EPF सदस्यों के लिए जरूरी खबर, निष्क्रिय अकाउंट से नहीं निकल रहा पैसा? इन आसान स्टेप से तुरंत करें निकासी

₹1,000 से ज्यादा बैलेंस वाले inoperative EPF अकाउंट का पैसा अपने आप ट्रांसफर नहीं होता. EPFO के अनुसार, ऐसे अकाउंट को अनब्लाक और वेरिफाई करने के बाद ही विड्रॉल किया जा सकता है. इसके लिए UAN एक्टिव होना और KYC डिटेल जैसे Aadhaar, PAN और बैंक अकाउंट वेरिफाई होना जरूरी है.

₹1,000 से ज्यादा बैलेंस वाले inoperative EPF अकाउंट का पैसा अपने आप ट्रांसफर नहीं होता. Image Credit: Money9live

EPF Inoperative Account: अगर आपका EPF अकाउंट लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहा है और उसमें ₹1,000 से ज्यादा रकम है, तो यह पैसा अपने आप बैंक अकाउंट में ट्रांसफर नहीं होगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने स्पष्ट किया है कि ऐसे निष्क्रिय (inoperative) अकाउंट से पैसा निकालने के लिए पहले अकाउंट को एक्टिव करना जरूरी होता है. अच्छी बात यह है कि सही प्रोसेस अपनाकर आप अपना पूरा पैसा आसानी से निकाल सकते हैं. इसके लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, KYC और क्लेम प्रोसेस पूरी करना जरूरी होता है.

कब निष्क्रिय हो जाता है EPF अकाउंट

EPFO के नियमों के अनुसार, अगर किसी EPF अकाउंट में 36 महीने तक कोई योगदान या लेनदेन नहीं होता, तो उसे निष्क्रिय अकाउंट मान लिया जाता है. सुरक्षा कारणों से ऐसे अकाउंट को अपने आप बंद कर दिया जाता है. रिटायरमेंट के बाद भी अगर 3 साल तक पैसा नहीं निकाला जाता या अकाउंट को ट्रांसफर नहीं किया जाता, तो अकाउंट निष्क्रिय हो जाता है. इसके बाद उस पर ब्याज मिलना भी बंद हो सकता है, जिससे सदस्य को नुकसान होता है.

₹1,000 से ज्यादा रकम पर निमय

सरकार ₹1,000 तक की छोटी रकम वाले निष्क्रिय खातों का पैसा सीधे बैंक अकाउंट में भेज रही है, लेकिन ₹1,000 से ज्यादा रकम वाले खातों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.
ऐसे मामलों में सदस्य को सेल्फ वेरिफिकेशन और अकाउंट को एक्टिव करने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है. इसके बाद ही पैसा निकालने के लिए दावा किया जा सकता है.

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पैसा निकालने के लिए ये 4 जरूरी कदम अपनाएं

  • यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और KYC वेरिफाई करें
    सबसे पहले अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव रखें और आधार, पैन तथा बैंक अकाउंट की जानकारी वेरिफाई करें. बिना KYC वेरिफिकेशन के क्लेम प्रोसेस पूरी नहीं हो सकती.
  • अकाउंट को एक्टिव करने का रिक्वेस्ट करें
    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्य पोर्टल पर जाकर हेल्प सेक्शन में निष्क्रिय अकाउंट को एक्टिव करने का रिक्वेस्ट करें. यह रिक्वेस्ट नियोक्ता और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अधिकारियों द्वारा सत्यापित किया जाता है.
  • ऑनलाइन क्लेम करें
    अकाउंट एक्टिव होने के बाद सदस्य पोर्टल पर प्रवेश करें. ऑनलाइन सेवाओं में जाकर फॉर्म 19, फॉर्म 10सी या फॉर्म 31 चुनें और क्लेम करें.
  • जरूरत होने पर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाएं
    अगर ऑनलाइन दावा अस्वीकार हो जाए, तो फॉर्म 19 भरकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कार्यालय में आधार, पैन और बैंक पासबुक के साथ जमा करें.

परेशानी से बचने के लिए क्या करें

अगर आप नई नौकरी कर रहे हैं, तो अपने EPF अकाउंट को नए नियोक्ता के साथ ट्रांसफर जरूर करें. अगर आप नौकरी नहीं कर रहे हैं, तो समय पर पैसा निकाल लें. यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिव रखना और KYC अपडेट रखना जरूरी है. इससे भविष्य में पैसा निकालने की प्रक्रिया आसान हो जाती है और ब्याज के नुकसान से बचाव होता है.