बुर्ज खलीफा से लेकर दुबई के हर कोने तक ईरान ने दागीं सैकड़ों मिसाइलें… फिर भी सेफ, जानें किस सिस्टम से बना अभेद कवच
हाल ही में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर हमले किए. इनमें दुबई भी शामिल था. रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने UAE की ओर करीब 189 बैलिस्टिक मिसाइल और 900 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए. इन हमलों का मकसद अमेरिका के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक जगहों को निशाना बनाना था. हालांकि UAE की रक्षा प्रणाली ने अधिकतर हमलों को रास्ते में ही रोक दिया.
How dubai is safe from Iran attack: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका-इजराइल के टकराव का असर खाड़ी देशों पर भी दिखाई देने लगा है. हाल ही में ईरान ने दुबई पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इन हमलों का असर बुर्ज खलीफा और अबू धाबी तक महसूस किया गया. कई लोगों ने आसमान में धमाके सुने और कुछ जगहों पर मिसाइल के टुकड़े भी गिरे.
हालांकि बड़ी तबाही नहीं हुई क्योंकि दुबई के पास बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद है. इन security systems ने ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया. अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन सा सिस्टम है जो दुबई जैसे शहर को मिसाइल हमलों से बचा रहा है. आइए विस्तार से समझते हैं.
UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमला
हाल ही में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों पर हमले किए. इनमें UAE भी शामिल था. रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने UAE की ओर करीब 189 बैलिस्टिक मिसाइल और 900 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए. इन हमलों का मकसद अमेरिका के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक जगहों को निशाना बनाना था. हालांकि UAE की रक्षा प्रणाली ने अधिकतर हमलों को रास्ते में ही रोक दिया.
दुबई की सुरक्षा का मजबूत सिस्टम
UAE के पास दुनिया की सबसे आधुनिक एयर डिफेंस प्रणालियों में से एक है. इसे मल्टी लेयर यानी कई स्तरों वाली सुरक्षा सिस्टम कहा जाता है. इस सिस्टम में अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर आने वाले खतरे को रोकने के लिए अलग तकनीक का इस्तेमाल होता है. इससे मिसाइल, ड्रोन और अन्य हमलों को समय रहते रोका जा सकता है.
क्यों सेफ हैं दुबई
| कारण | इसलिए है सेफ |
|---|---|
| Geographical distance | दुबई ईरान के तट से करीब 150 किमी दूर है, इसलिए तुरंत हमला करना आसान नहीं होता. |
| एडवांस चेतावनी सिस्टम | सैटेलाइट और रडार सिस्टम पहले ही मिसाइल या ड्रोन का पता लगा लेते हैं. |
| THAAD डिफेंस सिस्टम | THAAD सिस्टम अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर देता है. |
| सीमित लक्ष्य | ईरान मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, आम लोगों को नहीं. |
| तेज इमरजेंसी प्रतिक्रिया | UAE की सिविल डिफेंस टीम बहुत तेज और मजबूत मानी जाती है. |
THAAD सिस्टम कैसे काम करता है
दुबई की सुरक्षा में सबसे अहम भूमिका THAAD सिस्टम निभाता है. THAAD का पूरा नाम Terminal High Altitude Area Defense है. यह अमेरिका द्वारा बनाया गया एक एडवांस सिस्टम है जो बैलिस्टिक मिसाइल को आसमान में ही नष्ट कर देता है. जब दुश्मन देश मिसाइल दागता है तो यह सिस्टम रडार के जरिए उसे ट्रैक करता है और हवा में ही इंटरसेप्टर मिसाइल भेजकर उसे खत्म कर देता है.
Patriot और अन्य सिस्टम भी एक्टिव
THAAD के अलावा UAE के पास Patriot PAC-3 सिस्टम भी है. यह सिस्टम कम ऊंचाई पर आने वाली मिसाइल और विमानों को रोकने में मदद करता है. इसके साथ ही IRIS-T और Pantsir-S1 जैसे सिस्टम भी इस्तेमाल किए जाते हैं. ये छोटे ड्रोन और कम दूरी के खतरों को खत्म करने में मदद करते हैं.

ज्यादातर हमले हवा में ही नष्ट
UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने 189 में से 175 मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया. इसके अलावा सैकड़ों ड्रोन भी इंटरसेप्ट कर लिए गए. हालांकि कुछ जगहों पर मिसाइल के टुकड़े गिरने से नुकसान हुआ और कुछ लोगों की मौत भी हुई.
क्या हैं मौजूदा स्थिति
- 28 फरवरी 2026 की सुबह जल्दी हमला हुआ.
- UAE के कुछ इलाके, खासकर जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं.
- ईरान की कई बैलिस्टिक मिसाइलों को THAAD सिस्टम ने हवा में ही रोक दिया.
- अबू धाबी में गिरते मलबे की वजह से 1 व्यक्ति की मौत हुई.
- अबू धाबी के कुछ रिहायशी इलाकों में मलबा गिरने से हल्का नुकसान हुआ.
- दुबई में 4 जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, लेकिन मिसाइलें रोक ली गईं.
- दुबई के DXB और DWC एयरपोर्ट फिलहाल बंद कर दिए गए हैं.
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