अब इलाज के लिए भी काम आएगा पेंशन का पैसा, PFRDA ने शुरू की NPS Swasthya योजना; जानें डिटेल

PFRDA ने NPS Swasthya Pension Scheme शुरू की है जो पेंशन बचत को मेडिकल जरूरतों से जोड़ती है. इस योजना के तहत लोग इलाज के लिए अपनी NPS राशि का उपयोग कर सकते हैं. यह स्कीम फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लाई गई है. निवेश से जुड़े नियम गैर सरकारी क्षेत्र के मौजूदा NPS नियमों के अनुसार होंगे. जमा की गई अमाउंट को पेंशन फंड तय निवेश गाइडलाइन्स के अनुसार निवेश करेंगे.

PFRDA ने NPS Swasthya Pension Scheme शुरू की है. Image Credit: money9live

NPS Swasthya Scheme: PFRDA ने आम लोगों के लिए एक नई पहल की है. इसका नाम NPS Swasthya Pension Scheme रखा गया है. इस योजना का मकसद लोगों को उनके मेडिकल खर्च के लिए आर्थिक सहारा देना है. इस स्कीम को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है. इसके तहत लोग अपनी NPS बचत का इस्तेमाल इलाज के खर्च में कर सकेंगे. योजना को सेफ और ट्रांसपेरेंसी बनाने पर जोर दिया गया है. यह स्कीम पूरी तरह वालंटियर है और भारत के नागरिकों के लिए है.

क्या है NPS Swasthya Pension Scheme

NPS Swasthya योजना को National Pension Scheme के तहत एक अलग सेक्टर स्कीम के रूप में लाया गया है. इसका उद्देश्य आउट पेशेंट और इन पेशेंट मेडिकल खर्च को कवर करना है. यह योजनामल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क के तहत आएगी. इसे फिलहाल ‘Regulatory Sandbox’ के तहत सीमित समय के लिए शुरू किया गया है. पेंशन फंड को PFRDA की मंजूरी के बाद ही इसे लॉन्च करने की अनुमति होगी.

कौन कर सकता है निवेश

इस योजना में भारत का कोई भी नागरिक शामिल हो सकता है. इसके लिए NPS का कॉमन स्कीम अकाउंट होना जरूरी है. अगर अकाउंट नहीं है तो नया अकाउंट खोला जाएगा. निवेशक किसी भी अमाउंट का योगदान कर सकते हैं. निवेश से जुड़े नियम गैर सरकारी क्षेत्र के मौजूदा NPS नियमों के अनुसार होंगे. जमा की गई अमाउंट को पेंशन फंड तय निवेश गाइडलाइन्स के अनुसार निवेश करेंगे.

पैसा ट्रांसफर करने का नियम

40 साल से अधिक उम्र के निवेशक अपने कॉमन स्कीम अकाउंट से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं. वे अपनी या नियोक्ता की हिस्सेदारी का अधिकतम 30 फीसदी तक NPS Swasthya खाते में डाल सकते हैं. यह सुविधा सरकारी कर्मचारियों और सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को नहीं मिलेगी. इसका मकसद मेडिकल खर्च के लिए अलग फंड तैयार करना है.

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क्या है क्लेम का प्रोसेस

इस योजना में मेडिकल खर्च के लिए आंशिक निकासी की अनुमति है. निवेशक अपनी जमा अमाउंट का 25 फीसदी तक कभी भी निकाल सकते हैं. निकासी की संख्या पर कोई लिमिट नहीं है. इसके लिए कम से कम 50 हजार रुपये का कॉर्पस होना जरूरी है.

गंभीर बीमारी के इलाज में अगर एक बार का खर्च कुल कॉर्पस के 70 फीसदी से ज्यादा हो जाए तो पूरा पैसा एक साथ निकाला जा सकता है. निकाली गई अमाउंट सीधे अस्पताल या TPA को भेजी जाएगी और बची अमाउंट कॉमन अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी.

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