सहारा निवेशकों को जल्‍द मिलेंगे फंसे हुए पैसे, सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये सख्‍त निर्देश

अदालत ने ग्रुप को 15 दिन के अंदर एक अलग एस्क्रो अकाउंट (थर्ड पार्टी अकाउंट) में 1,000 करोड़ रुपए जमा कराने और मुंबई के वर्सोवा में जमीन के डेवलपमेंट के लिए ज्‍वाइंट वेंचर बनाने की भी बात कही.

सहारा ग्रुप को 1000 करोड़ रुपए जमा करने के कोर्ट ने दिए निर्देश Image Credit: gettyimages/freepik

सहारा में निवेश करने वाले लाखों निवेशक लंबे अरसे से अपने पैसे वापस पाने का इंतजार कर रहे हैं, अगर आप भी उन्‍हीं में से एक हैं तो जल्‍द ही आपका इंतजार खत्‍म हो सकता है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को निवेशकों के पैसे वापस करने को कहा है. इसके लिए कोर्ट ने सहारा ग्रुप की प्रॉपर्टी बेचकर सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट में रुपए जमा करने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने ग्रुप को 15 दिन के अंदर एक अलग एस्क्रो अकाउंट (थर्ड पार्टी अकाउंट) में 1,000 करोड़ रुपए जमा कराने और मुंबई के वर्सोवा में जमीन के डेवलपमेंट के लिए ज्‍वाइंट वेंचर बनाने की भी बात कही. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से निवेशकों को जल्‍द ही अपने फंसे हुए पैसे मिलने की उम्‍मीद है.

न्यायमूर्ति संजीव खन्‍ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि अगर ज्‍वाइंट वेंचर 15 दिन के अंदर अदालत में दाखिल नहीं होता है तो वह वर्सोवा में ग्रुप की 1.21 करोड़ वर्ग फीट जमीन ‘जहां है जैसी है’ के आधार पर बेच देगी. बता दें सुप्रीम कोर्ट की ओर से ज्‍वाइंट वेंचर को मंजूरी देने का मकसद जल्‍द ही 10,000 करोड़ रुपए पाना है, जिसे सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट में जमा किया जाएगा. जिसे बाद में निवेशकों को लौटाया जाएगा.

15 दिन की दी गई मोहलत

पीठ ने यह भी कहा सहारा ग्रुप की कंपनियों, एसआईआरईसीएल और एसएचआईसीएल को 15 दिनों की मोहलत दी गई है. कोर्ट का कहना है कि अगर ज्‍वाइंटर वेंचर तय समय में दाखिल नहीं होता है तो वहवर्सोवा की जमीन को बेच देगा. थर्ड पार्टी की तरफ से जमा की जाने वाली 1,000 करोड़ रुपए की राशि एस्क्रो अकाउंट में रखी जाएगी. मामले पर अगली सुनवाई एक महीने बाद की जाएगी. बता दें शीर्ष अदालत ने सहारा ग्रुप की कंपनियों- सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) को मुंबई में कुछ प्रोजेक्‍ट के लिए ज्‍वाइंट वेंचर की अनुमति दी थी, इसके तहत साल 2012 में करीब 25,000 करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश दिया गया था. मगर सहारा ग्रुप की तरफ से महज 15000 करोड़ रुपए ही जमा हुए थे अभी भी 10000 करोड़ रुपए जमा होना बाकी है.