NSE IPO से होगी मेगा कमाई! जानें कैसे दमानी और अजीम प्रेमजी के लिए खुलेगी 20 हजार करोड़ रुपये की वैल्यू
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ की तैयारी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. बोर्ड की मंजूरी के बाद यह लिस्टिंग देश के कुछ बड़े निवेशकों के लिए बड़ी वैल्यू अनलॉक कर सकती है. अनलिस्टेड मार्केट के मौजूदा भाव इस आईपीओ को साल का सबसे बड़ा इवेंट बना सकते हैं.
NSE IPO Updates: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के आईपीओ को लिस्ट करने पर मुहर लगा दी है . NSE के बोर्ड ने मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिये आईपीओ लाने की मंजूरी दी है. इस फैसले के साथ ही बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि यह आईपीओ देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों और निवेशकों के लिए हजारों करोड़ रुपये की वैल्यू अनलॉक कर सकता है. खास तौर पर राधाकिशन शिवकिशन दमानी और अजीम प्रेमजी जैसे दिग्गज नाम इस लिस्ट में सबसे आगे हैं.
प्रेमजी इन्वेस्ट और दमानी की बड़ी हिस्सेदारी
NSE की ताजा तिमाही शेयरहोल्डिंग के आंकड़ों के मुताबिक, PI Opportunities Fund-I एक्सचेंज के बड़े शेयरधारकों में शामिल है. इस फंड के पास 5 करोड़ 98 लाख शेयर हैं, जो NSE की कुल हिस्सेदारी का करीब 2.38 फीसदी है. अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर भाव 2,080 से 2,100 रुपये के बीच चल रहा है. इस हिसाब से प्रेमजी इन्वेस्ट से जुड़े इस फंड की हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 12,400 से 12,550 करोड़ रुपये आंकी जा रही है. यह फंड प्रेमजी इन्वेस्ट से जुड़ा है, जो अजीम प्रेमजी की निवेश इकाई है और प्रेमजी फाउंडेशन के कामों को भी सपोर्ट करती है.
दूसरी ओर, Avenue Supermarts के प्रमोटर राधाकिशन दमानी के पास भी NSE की बड़ी हिस्सेदारी है. दिसंबर 2025 तक दमानी के पास बोनस के बाद 3 करोड़ 90 लाख से ज्यादा शेयर थे, जो करीब 1.58 फीसदी हिस्सेदारी बनती है. मौजूदा अनलिस्टेड कीमतों पर इसकी वैल्यू लगभग 8,100 से 8,200 करोड़ रुपये बैठती है. ऐसे में इन दो निवेशकों की NSE में हिस्सेदारी की वैल्यू ही 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है, अब ऐसे में अगर दोनों निवेशक चाहें तो अपनी बड़ी वैल्यू बेच कर हजार करोड़ की कमाई कर सकते हैं.
NSE की वैल्यूएशन और संभावित टाइमलाइन
अनलिस्टेड मार्केट के भाव के आधार पर NSE की कुल वैल्यूएशन करीब 5.1 से 5.2 लाख करोड़ रुपये मानी जा रही है. बाजार में ये चर्चा तेज है कि NSE अगले 7 से 8 महीनों में आईपीओ ला सकता है. अनुमान है कि ड्राफ्ट पेपर्स करीब तीन महीने में फाइल किए जा सकते हैं और उसके बाद 3 से 5 महीनों में सेबी से मंजूरी मिल सकती है. अगर यह टाइमलाइन सही रही, तो 2026 में यह रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के बाद साल का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है.
IPO समिति और बड़े शेयरधारक
NSE बोर्ड ने आईपीओ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए IPO कमेटी का पुनर्गठन भी किया है. यह कमेटी लिस्टिंग से जुड़े अहम फैसले लेगी और मर्चेंट बैंकरों व कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति पर भी मार्गदर्शन करेगी. कमेटी की अध्यक्षता LIC के पूर्व एमडी तबलेश पांडे कर रहे हैं.
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शेयरहोल्डिंग की बात करें तो LIC NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी हुई है, इसके पास 10.72 फीसदी हिस्सेदारी है. इसके बाद अरांडा इन्वेस्टमेंट्स, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, SBI कैपिटल मार्केट्स और वेरासिटी इन्वेस्टमेंट्स जैसे नाम शामिल हैं. कुल मिलाकर, NSE का आईपीओ न सिर्फ बाजार के लिए बड़ा इवेंट हो सकता है, बल्कि कई बड़े निवेशकों की दौलत में भी बड़ा इजाफा कर सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




