NSE IPO पर बड़ा अपडेट, Temasek और LIC बेचेंगे हिस्सेदारी, अनलिस्टेड मार्केट में चढ़े शेयर
यह IPO पूरी तरह सेकेंडरी सेल होगा, यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. कुल इक्विटी का करीब 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सा ऑफर के जरिए बाजार में लाया जा सकता है. अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर करीब 2150 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. इस आधार पर एक्सचेंज का वैल्यूएशन करीब 5.3 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है.
NSE IPO को लेकर हलचल तेज हो गई है. इस करीब 2.5 अरब डॉलर के IPO में Temasek Holdings और Life Insurance Corporation of India यानी LIC बड़े सेलर के तौर पर सामने आ सकते हैं. इसके अलावा State Bank of India और SBI Capital Markets भी इस ऑफर फॉर सेल में हिस्सा ले सकते हैं. बताया जा रहा है कि यह IPO पूरी तरह सेकेंडरी सेल होगा, यानी इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. कुल इक्विटी का करीब 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सा ऑफर के जरिए बाजार में लाया जा सकता है. NSE के करीब 1,90000 शेयरधारकों को इस सेकेंडरी सेल में हिस्सा लेने का विकल्प दिया जाएगा. ऐसा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है.
LIC और Temasek की हिस्सेदारी
एक्सचेंज की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, LIC के पास NSE में करीब 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि Temasek की हिस्सेदारी करीब 4.5 प्रतिशत है. दिसंबर 2025 के अंत तक SBI Capital Markets के पास भी करीब 4.5 प्रतिशत और SBI के पास करीब 3.2 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई जा रही है.
IPO की निगरानी के लिए बनेगी कमेटी
ब्लूमबर्ग के अनुसार, NSE का बोर्ड जल्द ही एक कमेटी बनाने की तैयारी में है, जिसमें टॉप मैनेजमेंट के साथ LIC और SBI जैसे बड़े शेयरधारकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह कमेटी IPO से जुड़े पूरे प्रोसेस की निगरानी करेगी. NSE बोर्ड की अगली बैठक 6 फरवरी को होने वाली है, जिसमें दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी. इसी बैठक में IPO कमेटी बनाने पर भी फैसला हो सकता है.
अनलिस्टेड मार्केट में NSE का वैल्यूएशन
अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर करीब 2150 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है. पिछले एक हफ्ते में इसके अनलिस्टेड शेयरों में साढ़े 3 फीसदी की तेजी देखने को मिली है.
कमेटी की जिम्मेदारी क्या होगी
यह कमेटी बोर्ड की मदद करेगी इन्वेस्टमेंट बैंकर नियुक्त करने में, फीस पर बातचीत करने में, मौजूदा निवेशकों द्वारा बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या तय करने में और ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की प्रक्रिया में. बताया जा रहा है कि एक्सचेंज करीब तीन महीने के भीतर ड्राफ्ट फाइल करने का टारगेट रख रहा है.
लगभग एक दशक बाद लिस्टिंग की तैयारी
शुक्रवार को NSE ने बताया कि उसे IPO की तैयारी शुरू करने के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिल गई है. यह मंजूरी उस फाइलिंग के करीब दस साल बाद आई है, जो पहली बार 2016 में की गई थी. उस समय कॉरपोरेट गवर्नेंस और बाजार में अनुचित पहुंच जैसे आरोपों के चलते लिस्टिंग की प्रक्रिया रुक गई थी. बाद में NSE ने इस मामले से जुड़े दो सेटलमेंट एप्लिकेशन दाखिल किए थे, जिसमें करीब 1300 करोड़ रुपये चुकाने का प्रस्ताव दिया गया था.
बजट क्विज खेलने के लिए यहां क्लिक करें.
इसे भी पढ़ें- Black Sunday: बजट नहीं आया बाजार को रास! सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा टूटा; निवेशकों के डूबे ₹10 लाख करोड़
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




