Quant Mutual Fund ने प्राइवेट बैंकों में बढ़ाया दांव, NBFC से लेकर इंफ्रा तक 8 सेक्टर पर पॉजिटिव व्यू
Quant Mutual Fund ने अपने मंथली अपडेट में प्राइवेट सेक्टर बैंकों में एक्सपोजर बढ़ाया है. इसके साथ ही NBFC, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंश्योरेंस, टेलीकॉम और कंजम्पशन जैसे सेक्टर्स पर पॉजिटिव व्यू दोहराया है. फंड हाउस को उम्मीद है कि कम होती FPI बिकवाली, GST-टैक्स रिफॉर्म्स, बेहतर लिक्विडिटी और कॉरपोरेट अर्निंग्स रिकवरी की वजह से मार्केट में ब्रॉड-बेस्ड रैली देखने को मिलेगी.
Quant Mutual Fund ने भारतीय इक्विटी मार्केट में अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव किए हैं. इन बदलावों की जानकारी फंड ने अपने ताजा मासिक आउटलुक में दी है. ET की रिपोर्ट के मुताबिक फंड हाउस ने प्राइवेट सेक्टर बैंकों में ताजा खरीद बढ़ाई है और NBFC से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, इंश्योरेंस, टेलीकॉम और कंजम्पशन जैसे सेक्टर में मजबूत मोमेंटम की उम्मीद जताई है. Quant का मानना है कि देश में टैक्स-GST रिफॉर्म्स, लिक्विडिटी में सुधार और FPI सेलिंग के पीक पर पहुंचने से आने वाले महीनों में ब्रॉडर मार्केट में नई ऊंचाई देखने को मिलेगी.
प्राइवेट बैंकों में एक्सपोजर बढ़ा
रिपोर्ट में क्वांट म्यूचुअल फंड के संदीप टंडन के हवाले से बताया गया है कि हाल में प्राइवेट सेक्टर बैंकों में एक्सपोजर बढ़ाया गया है. पोर्टफोलियो का फोकस अब भी लार्जकैप पर केंद्रित है, जबकि ज्यादातर इक्विटी और हाइब्रिड स्कीमों में चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप अलोकेशन भी बढ़ाया गया है. फंड का मानना है कि मौजूदा लिक्विडिटी कंडीशंस और सेक्टरल मोमेंटम लंबे समय तक टिक सकता है.
इन सेक्टर पर पॉजिटिव व्यू
Quant ने NBFC, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंश्योरेंस, बैंकिंग, होटल्स, फार्मा, कंजम्पशन और टेलीकॉम सेक्टर को टॉप पिक्स में बरकरार रखा है. फंड हाउस का कहना है कि इन सेक्टर्स में स्ट्रक्चरल रिकवरी और लोन डिमांड से रिटर्न का अच्छा फेज बन सकता है.
मार्केट रैली के 5 बड़े तर्क
फंड हाउस ने निकट भविष्य में मार्केट के लिए 5 प्रमुख पॉजिटिव ट्रिगर्स गिनाए. पहला, USD-INR का लंबी अवधि की कमजोरी से रिवर्सल आने की उम्मीद है. Quant का मानना है कि रुपया जल्द डॉलर के मुकाबले स्थिरता दिखाएगा. दूसरा, FPI सेलिंग अपने पीक पर, और EMs में पैसिव बाइंग की वापसी संकेत दे रही है कि उभरते बाजार विकसित बाजारों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. तीसरा, आयकर और GST में छूट का असर H2 FY26 में दिखेगा, जो खपत और कैपेक्स को सपोर्ट करेगा. चौथा, कम ब्याज दरों और बेहतर लिक्विडिटी से क्रेडिट ग्रोथ को फायदा मिलेगा. पांचवां, Q2 में अर्निंग्स का बॉटम बन चुका है, और अब कॉरपोरेट प्रॉफिटेबिलिटी में क्रमिक सुधार दिखेगा.
सीजनल मोमेंटम
Quant का कहना है कि दिसंबर-जनवरी ऐतिहासिक रूप से मार्केट के लिए पॉजिटिव रहते हैं. 2025 की शुरुआत में ही फंड हाउस ने संकेत दिया था कि H2 CY25, H1 की तुलना में मजबूत रहेगा. यह ट्रेंड अब दिख चुका है Nifty, Bank Nifty और Nifty Midcap ने रिकॉर्ड हाई बना लिया है.
फेड रेट कट की उम्मीदों से सेंटिमेंट मजबूत
नवंबर में बाजार की सबसे बड़ी थीम रही कि क्या फेड साल के अंत में रेट कट करेगा. कमजोर अमेरिकी डाटा के बाद ग्लोबली रेट कट की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे एशियाई इक्विटी में तेजी, ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और रिस्क एसेट्स में इनफ्लो देखने को मिला. हालांकि फंड हाउस का कहना है कि दिसंबर में Fed के फैसले के पहले बॉन्ड, इक्विटी और डॉलर में हाई वोलैटिलिटी बनी रह सकती है.
नवंबर में भारतीय बाजार S&P 500 से आगे
Quant के मुताबिक नवंबर में भारतीय इक्विटी ने 1.9% रिटर्न के साथ S&P 500 को मात दी और कम वोलैटिलिटी दिखाई. दूसरी ओर, गोल्ड ने 4% की रिकवरी की, जबकि बिटकॉइन 16% लुढ़का, हालांकि यह अपने लो से करीब 13.7% रिकवर हुआ.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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