IPO की तैयारी में जुटी Rediff, 600–800 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान; कंपनी ने फाइल किया कॉन्फिडेंशियल DRHP

Rediff.com India Ltd ने IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल DRHP फाइल किया है और 600–800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. AvenuesAI की यह सब्सिडियरी अब एक पारंपरिक इंटरनेट पोर्टल से एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदलाव कर रही है. कंपनी RediffPay के जरिए UPI पेमेंट्स सेगमेंट में एंट्री कर चुकी है और RediffOne प्लेटफॉर्म के माध्यम से एंटरप्राइज सॉल्यूशंस भी बढ़ा रही है.

आईपीओ Image Credit: FreePik

Rediff IPO: भारत के आईपीओ मार्केट में एक और बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. देश की शुरुआती इंटरनेट कंपनियों में शामिल Rediff.com अब नए अवतार में बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने अपने IPO के लिए गोपनीय तरीके से DRHP दाखिल किया है, जो इस बात का संकेत है कि वह जल्द ही बाजार से बड़ी रकम जुटाने की योजना बना रही है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब कंपनी खुद को एक पारंपरिक इंटरनेट पोर्टल से बदलकर एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.

600–800 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

Ani की रिपोर्ट के मुताबिक, AvenuesAI की सब्सिडियरी Rediff.com India Ltd इस IPO के जरिए करीब 600 से 800 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. हालांकि, अंतिम साइज बाजार की स्थिति और नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा. कंपनी ने SEBI, BSE और NSE के पास गोपनीय प्री-फाइलिंग के जरिए दस्तावेज जमा किए हैं. यह तरीका कंपनियों को शुरुआती चरण में अपने वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक किए बिना बाजार की स्थिति का आकलन करने का मौका देता है.

एआई और डिजिटल इकोसिस्टम पर फोकस

2024 में अधिग्रहण के बाद Rediff ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है. कंपनी अब एआई आधारित डिजिटल पेमेंट्स, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और कंटेंट प्लेटफॉर्म पर फोकस कर रही है. कंपनी एक यूनिफाइड डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जो क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगा. कंपनी ने हाल ही में NPCI से UPI लाइसेंस भी हासिल किया है, जिससे वह RediffPay प्लेटफॉर्म के जरिए रियल टाइम पेमेंट्स सेगमेंट में प्रवेश कर रही है. यह सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है और इसमें प्रतिस्पर्धा भी काफी तेज है.

एंटरप्राइज और एआई में विस्तार

Rediff सिर्फ पेमेंट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि वह RediffOne नाम के प्लेटफॉर्म के जरिए एंटरप्राइज सॉल्यूशंस भी दे रही है. इसमें ईमेल, कोलैबोरेशन टूल्स, कॉमर्स और बिजनेस एप्लीकेशंस को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा कंपनी एआई आधारित एजेंट मार्केटप्लेस जैसे नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है.

पुरानी कंपनी, नया अवतार

1996 में स्थापित और मुंबई मुख्यालय वाली Rediff भारत की शुरुआती इंटरनेट कंपनियों में से एक रही है. अब बदलते डिजिटल दौर में कंपनी खुद को नए सिरे से ढाल रही है. IPO के जरिए जुटाई जाने वाली पूंजी का इस्तेमाल इस ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करने में किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: कम नहीं हो रही हैं अनिल अंबानी की मुश्किलें, CBI ने दर्ज की नई FIR; LIC को 3750 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का मामला

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.