PhonePe IPO एंट्री को तैयार! ₹12000 करोड़ का इश्यू, Walmart की 72% हिस्सेदारी, निवेश से पहले जानें कंपनी की वित्तीय हालत

डिजिटल पेमेंट सेक्टर की एक बड़ी कंपनी अब शेयर बाजार की दहलीज पर है. इश्यू साइज बड़ा है, हिस्सेदारी विदेशी हाथों में है और आंकड़े कई संकेत दे रहे हैं. निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और स्ट्रक्चर को समझना बेहद जरूरी है. इस रिपोर्ट में आपको विस्तार से सभी जवाब मिलेंगे.

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PhonePe IPO Details: भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी कंपनी अब शेयर बाजार की दहलीज पर खड़ी है. PhonePe वॉलमार्ट ग्रुप की पहली भारतीय कंपनी बनने जा रही है, जो पब्लिक होने की तैयारी कर रही है. कंपनी अपने आईपीओ के जरिए करीब Rs 12,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है. बीते दिनों PhonePe को अपने IPO के लिए SEBI की मंजूरी मिल गई है.

PhonePe IPO के लिए कौन बेच रहा अपनी हिस्सेदारी

PhonePe ने अपने ड्राफ्ट आईपीओ पेपर्स में बताया है कि यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी OFS होगा. इसका मतलब है कि इस आईपीओ से जुटाई गई रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलेंगे. कंपनी ने सितंबर 2025 में गोपनीय तरीके से आईपीओ के लिए आवेदन किया था और अब अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए गए हैं.

PhonePe में सबसे बड़ी हिस्सेदारी अमेरिकी रिटेल दिग्गज Walmart की है. फिलहाल वॉलमार्ट के पास कंपनी में करीब 72 प्रतिशत हिस्सेदारी है. आईपीओ के जरिए वॉलमार्ट अपनी हिस्सेदारी में करीब 10 प्रतिशत की कटौती करेगा. इसके अलावा Tiger Global, Microsoft और Walmart मिलकर करीब 5 करोड़ शेयर बेचेंगे.

छोटे निवेशक क्यों कर रहे हैं एग्जिट

TOI ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि, Tiger Global और Microsoft की हिस्सेदारी PhonePe में पहले से ही काफी छोटी है. Tiger Global ने पुराने फंड के जरिए निवेश किया था, इसलिए उनके लिए इस निवेश से बाहर निकलना जरूरी हो गया था. फिलहाल Tiger Global के पास PhonePe में 0.2 प्रतिशत और Microsoft के पास 0.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

PhonePe के को-फाउंडर्स समीर निगम और राहुल चारी ने सितंबर 2025 में General Atlantic को Rs 3,937 करोड़ की हिस्सेदारी बेची थी. यह डील कंपनी के प्री-आईपीओ स्ट्रक्चर का अहम हिस्सा मानी जा रही है.

कंपनी की वित्तीय हालत

कंपनी के एसेट्स और नेटवर्थ में लगातार मजबूत बढ़त दिखती है, जो स्केल और बैलेंस शीट मजबूती का संकेत है. आय में भी लंबी अवधि में अच्छा उछाल आया है, हालांकि मुनाफे के स्तर पर कंपनी अभी घाटे में है. EBITDA में सुधार के संकेत जरूर हैं, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बेहतर होने की उम्मीद बनती है.

अवधिकुल एसेट्सकुल आयटैक्स के बाद मुनाफा/घाटाEBITDAनेटवर्थ
30 सितंबर 202523,178.954,174.51-1,444.42-858.759,539.02
31 मार्च 202518,205.237,631.38-1,727.41-336.999,374.34
31 मार्च 202412,706.485,722.20-1,996.17-857.789,324.12
31 मार्च 202311,840.283,083.43-2,796.07-2,243.177,387.24
PhonePe का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस (₹ करोड़ में)

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भारत के स्टार्टअप IPO में बड़ी एंट्री

PhonePe का आईपीओ Paytm के बाद किसी स्टार्टअप का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा. 2016 की नोटबंदी के बाद भारत में डिजिटल पेमेंट्स को जबरदस्त बढ़ावा मिला, जिसका PhonePe को सीधा फायदा हुआ. 2015 में शुरू हुई यह कंपनी 2016 में Flipkart के हाथों में गई और 2018 में Flipkart के साथ ही Walmart ग्रुप का हिस्सा बन गई. 2022 में कंपनी ने सिंगापुर से भारत में अपना मुख्यालय शिफ्ट किया और Flipkart से पूरी तरह अलग हो गई.