क्या आप UAE में रहते हैं? अपनी वसीयत रजिस्टर करें, वरना आपकी फाइनेंशियल संपत्ति चैरिटी में जा सकती है

अब नए नियमों के अनुसार, जिस विदेशी का कोई कानूनी वारिस नहीं है, उसकी फाइनेंशियल संपत्ति को एक चैरिटेबल एंडोमेंट (दान) मान लिया जाएगा. UAE में फिलहाल 40 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासी रहते हैं, इसलिए UAE के सिविल कानून में ये बदलाव महत्वपूर्ण हैं.

UAE संपत्ति योजना नियम. Image Credit: Getty image

अगर आप UAE में रहने वाले एक प्रवासी हैं और चाहते हैं कि आपके गुजरने के बाद आपकी फैमिली को आपकी फाइनेंशियल संपत्ति मिले, तो आपको वसीयत लिखनी और रजिस्टर करानी होगी. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो UAE की लोकल मीडिया में हाल ही में आई एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, आपकी फाइनेंशियल संपत्ति चैरिटी में दे दी जाएगी. आइए समझते हैं कि क्या कहते हैं नियम.

सिविल ट्रांजेक्शन कानून

नए बदले हुए सिविल ट्रांजेक्शन कानून के तहत, UAE के निवासियों से अपनी वसीयत रजिस्टर करने के लिए कहा जा रहा है, नहीं तो बिना वारिस वाली संपत्ति को चैरिटेबल एंडोमेंट (दान) मान लिया जाएगा. अब तक UAE में बिना वारिस के मरने वाले विदेशियों की संपत्ति अक्सर ‘ग्रे एरिया’ में रहती थी, जहां उनकी ओनरशिप तय नहीं होती थी.

अब नए नियमों के अनुसार, जिस विदेशी का कोई कानूनी वारिस नहीं है, उसकी फाइनेंशियल संपत्ति को एक चैरिटेबल एंडोमेंट (दान) मान लिया जाएगा, जो सक्षम अथॉरिटी की देखरेख में होगा, गल्फ न्यूज ने 2 जनवरी को UAE मीडिया ऑफिस के हवाले से यह बताया.

UAE का संशोधित सिविल कानून

गल्फ न्यूज और खलीज टाइम्स की लोकल न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, नए कानूनों की डिटेल्स इस प्रकार हैं

एसेट मैनेजमेंट के लिए उम्र कम की गई

अब 15 साल के नाबालिग (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) कोर्ट की मंजूरी से अपनी संपत्ति मैनेज कर पाएंगे, जबकि पहले यह उम्र 18 साल थी.

हिजरी कैलेंडर एक चंद्र कैलेंडर है जिसका इस्तेमाल मुसलमान धार्मिक तारीखें तय करने के लिए करते हैं, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर एक सौर कैलेंडर है जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में आधिकारिक तौर पर किया जाता है. संपत्ति मैनेज करने के लिए पहले की उम्र 18 हिजरी साल थी. हालांकि, उम्र कम करने की घोषणा में यह नहीं बताया गया कि नाबालिग (15 साल और उससे ज्यादा) किस तरह की संपत्ति मैनेज कर सकते हैं.

कोर्ट से मंजूरी लेनी होगी

इसके अलावा, नाबालिगों को कोर्ट से मंजूरी लेनी होगी, जहां हर मामले का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाएगा ताकि यह तय किया जा सके कि वे अपनी संपत्ति मैनेज कर सकते हैं या नहीं. इसके अलावा, UAE ने कानूनी तौर पर बालिग होने की उम्र भी 21 से घटाकर 18 कर दी है. इन बदलावों का मकसद युवाओं को सशक्त बनाना और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना है.

सिविल कानून में महत्वपूर्ण बदलाव

UAE में फिलहाल 40 लाख से ज्यादा भारतीय प्रवासी रहते हैं, इसलिए UAE के सिविल कानून में ये बदलाव महत्वपूर्ण हैं. अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य/दोस्त UAE में रहता है, तो आपको इन बदलावों के बारे में पता होना चाहिए और आने वाले हफ्तो में जारी होने वाले आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन पर नजर रखनी चाहिए.

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