इक्विटी फंड से निवेशकों ने खींचे कदम, जनवरी घटकर 24 हजार करोड़ पर आया म्यूचुअल फंड निवेश; लेकिन AUM ने बनाया नया रिकॉर्ड
जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश लगातार दूसरे महीने घटकर 24028 करोड़ रुपये रह गया. कमजोर शेयर बाजार और वैश्विक भू राजनीतिक चिंताओं के कारण निवेशक सतर्क दिखे. हालांकि इक्विटी निवेश घटने के बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एयूएम बढ़कर इक्यासी लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई.
Equity Mutual Fund: जनवरी महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश लगातार दूसरे महीने घटा है. कमजोर शेयर बाजार और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया. एम्फी के आंकड़ों के अनुसार इक्विटी फंड में नेट इंवेस्टमेंट में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि इसके बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल एसेट बढ़ी हैं. कर्ज और गोल्ड फंड में निवेश बढ़ने से कुल निवेश का आंकड़ा मजबूत रहा.
जनवरी में इक्विटी फंड निवेश में गिरावट
जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में नेट इंवेस्टमेंट घटकर 24088 करोड़ रुपये रह गया. यह दिसंबर के मुकाबले करीब 14 फीसदी कम है. यह लगातार दूसरा महीना है जब इक्विटी फंड में निवेश घटा है. बाजार में उतार चढ़ाव और वैश्विक तनाव का असर निवेशकों की धारणा पर दिखा.
एयूएम में बढ़ोतरी से राहत
इक्विटी निवेश में सुस्ती के बावजूद म्यूचुअल फंड इंस्ट्री की टोटल मैनेज एसेट बढ़कर 81 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गईं. दिसंबर में यह आंकड़ा 80 लाख करोड़ रुपये के आसपास था. बाजार मूल्य में सुधार और अन्य फंड कैटेगरी में निवेश बढ़ने से एयूएम में वृद्धि दर्ज की गई.
कौन से इक्विटी फंड रहे आगे
इक्विटी कैटेगरी में फ्लेक्सी कैप फंड सबसे आगे रहे जिनमें सबसे ज्यादा निवेश दर्ज किया गया. इसके बाद मिड कैप और लार्ज व मिड कैप फंड में निवेश आया. लार्ज कैप और स्मॉल कैप फंड में भी सकारात्मक निवेश देखने को मिला. हालांकि टैक्स बचत वाली योजनाओं में निकासी देखी गई.
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गोल्ड और डेट फंड में बढ़ा निवेश
जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश तेजी से बढ़ा और यह दिसंबर के मुकाबले दोगुना हो गया. वहीं डेट म्यूचुअल फंड योजनाओं में भी अच्छी वापसी हुई. दिसंबर में भारी निकासी के बाद जनवरी में कर्ज फंड में मजबूत निवेश दर्ज किया गया. इससे कुल उद्योग निवेश को सहारा मिला.




