8वें वेतन आयोग से कितना मिलेगा एरियर, लेवल 1 से 5 तक पूरी कैलकुलेशन और फिटमेंट फैक्टर का असर

7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुकी है. इसलिए 8वें वेतन आयोग की नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से मानी जा सकती है. हालांकि इसे आधिकारिक रूप से लागू होने में साल 2027 तक का समय लग सकता है. इस दौरान कर्मचारियों को 12 से 24 महीनों तक का एरियर मिलने की उम्मीद है.

8वीं वेतन आयोग Image Credit: money9live

Arrear payouts: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सैलरी कब से लागू होगी और पिछला बकाया यानी एरियर कितना मिलेगा. एक्सपर्ट का कहना है कि 8वां वेतन आयोग भले ही साल 2027 के बीच में लागू हो सकता है, लेकिन इसका फायदा 1 जनवरी 2026 से माना जा सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि कर्मचारियों को कई महीनों का एक साथ पैसा मिलने की संभावना है. खास तौर पर लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों को यह जानने की उत्सुकता है कि अलग अलग फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर उनकी सैलरी और एरियर कितना बढ़ सकता है.

कब से मिलेगा 8वें वेतन आयोग का फायदा

एक्सपर्ट के अनुसार 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुकी है. इसलिए 8वें वेतन आयोग की नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से मानी जा सकती है. हालांकि इसे आधिकारिक रूप से लागू होने में साल 2027 तक का समय लग सकता है. इस दौरान कर्मचारियों को 12 से 24 महीनों तक का एरियर मिलने की उम्मीद है.

एरियर कैसे निकाला जाता है

ET के हवाले से एक्सपर्ट रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के मुताबिक एरियर की गणना बहुत आसान होती है. मासिक सैलरी में बढ़ोतरी × जितने महीने देरी हुई. नई बेसिक सैलरी 7वें वेतन आयोग की मौजूदा सैलरी पर फिटमेंट फैक्टर लगाकर निकाली जाती है. इसमें बेसिक पे का अंतर और उस पर मिलने वाला महंगाई भत्ता यानी DA शामिल होता है.

फिटमेंट फैक्टर क्यों है सबसे अहम

एरियर कितना मिलेगा यह पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करता है.

नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक × फिटमेंट फैक्टर.

उदाहरण के तौर पर अगर लेवल 1 कर्मचारी की बेसिक 18,000 रुपये है तो 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक 34,560 रुपये होगी. उसी तरह-

  • 2.15 पर 38,700 रुपये.
  • 2.57 पर 46,260 रुपये.

भत्तों का एरियर मिलेगा या नहीं

कृष्णमूर्ति के अनुसार डीए का एरियर आमतौर पर दिया जाता है. लेकिन मकान किराया भत्ता यानी HRA का पिछला पैसा नहीं मिलता. ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी आम तौर पर पीछे से नहीं दिया जाता क्योंकि वह तय रकम होती है.

लेवल 1 से 5 तक अनुमानित गणना

2.0, 2.15, 2.28 और 2.57 फिटमेंट फैक्टर मानकर लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों के लिए एरियर का अनुमान लगाया है. इसमें यह माना गया है कि नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से लागू होगी और 20 महीनों का बकाया मिलेगा. गणना केवल बेसिक पे के अंतर पर आधारित है और भत्तों को इसमें शामिल नहीं किया गया है.

सैंपल बकाया कैलकुलेशन (लेवल 1–5) – 20 महीने

स्टेप 1: मौजूदा (7th CPC) बेसिक सैलरी

Levelमौजूदा बेसिक वेतन (7वां वेतन आयोग) ₹
लेवल 118,000
लेवल 219,900
लेवल 321,700
लेवल 425,500
लेवल 529,200

स्टेप 2. अलग अलग फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक सैलरी (₹)

Level2.0×2.15×2.28×2.57×
लेवल 136,00038,70041,04046,260
लेवल 239,80042,78545,37251,143
लेवल 343,40046,65549,47655,769
लेवल 451,00054,82558,14065,535
लेवल 558,40062,78066,57675,044

स्टेप 3. हर महीने बेसिक वेतन में बढ़ोतरी (₹)

Level2.0×2.15×2.28×2.57×
लेवल 118,00020,70023,04028,260
लेवल 219,90022,88525,47231,243
लेवल 321,70024,95527,77634,069
लेवल 425,50029,32532,64040,035
लेवल 529,20033,58037,37645,844

स्टेप 4. 20 महीनों का अनुमानित एरियर (केवल बेसिक पे, ₹ लाख में)

Level2.0×2.15×2.28×2.57×
लेवल 13.604.144.615.65
लेवल 23.984.585.096.25
लेवल 34.344.995.566.81
लेवल 45.105.876.538.01
लेवल 55.846.727.489.17

कैलकुलेशन सोर्स: ET

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