8th Pay Commission: कहां तक पहुंची रिपोर्ट और कब तक कर्मचारियों को करना होगा इंतजार? संसद में सरकार ने तोड़ी चुप्पी

8th Pay Commission: आयोग की सिफारिशों का असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के एक बड़े हिस्से पर पड़ेगा. आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है.

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट Image Credit: @Money9live

Highlights

  • सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है.
  • सरकार ने जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है.
  • 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार के 35.77 लाख सिविलियन कर्मचारी सेवा में थे.

8th Pay Commission: सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया था. लेकिन संशोधित वेतन, भत्ते, पेंशन और इसे लागू करने की तारीख जैसे अहम सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं, क्योंकि आयोग ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 के एक प्रस्ताव के जरिए इस आयोग का गठन किया.

आयोग की सिफारिशों का असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के एक बड़े हिस्से पर पड़ेगा. केंद्र का अनुमान है कि इससे 35.77 लाख सिविलियन कर्मचारी और 33.76 लाख पेंशनभोगी व पारिवारिक पेंशनभोगी प्रभावित हो सकते हैं. पेंशनभोगियों की इस संख्या में डिफेंस पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं.

8वें वेतन आयोग की डेडलाइन: रिपोर्ट कब सौंपी जाएगी?

आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है. इसका मतलब है कि पैनल के लिए रिपोर्ट सौंपने की आखिरी तारीख मई 2027 है. हालांकि, सरकार ने यह नहीं बताया है कि संशोधित वेतन और पेंशन स्ट्रक्चर कब से लागू होगा. प्रस्तावित लागू होने की तारीख के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें नहीं सौंपी हैं.

इसका मतलब है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा, ताकि उनके वेतन, भत्तों या रिटायरमेंट से जुड़े फायदों में प्रस्तावित बदलावों की जानकारी साफ हो सके.

8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सदस्य कौन हैं?

सरकार ने जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है. अन्य सदस्यों में प्रो. पुलक घोष शामिल हैं, जिन्हें सदस्य (पार्ट-टाइम) नियुक्त किया गया है और पंकज जैन, जो सदस्य-सचिव हैं. आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मौजूदा वेतन और सेवा शर्तों की समीक्षा करेगा और सरकार को सिफारिशें देगा.

8वां वेतन आयोग: इसमें क्या-क्या शामिल होगा?

आयोग के कार्य-क्षेत्र (Terms of Reference) में कई ऐसे पहलू शामिल हैं जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और रिटायरमेंट से जुड़े लाभों पर सीधा असर डालते हैं. इनमें वेतन में संशोधन, महंगाई भत्ता, अन्य भत्ते, पेंशन, पारिवारिक पेंशन और सेवा की शर्तें शामिल हैं.

सरकार ने 3 नवंबर 2025 के अपने प्रस्ताव के जरिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (काम की रूपरेखा) की जानकारी दी थी. हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया है कि इन अंतिम सिफारिशों का कर्मचारियों की सैलरी या पेंशन भुगतान पर क्या असर पड़ सकता है.

कितने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा हो सकता है?

सरकार का अनुमान है कि 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार के 35.77 लाख सिविलियन कर्मचारी सेवा में थे. 31 दिसंबर 2025 तक पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनभोगियों की संख्या लगभग 33.76 लाख थी. इस आंकड़े में डिफेंस (रक्षा विभाग) के पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं. कुल मिलाकर, इस प्रक्रिया से प्रभावित हो सकने वाले सिविलियन कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की संख्या लगभग 70 लाख है.

इसके बाद क्या होगा?

अगला तुरंत कदम यह है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग तय 18 महीने की अवधि में अपनी समीक्षा पूरी करे और अपनी सिफारिशें सौंपे. तब तक, सरकार ने संशोधित वेतन संरचना, भत्तों में बदलाव, पेंशन या पारिवारिक पेंशन, या वे सिफारिशें किस तारीख से लागू होंगी, इस बारे में कुछ भी तय नहीं किया है. फिलहाल, केंद्र की ताजा प्रतिक्रिया से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों की स्थिति और समय-सीमा की पुष्टि होती है.

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