शाम 5 बजे युद्ध विराम की सहमति के साथ रुक गया है. इस यु्द्ध की शुरूआत 22 अप्रैल को पाकिस्तान की शह पर पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले से शुरू हुई थी. जिसमें 26 निर्दोष आम नागरिक मारे गए थे. पूरी दुनिया ने देखा था कि आतंकियों ने कैसे धर्म के नाम पर आम लोगों की बड़ी क्रूरता के साथ हत्या की थी. दुनिया ने यह भी देखा कि कैसे नवविवाहिताओं का सुहाग उजड़ा था. और कैसे बेटियां और महिलाएं लाचार थी. इसके जवाब में जब 7 मई को भारत ने आपरेशन सिंदूर शुरू किया तो दुनिया ने यह भी देखा कि भारतीय सेना ने कैसे संयम तरीके से पाकिस्तान और पीओके में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया.

सरकार का दावा है कि इस आपरेशन में न केवल करीब 100 आतंकी मारे गए, बल्कि आतंकियों की ऑक्सीजन लाइन और आतंकी संगठनों के मुख्यालयों को भी ध्वस्त किया गया. भारत ने उसके बाद पाकिस्तान को चेताया भी था कि वह कोई नापाक हरकत ना करें, लेकिन जिस तरह पाकिस्तान के हुक्मरान और सेना के लोग आतंकियों के जनाजे में दिखे उससे उनका चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया. पाकिस्तान इतने के बावजूद नहीं माना और उसने भारत पर ड्रोन और मिसाइल से नाकाम हमले किए. और जब भारत की एयरफोर्स, नौसेना और थल सेना ने मिलकर उनके सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किए, तो लाहौर, कराची, रावलपिंडी,इस्लामाबाद ने जो तबाही देखी, तब जाकर पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने आई. और अब वह युद्ध विराम के लिए तैयार हो गया. आलम यह है कि 10 मई को दोपहर से पाकिस्तान युद्ध विराम के संकेत देने लगा था.

युद्ध विराम सहमति की भाषा समझिए

युद्ध विराम को लेकर दोनों देशों की भाषाओं से ही समझ में आता है कि इस 4 दिन के आंशिक युद्ध में भारत ने कैसे पाकिस्तान को धूल चटाई है. युद्ध विराम की जानकारी देते हुए भारतीय सेना ने साफ तौर पर कहा है कि युद्ध विराम की सहमति के बाद पाकिस्तान कोई हिमाकत करता है तो उसे मुंह तोड़ जवाब मिलेगा. यही नहीं सेना ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान ने अगर कोई गलती कि तो आगे भी आपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे. इसके पहले सरकार ने भी यह फैसला ले लिया है कि अगर आगे कोई भी आतंकी हमला पाकिस्तान भारत पर करेगा या करवाएगा तो उसे युद्ध माना जाएगा. अब जरा पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का जियो न्यूज टीवी को दिए बयान को पढ़िए, डार ने कहा है कि युद्ध विराम पूरी तरह से लागू होगा. वह आंशिक युद्ध विराम नहीं है. साफ है कि पाकिस्तान डर गया है और उसे अपना भविष्य दिखने लगा है. आइए अब जानते हैं कि आपरेशन सिंदूर से भारत को क्या मिला. हालांकि एक बात और समझनी चाहिए कि पाकिस्तान की किसी बात भरोसा करना मुश्किल ही है. इसके संकेत युद्ध विराम की सहमति बनने के महज 3 घंटे बाद पाकिस्तान ने कश्मीर में फिर से ड्रोन से हमले शुरू कर दिए. खैर ये तो चलेगा. और भारत उसका मुंहतोड़ जवाब भी देगा. लेकिन यह साफ है कि पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने आ गई है.

अब कोई संयम नहीं सीधे युद्ध

भारत ने साफ कर दिया अब वह आतंक के किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा. यानी पाकिस्तान अगर भविष्य में कोई आतंकी हमला करता है तो उसे युद्ध माना जाएगा. यह पाकिस्तान को सीधा संदेश है कि अब उसके हर दुस्साहस पर भारत सीधे हमला करेगा. इसके साथ ही दुनिया को भारत का संदेश है कि पाकिस्तान नहीं सुधरेगा, तो वह अपने निर्दोष लोगों की हत्या बर्दाश्त नहीं करेगा. सीधे युद्ध जैसी कार्रवाई करेगा.

