लिस्टिंग के साथ 1% तक नुकसान का संकेत, टूट गया इस IPO का GMP; आखिरी दिन 2.68X भरा इश्यू, आपने भी लगाया दांव?

इस टेक्नोलॉजी सेक्टर कंपनी का IPO बंद हो चुका है और इसे कुल 2.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है. हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अब -12 रुपये पर पहुंच गया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से करीब 1 फीसदी नीचे हो सकती है. इश्यू को लेकर जाने क्या है ब्रोकरेज की राय.

टूट गया इस आईपीओ का जीएमपी Image Credit: @Money9live

SEDEMAC Mechatronics IPO GMP Falls: ऑटो एंसिलरी सेक्टर की टेक्नोलॉजी बेस्ड कंपनी SEDEMAC Mechatronics Ltd. का मेनबोर्ड IPO अब बंद हो चुका है और अंतिम दिन इसे कुल 2.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. हालांकि सब्सक्रिप्शन ठीक-ठाक रहने के बावजूद ग्रे मार्केट से आ रहे संकेत निवेशकों को थोड़ा चौंका सकते हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक इस IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) निगेटिव में पहुंच गया है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से करीब 1 फीसदी नीचे हो सकती है.

आईपीओ की जानकारी

यह IPO 4 मार्च से 6 मार्च तक खुला था. कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 1,287 रुपये से 1,352 रुपये प्रति शेयर तय किया था. कुल इश्यू साइज करीब 1,087.5 करोड़ रुपये का है और यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी इस इश्यू के जरिए कंपनी में मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. कुल 80,43,300 शेयर निवेशकों के लिए ऑफर किए गए थे. इश्यू के बाद कंपनी का संभावित मार्केट कैप लगभग 5,684 करोड़ से 5,971 करोड़ रुपये के बीच आंका जा रहा है. इस IPO का लॉट साइज 11 शेयर रखा गया था, यानी निवेशक इसी के मल्टीपल में आवेदन कर सकते थे.

किसने-कितना किया सब्सक्रिप्शन?

सब्सक्रिप्शन की बात करें तो अंतिम दिन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की तरफ से सबसे ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिली और यह हिस्सा 8.46 गुना सब्सक्राइब हुआ. वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा करीब 0.77 गुना भरा. रिटेल निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कमजोर रही और यह कैटेगरी करीब 0.20 गुना ही सब्सक्राइब हो सकी. कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्से को करीब 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. कुल मिलाकर इश्यू को 2.68 गुना आवेदन प्राप्त हुए.

क्या है GMP का हाल?

ग्रे मार्केट की बात करें तो पिछले कुछ दिनों में इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखा गया. 6 मार्च को ताजा आंकड़ों के मुताबिक GMP करीब -12 रुपये पर आ गया है. इसका मतलब है कि अगर मौजूदा संकेतों को आधार माना जाए तो शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब 1,340 रुपये के आसपास हो सकती है, जो ऊपरी प्राइस बैंड से करीब 0.9 फीसदी नीचे है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले तक इस IPO का GMP काफी मजबूत था. 26 फरवरी के आसपास यह करीब 130 रुपये तक पहुंच गया था, जिससे अच्छे लिस्टिंग गेन की उम्मीद जताई जा रही थी. लेकिन बाद में यह तेजी धीरे-धीरे कमजोर पड़ती चली गई.

ब्रोकरेज की क्या है राय?

ब्रोकरेज हाउस SBI सिक्योरिटीज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में इस IPO को लॉन्ग टर्म के नजरिए से “Subscribe” करने की सलाह दी है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी टेक्नोलॉजी-इंटेंसिव ऑटो कंपोनेंट स्पेस में मजबूत पोजिशन रखती है और आने वाले वर्षों में इसकी ग्रोथ संभावनाएं अच्छी हैं. हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निवेशकों को लिस्टिंग गेन के बजाय लंबी अवधि के निवेश के तौर पर इसे देखना चाहिए.

कंपनी के बारे में?

पुणे स्थित SEDEMAC Mechatronics कंट्रोल-इंटेंसिव Electronic Control Units (ECUs) डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर करती है. कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल दोपहिया, तीनपहिया, इलेक्ट्रिक वाहनों, हल्के कमर्शियल वाहनों और जेनसेट जैसे सेगमेंट में होता है. दिसंबर 2025 तक कंपनी 1 करोड़ से ज्यादा कंट्रोलर यूनिट्स बेच चुकी है, जो इसके स्केल और टेक्नोलॉजी क्षमताओं को दर्शाता है. कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में TVS Motor, Hero MotoCorp, Bajaj Auto, Mahindra, Kirloskar Oil Engines और Generac जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

मार्केट पोजिशन के लिहाज से भी कंपनी मजबूत मानी जाती है. भारत में 2W/3W सेगमेंट के ISG ECU बाजार में इसका लगभग 35% मार्केट शेयर है, जबकि जेनसेट कंट्रोलर सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी 75–77% के आसपास बताई जाती है. इसके अलावा कंपनी का R&D सेंटर DSIR से अप्रूव्ड है और अब तक 12 पेटेंट मिल चुके हैं, जबकि कई और पेटेंट प्रक्रिया में हैं.

कैसी है वित्तीय स्थिति?

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में तेज ग्रोथ दर्ज की है. FY23 से FY26 (अनुमानित) के बीच कंपनी का राजस्व CAGR करीब 34 फीसदी, EBITDA CAGR 64 फीसदी और PAT CAGR 123 फीसदी रहा है. हालांकि ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का FY26E P/E लगभग 62.6 गुना बैठता है, जिसे कई विश्लेषक प्रीमियम वैल्यूएशन मानते हैं.

क्या है रिस्क फैक्टर्स?

जोखिम की बात करें तो कंपनी का कारोबार कुछ बड़े ग्राहकों पर काफी हद तक निर्भर है. इसके अलावा ऑटो इंडस्ट्री का साइक्लिकल नेचर और ऊंचा वैल्यूएशन भी निवेशकों के लिए जोखिम कारक हो सकता है. इसके बावजूद टेक्नोलॉजी-आधारित प्रोडक्ट्स, मजबूत रिसर्च और बड़े OEM के साथ लंबे संबंध कंपनी को लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से दिलचस्प बनाते हैं.

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डिसक्लेमर: इस खबर में GMP से संबंधित जानकारी दी गई है. मनी9लाइव का GMP तय करने से कोई संबंध नहीं है. मनी9लाइव निवेशकों को यह भी सचेत करता है कि केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें. निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल जरूर देखें और एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.