अगर 2 साल की देरी से लागू हुआ 8वां वेतन आयोग, तो कितना बनेगा एरियर; जानें लेवल-1 कर्मचारियों को कितना मिलेगा कैश

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में उम्मीद बढ़ रही है. अगर नया वेतन आयोग जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है और लागू होने में करीब 2 साल की देरी होती है तो एरियर बन सकता है. अनुमान के मुताबिक लेवल 1 कर्मचारी की सैलरी में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसी स्थिति में 24 महीने का एरियर करीब 2.17 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में उम्मीद बढ़ रही है. Image Credit: Money9

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में उत्सुकता लगातार बढ़ रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि नया वेतन आयोग लागू होने पर आखिर कितना एरियर मिलेगा. फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है. लेकिन पिछले वेतन आयोगों का अनुभव इस बार भी एक संकेत देता है. पहले भी सिफारिशें लागू होने में समय लगा था. बावजूद इसके बढ़ा हुआ वेतन पिछली तारीख से दिया गया था. इसी वजह से कर्मचारी एरियर को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं.

जनवरी 2026 क्यों है अहम तारीख

सातवां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को अपना कार्यकाल पूरा कर चुका है. नियमों के अनुसार नया वेतन आयोग अगले कैलेंडर वर्ष की पहली तारीख से लागू माना जाता है. छठा वेतन आयोग एक जनवरी 2006 से लागू हुआ था. इसी तरह 7वां वेतन आयोग भी एक जनवरी 2016 से प्रभावी माना गया. इसी आधार पर कर्मचारी और जानकार मान रहे हैं कि 8वां वेतन आयोग भी एक जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है. अगर लागू होने में देरी होती है तो एरियर बनने की पूरी संभावना रहती है.

पहले कितना फायदा मिला था

जब 6वां वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हुआ था तब लेवल 1 कर्मचारी का बेसिक वेतन 7 हजार रुपये था. उस समय महंगाई भत्ता 125 फीसदी तक पहुंच चुका था. 7वें वेतन आयोग में ग्रेड पे व्यवस्था खत्म कर नया पे मैट्रिक्स लागू किया गया. इसके तहत लेवल 1 का बेसिक वेतन बढ़कर 18 हजार रुपये हो गया. शुरुआत में महंगाई भत्ता शून्य था क्योंकि पुराने DA को बेसिक में जोड़ दिया गया था. इसके बावजूद कुल सैलरी में अच्छा इजाफा देखने को मिला.

फिलहाल लेवल 1 कर्मचारी की सैलरी

इस समय 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल 1 कर्मचारी का बेसिक वेतन 18 हजार रुपये है. महंगाई भत्ता बढ़कर लगभग 58 फीसदी हो चुका है. इसके साथ HRA और अन्य भत्ते जोड़ने पर कुल मासिक वेतन करीब 34 हजार रुपये के आसपास पहुंच गया है. आने वाले दो वर्षों में महंगाई भत्ता और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. अगर यह बढ़कर 68 फीसदी तक पहुंचता है तो कुल सैलरी और ऊपर जा सकती है.

अगर 8वें वेतन आयोग में भी समान बढ़ोतरी हुई

मान लिया जाए कि आठवां वेतन आयोग भी 7वें आयोग की तरह ही स्ट्रक्चर अपनाता है. अगर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.7 रहता है तो लेवल 1 कर्मचारी की सैलरी में करीब 25 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसी स्थिति में नई मासिक सैलरी लगभग 45 हजार रुपये तक पहुंच सकती है. मौजूदा सैलरी से यह अंतर करीब 9 हजार रुपये महीने का होगा. यही बढ़ी हुई राशि एरियर की कैलकुलेशन का आधार बनेगी.

दो साल की देरी में कितना एरियर बन सकता है

अगर 8वां वेतन आयोग 24 महीने की देरी से लागू होता है और वेतन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है तो पूरे 2 साल का एरियर बनेगा. हर महीने करीब 9 हजार रुपये के हिसाब से यह रकम 2.17 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है. यानी लेवल 1 कर्मचारी को एकमुश्त अच्छी खासी रकम मिल सकती है. हालांकि यह आंकड़ा पूरी तरह अनुमान पर आधारित है और इसमें बदलाव संभव है.

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सिर्फ अनुमान है ये आंकड़े

यह पूरा आकलन किसी सरकारी घोषणा पर आधारित नहीं है. सरकार फिटमेंट फैक्टर को घटा या बढ़ा सकती है. कुछ भत्तों में बदलाव या कटौती भी की जा सकती है. बाजार की रिपोर्ट्स में फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं. इसलिए अंतिम एरियर इससे कम या ज्यादा भी हो सकता है. असली तस्वीर तभी साफ होगी जब आयोग अपनी सिफारिशें सौंपेगा और सरकार उन्हें मंजूरी देगी.