भारतीय सेना का कोई मुकाबला नहीं, सब उसके आगे फेल

इस युद्ध से एक बार फिर भारतीय सेना की ताकत दुनिया ने देखी है. जिस तरह सेना ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल अटैक से देश के शहरों और नागरिकों को बचाया, वह उसकी क्षमता को दिखाता है. भारत का एयर डिफेंस सिस्टम अभेद्य रहा और पाकिस्तान के तुर्की से लिए गए ड्रोन, उसकी फतह और अब्दाली जैसी मिसाइल हवा में तबाह हो गई. भारत ने 100 फीसदी ड्रोन और मिसाइल को तबाह किया. ऐसा तो इजरायल भी नहीं कर पाया. इसके अलावा 9 आतंकी हमलों और बाद पाकिस्तान के ड्रोन हमलों से बचने के लिए जिस तरह भारत ने हारोप ड्रोन, S-400,आकाश मिसाइल सहित सुसाइड ड्रोन से परफेक्ट हमले किए.उससे दुनिया हैरान है. इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के नूर खान / चकलाला,रफ़ीकी,सुक्कुर, सियालकोट,जकोबाबाद जैसे करीब 8-10 एयरबेस तबाह किए उससे पाकिस्तान को यह समझ आ गया गया होगा कि वह भारत का मुकाबला नहीं कर सकता.

भारत की शानदार कूटनीति

आपरेशन सिंदूर और उसके बाद भारत की जवाबी कार्रवाई में सेना की ताकत के साथ- भारतीय कूटनीति भी कमाल की रही. पाकिस्तान पूरी तरह से दुनिया में अलग-थलग था. उसे केवल तुर्किए और अजरबेजान का खुलकर सपोर्ट मिला. लेकिन उसका सबसे भरोसेमंद देश चीन भी खुलकर सपोर्ट में नहीं आया. इसी तरह मुस्लिम देश भी पाकिस्तान के साथ खड़े नजर नहीं आए. वहीं अमेरिका ने साफ तौर पर कह दिया था कि यह भारत और पाकिस्तान का मामला है वह इस बीच में नहीं पड़ेगा. इसी तरह सिंधु जल समझौता रद्ध करने के फैसले पर विश्व बैंक ने भी साफ कर दिया कि वह कुछ नहीं करने वाला है. यानी यहां भी पाकिस्तान को कोई उम्मीद नहीं दिखी. हालांकि उसे इस दौरान अंतरराष्ट्री मुद्रा कोष से एक अरब डॉलर का लोन जरूर मिल गया.

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पाकिस्तानी सेना की कमजोरी

इस 4 दिन के छोटे युद्ध में पाकिस्तानी सेना की भी पोल खुल गई और जनरल मुनीर अपने देश के आवाम के आगे एक्सपोज भी हुआ. पाकिस्तान ने 600-700 मिसाइल और ड्रोन अटैक किए. लेकिन सब हवा में भारतीय सेना ने फेल कर दिया. उसका एयर डिफेंस सिस्टम तबाह हो गया. चीन का HQ-10 भारतीय ड्रोन और मिसाइल को रोक ही नहीं पाया. इसी तरह AWACS सिस्टम तबाह हो गया. साफ है कि अब पाकिस्तानी सेना पर वहां की आवाम आसानी से भरोसा नहीं करेगी.

इकोनॉमिक पॉवर

इन 4 दिनों में भारत की मजबूत इकोनॉमी का भी असर दिखा. जहां पाकिस्तान का कराची स्टॉक एक्सचेंज क्रैश हो गया वहीं वह लगातार गिरा और एक दिन में 8000 अंकों तक टूट गया. वही भारतीय शेयर बाजार पर मामूली असर ही हुआ. सेंसेक्स में बहुत बड़ी गिरावट नहीं देखी गई. वह इंट्रा डे में 1366 अंकों तक ही गिरा. और वह 80,000 अंकों के करीब बना हुआ है. शुक्रवार (9 मई) को सेंसेक्स 79,454.47 अंक पर बंद हुआ.

देश एकजुट

इस युद्ध के दौरान पूरा देश एकजुट रहा. कश्मीर से कन्याकुमारी तक सभी भारतीय पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मोदी सरकार के साथ खड़े रहे. इसी तरह पूरा विपक्ष के सरकार के साथ रहा. इससे भी पाकिस्तान के मंसूबे फेल हुए. जो भारत में हिंदू-मुस्लिम दंगे कराना चाहता है. यहां पर पाकिस्तान ने मात खाई.

मोदी की लीडरशिप

एक और अहम बात यह हुई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि अब कहीं ज्यादा मजबूत हो गई. उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा और मजबूत हुआ है. जिस तरह पहलगाम हमले के बाद उन्होंने कहा था कि इस कायराना हरकत का बदला लिया जाएगा. और दोषियों को मिट्टी में मिला देंगे. वह सही साबित हुआ.