8th Pay Commission: लेवल-1 के कर्मचारियों की कैसे डबल हो सकती है सैलरी, बेसिक पे और DA का क्या है कैलकुलेशन?

कर्मचारी और पेंशनर्स के संगठनों ने 8वें वेतन आयोग से सालाना वेतन वृद्धि की दर बढ़ाने और महंगाई भत्ते (DA) को एक निश्चित स्तर पर पहुंचने के बाद मूल वेतन में मिलाने का आग्रह किया है. इस बीच कर्मचारी और पेंशनर्स के संगठन लगातार अपनी मांग रख रहे हैं और अपने प्रस्ताव भी दे रहे हैं.

8वें वेतन आयोग का सैलरी कैलकुलेटर Image Credit: Canva/ Money9

Highlights

  • आयोग की बातचीत और सलाह-मशविरे की प्रक्रिया अभी जारी है.
  • संगठन लगातार अपनी मांग रख रहे हैं और अपने प्रस्ताव भी दे रहे हैं.
  • 8th CPC ने अप्रैल में स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठकें शुरू कीं

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) को लेकर हर रोज नई अपडेट्स आ रही हैं और केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इसको लेकर काफी चर्चा भी है कि आखिर उनकी सैलरी में कितना इजाफा होगा. इस बीच कर्मचारी और पेंशनर्स के संगठन लगातार अपनी मांग रख रहे हैं और अपने प्रस्ताव भी दे रहे हैं.

कर्मचारी और पेंशनर्स के संगठनों ने 8वें वेतन आयोग से सालाना वेतन वृद्धि की दर बढ़ाने और महंगाई भत्ते (DA) को एक निश्चित स्तर पर पहुंचने के बाद मूल वेतन में मिलाने का आग्रह किया है. उनके अनुसार, इन बदलावों से वेतन वृद्धि में तेजी आ सकती है, खासकर निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए और समय के साथ उनकी कुल कमाई में काफी बढ़ोतरी हो सकती है.

लेवल 1 के कर्मचारी की बेसिक सैलरी

7वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर साल 3 फीसदी की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) मिलती है. उदाहरण के लिए, लेवल 1 के कर्मचारी की बेसिक सैलरी 10 साल में 18,000 रुपये से बढ़कर 23,486 रुपये हो जाती है, जो 30.47 फीसदी की बढ़ोतरी है. कर्मचारियों को DA, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) भी मिलता है. जहां DA और HRA बेसिक सैलरी के साथ बढ़ते हैं, वहीं TPTA फिक्स्ड रहता है और इसे तभी बदला जाता है जब DA 50 फीसदी तक पहुंच जाता है.

डीए को बेसिक पे में मिलाने का आग्रह

रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सालाना 6 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है और सिफारिश की है कि सभी भत्तों को तीन गुना किया जाए और भविष्य में DA में होने वाली बढ़ोतरी से जोड़ा जाए.

वहीं, नेशनल फेडरेशन ऑफ पोस्टल एम्प्लॉइज (NFPE) और ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) जैसे संगठनों ने सुझाव दिया है कि जब DA 25% तक पहुंच जाए तो उसे बेसिक पे में मिला दिया जाए, जबकि IRTSA और PSNM ने 50% DA होने पर इसे मिलाने की सिफारिश की है.

अधिक सालाना इंक्रीमेंट से सैलरी तेजी से कैसे बढ़ सकती है?

रिपोर्ट के अनुसार, 2.1 फिटमेंट फैक्टर, 7% सालाना इंक्रीमेंट और 25% पर DA मर्जर का कॉम्बिनेशन सैलरी में बढ़ोतरी को काफी तेज कर सकता है. इन शर्तों के तहत लेवल 1 के कर्मचारी की बेसिक सैलरी सात साल में दोगुनी हो सकती है.

8वें वेतन आयोग का सैलरी कैलकुलेटर: अनुमान जो इस कैलकुलेशन में इस्तेमाल किए गए हैं

यह उदाहरण इन अनुमानों पर आधारित है:

  • 7वें CPC के तहत बेसिक सैलरी: ₹18,000
  • 8वें CPC के तहत संशोधित बेसिक सैलरी (2.1 फिटमेंट फैक्टर): 1 जनवरी 2026 से ₹37,800
  • सालाना इंक्रीमेंट: 7% (हर साल कंपाउंडेड)
  • DA: 1 जनवरी 2026 को 0%
  • DA में बढ़ोतरी: 1 जुलाई 2026 से हर छह महीने में 2%
  • DA का बेसिक पे में विलय: 1 जनवरी 2033, जब DA 25% तक पहुंच जाएगा

सात साल में सैलरी दोगुनी कैसे हो सकती है?

1 जनवरी 2026 से संशोधित वेतन पाने वाले कर्मचारी के लिए DA जनवरी 2033 तक 25 फीसदी तक पहुंच जाएगा (4% सालाना DA बढ़ोतरी मानकर). उस समय, 25% DA को बेसिक पे में मिला दिया जाएगा और 7% सालाना इंक्रीमेंट के साथ मिलकर, बेसिक सैलरी सात साल में दोगुनी हो जाएगी.

8वें वेतन आयोग की सैलरी के ये अनुमान क्यों बदल सकते हैं?

यहां बताए गए कैलकुलेशन अनुमानों पर आधारित उदाहरण हैं. असल बेसिक सैलरी, सालाना इंक्रीमेंट, DA मर्जर पॉलिसी और फिटमेंट फैक्टर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार द्वारा उनकी मंजूरी पर निर्भर करेंगे.

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