LPG सिलेंडर 30 दिन नहीं 45 दिन चलेगा, किल्लत में ऐसे बचाएं 50 फीसदी गैस, जानें 10 स्मार्ट टिप्स

मिडिल ईस्ट में तनाव और ऊर्जा सप्लाई में अनिश्चितता के बीच एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही है. ऐसे समय में कुकिंग की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके गैस की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही तरीके अपनाने से घरों में एलपीजी की खपत लगभग 50 फीसदी तक घटाई जा सकती है.

LPG और PNG सिलेंडर Image Credit: @Tv9

LPG Saving Tips: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे असर के कारण कई जगह LPG सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसका असर भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किया जा रहा है. एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई की अनिश्चितता का असर खासकर फूड एंड बेवरेज (F&B) सेक्टर पर दिख रहा है, जहां कई छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों को काम बंद करना पड़ा है. इसी बीच हेल्थ और लाइफस्टाइल कोच डॉ. नंदिता अय्यर ने एलपीजी की खपत कम करने के कुछ आसान उपाय बताए हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अगर खाना बनाने के तरीके में थोड़े बदलाव किए जाएं तो गैस की खपत करीब 50 फीसदी तक कम की जा सकती है.

ऐसे में नीचे दिए गए ये 10 टिप्स रोजमर्रा की कुकिंग में गैस बचाने में मदद कर सकते हैं.

दाल, चावल और बीन्स पहले भिगोकर रखें: सूखी चीजों को पकाने से पहले भिगोने से उनका कुकिंग टाइम काफी कम हो जाता है. भीगे हुए अनाज और दालें 30 फीसदी से 50 फीसदी तक जल्दी पकती हैं. आम तौर पर राजमा या चना को 8 से 10 घंटे, दालों को 30 से 60 मिनट और चावल को 20 से 30 मिनट तक भिगोना बेहतर माना जाता है.

बर्नर का सही चुनाव करें: छोटे बर्तन के लिए बड़े बर्नर का इस्तेमाल करने से गैस बेकार जाती है. चाय बनाने, तड़का लगाने या खाना गर्म करने के लिए छोटा बर्नर बेहतर रहता है. वहीं प्रेशर कुकर या पानी उबालने के लिए बड़ा बर्नर इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही ध्यान रहे कि लौ बर्तन की परिधि से बाहर न जाए.

बर्तन को ढककर पकाएं: खाना पकाते समय बर्तन को ढक्कन से ढकने से गर्मी अंदर रहती है और भाप कम निकलती है. इससे खाना जल्दी पकता है और 20 फीसदी से 25 फीसदी तक गैस की बचत हो सकती है.

सब्जियों को छोटे टुकड़ों में काटें: सब्जियों को छोटे टुकड़ों में काटने से उनका सतह क्षेत्र बढ़ जाता है और गर्मी जल्दी अंदर तक पहुंचती है. इससे सब्जियां जल्दी पकती हैं और गैस की खपत कम होती है.

एक साथ कई चीजें पकाएं: अगर प्रेशर कुकर में एक साथ कई चीजें पकाई जाएं तो गैस की काफी बचत हो सकती है. उदाहरण के लिए कुकर में नीचे दाल या मीट और ऊपर एक बाउल में सब्जियां रखकर पकाई जा सकती हैं. इससे एक ही बार में कई चीजें बन जाती हैं और गैस कम खर्च होती है.

बर्नर की सफाई जरूरी: कुछ समय बाद गैस बर्नर के छेद बंद हो जाते हैं जिससे गैस ठीक से नहीं जलती. अगर लौ पीली दिख रही है तो इसका मतलब है कि दहन सही नहीं हो रहा. इसलिए हर कुछ हफ्तों में बर्नर साफ करना जरूरी है ताकि नीली लौ मिले और गैस कम खर्च हो.

बची हुई गर्मी का इस्तेमाल करें: कई बार खाना गैस बंद करने के बाद भी बर्तन में मौजूद गर्मी से पकता रहता है. इसलिए खाना पूरी तरह पकने से थोड़ा पहले गैस बंद कर देने से भी ऊर्जा की बचत हो सकती है.

भारी तले वाले बर्तन इस्तेमाल करें: मोटे तले वाले बर्तन जैसे ट्रिपल स्टील, मोटे बेस वाले स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन के बर्तन गर्मी को समान रूप से फैलाते हैं. इससे खाना जल्दी पकता है और जलने का खतरा भी कम होता है. पतले बर्तन गर्मी को ठीक से नहीं रोक पाते और गैस ज्यादा खर्च होती है.

प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल: डॉ. नंदिता अय्यर के मुताबिक प्रेशर कुकर में खाना बनाने से कुकिंग टाइम काफी कम हो जाता है. खासकर दाल, बीन्स, आलू और मीट जैसी चीजें प्रेशर कुकर में 30 फीसदी से 70 फीसदी तक तेजी से पकती हैं, जिससे गैस की खपत भी कम होती है.

पानी उबालने के लिए इलेक्ट्रिक केतली बेहतर: डॉ. नंदिता अय्यर के अनुसार पानी उबालने के लिए इलेक्ट्रिक केतली का इस्तेमाल करना एलपीजी के मुकाबले ज्यादा ऊर्जा-कुशल होता है. इससे गैस की बचत की जा सकती है.

इसे भी पढ़ें- 10000 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर मिलते ही दौड़ा ₹100 से सस्‍ता ये शेयर, 4% चढ़ा, ऑप्टिकल फाइबर केबल की करेगी सप्‍लाई