अमित शाह ने लॉन्च किया CRS ऐप, अब एक क्लिक पर बनेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
शाह ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया विजन के तहत शासन को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के लिए आज नागरिक पंजीकरण प्रणाली मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है. यह एप्लिकेशन नागरिकों को किसी भी समय, किसी भी स्थान से और अपने राज्य की आधिकारिक भाषा में पंजीकरण करने की अनुमति देकर जन्म और मृत्यु पंजीकरण को सरल और परेशानी मुक्त बनाएगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नागरिक पंजीकरण प्रणाली यानी CRS ऐप को लॉन्च किया है. इस ऐप के माध्यम से अब जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी. वे एक क्लिक पर अपने फोन से इसे आसानी से कर सकेंगे. इस मोबाइल ऐप से जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में समय की बचत होगी और लोगों को कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी.
इस अवसर पर शाह ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया विजन के तहत शासन को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के लिए आज नागरिक पंजीकरण प्रणाली मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है. यह एप्लिकेशन नागरिकों को किसी भी समय, किसी भी स्थान से और अपने राज्य की आधिकारिक भाषा में पंजीकरण करने की अनुमति देकर जन्म और मृत्यु पंजीकरण को सरल और परेशानी मुक्त बनाएगा.
कैसे करना होगा रजिस्ट्रेशन
सेंसस इंडिया 2021 के आधिकारिक हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए बताया गया है कि इसके जरिए जन्म और मृत्यु का पंजीकरण आसानी से हो सकेगा. इसके लिए किसी भी व्यक्ति को जन्म और मृत्यु संबंधी जानकारी 21 दिनों के भीतर ऐप पर दर्ज करनी होगी.
यदि 21 दिनों के भीतर पंजीकरण नहीं कर पाते, तो विलंब शुल्क देना होगा. विलंब शुल्क की बात करें तो 21 दिनों के बाद यानी 22 दिन से लेकर 30 दिन तक 2 रुपये देना होगा. वहीं 31 दिन से लेकर 1 वर्ष तक 5 रुपये का शुल्क देना होगा. साथ ही, अधिक पुराने प्रमाणपत्रों के लिए 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा.
देश में जनगणना की तैयारी तेज
भारत में जनगणना की तैयारियां चल रही हैं. इस बार जनगणना में जानकारी एकत्र करने के लिए मोबाइल का भी इस्तेमाल किया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पहली बार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) तैयार किया जा रहा है, जिससे देश की कानून व्यवस्था में सुधार होगा और देश के विकास को नई दिशा मिलेगी. हालांकि, जनगणना कब शुरू होगी और इसका फॉर्मेट क्या होगा, इसको लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
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