8वें वेतन आयोग पर संसद में सरकार ने कही ये बात, कितनी बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी, जानें- क्या है स्टेटस
8th Pay Commission: पिछले वेतन आयोगों को देखें तो समीक्षा और मंजूरी की प्रक्रिया में आम तौर पर कई महीने लगे थे. 7वें केंद्रीय वेतन आयोग ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जून 2016 में ज्यादातर सिफारिशों को मंजूरी दी थी.
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने अब एक अहम चरण में प्रवेश किया है, जिसके तहत देश भर में कर्मचारी संघों, पेंशनभोगियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत तेज कर दी गई है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपनी प्रक्रिया खुद तय करेगा और इसके काम करने के नियमों (Terms of Reference) में यह जरूरी नहीं है कि वह अपनी प्रगति के बारे में सरकार को जानकारी देता रहे. उन्होंने यह भी कहा कि वेतन आयोग अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें देगा.
संसद में सरकार ने क्या कहा?
28 जुलाई को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा, ‘सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए 03.11.2025 को एक प्रस्ताव (Resolution) जारी किया है, जिसमें इसके काम करने के नियम (ToR) भी शामिल हैं. 03.11.2025 के प्रस्ताव में कहा गया है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपनी प्रक्रिया खुद तय करेगा. आयोग के काम करने के नियमों में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि आयोग अपनी प्रगति, सोची जा रही सिफारिशों की प्रकृति या विचार-विमर्श के दौरान अपनी बातचीत की प्रक्रिया के बारे में सरकार को जानकारी देता रहे.’
रिपोर्ट के बाद सरकार लेगी फैसला
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, केंद्र सरकार उसकी सिफारिशों पर विचार करेगी और तय करेगी कि उन्हें पूरी तरह से माना जाए या उनमें कुछ बदलाव किए जाएं. इस प्रक्रिया के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं है, क्योंकि सरकार के लिए सिफारिशों को तुरंत लागू करना कानूनी रूप से जरूरी नहीं है.
7वें वेतन आयोग में कितना समय लगा था?
पिछले वेतन आयोगों को देखें तो समीक्षा और मंजूरी की प्रक्रिया में आम तौर पर कई महीने लगे थे. 7वें केंद्रीय वेतन आयोग ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जून 2016 में ज्यादातर सिफारिशों को मंजूरी दी थी, जबकि संशोधित सैलरी स्ट्रक्चर 1 जनवरी 2016 से (पिछली तारीख से) लागू हुआ था. इसी तरह, पहले के वेतन आयोगों के मामले में भी रिपोर्ट सौंपने और सरकार की मंजूरी के बीच कुछ महीनों का अंतर रहा था.
कब तक सौंपी जा सकती है रिपोर्ट?
अगर 8वां CPC तय समय के अनुसार मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंप देता है, तो सरकार की समीक्षा और मंजूरी की प्रक्रिया 2027 के आखिर तक खिंच सकती है, हालांकि इसे लागू करने की अंतिम तारीख मंत्रिमंडल की मंजूरी और बजट से जुड़ी बातों पर निर्भर करेगी. अगर मंजूरी मिल जाती है, तो सरकार संशोधित वेतनमान को पिछली तारीख से लागू करने का फैसला कर सकती है, जैसा उसने 7वें CPC के मामले में किया था.
हालांकि, उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से पिछली तारीख से लागू किया जाएगा.
8वां वेतन आयोग: अभी क्या स्थिति है?
8वां CPC अभी बातचीत और डेटा इकट्ठा करने के चरण में है. इसने चेन्नई (7-8 सितंबर) और पुडुचेरी (9 सितंबर, 2026) के दौरे की घोषणा की है. योग्य केंद्रीय सरकारी संगठन, एसोसिएशन और यूनियन अपने मेमोरेंडम ID के साथ 18 अगस्त 2026 तक अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह 8वें CPC की बातचीत प्रक्रिया में एक और अहम कदम है.
कितनी सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद है?
नई दिल्ली में 28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच हुई 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की पहली औपचारिक बैठक के दौरान, नेशनल काउंसिल (JCM) के कर्मचारी पक्ष ने 3.83 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया. अगर इसे मान लिया जाता है, तो इस प्रस्ताव से लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी और पेंशन में 283 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर 69,000 रुपये हो जाएगी.
फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर है जिसका इस्तेमाल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित करने के लिए किया जाता है. 7वें वेतन आयोग के तहत, सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी.
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