यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे होंगे लिंक, इन लोगों को सीधा फायदा; 270 करोड़ में बनेगी रोड

यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज का काम अगले सप्ताह शुरू होने वाला है.इसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है. इस इंटरचेंज के निर्माण में 270 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 11 किलोमीटर लंबे इस इंटरचेंज के बनने के बाद दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, वहीं मथुरा और आगरा से आने वाले यात्रियों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए 20 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.

यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज Image Credit: money9live.com

Yamuna Expressway: भारत में एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, और एक एक्सप्रेसवे को दूसरे से जोड़ने का कार्य भी तेजी से चल रहा है. अब जल्द ही यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केजीपी) से जोड़ने का काम शुरू होगा. इसका डिजाइन भी तैयार हो चुका है, और इस साल के अंत तक इसके पूरा होने की संभावना है. इसके निर्माण से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को काफी लाभ होगा. आइए जानते हैं कि इसका निर्माण कब होगा और इससे कैसे फायदा होगा.

कब से होगा निर्माण

यमुना एक्सप्रेसवे को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केजीपी) से जोड़ने वाले इंटरचेंज का निर्माण कार्य अगले सप्ताह शुरू हो जाएगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम ने दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले इंटरचेंज के लिए भूमि सर्वेक्षण पहले ही पूरा कर लिया है और डिजाइन लगभग तैयार है. कागजी कार्रवाई पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. आठ लूप वाला यह इंटरचेंज इसी साल बनकर तैयार होने की उम्मीद है. इसे 60 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जाएगा.

270 करोड़ में होगा निर्माण

यमुना एक्सप्रेसवे को जगनपुर-अफजलपुर में केजीपी से जोड़ा जाएगा, जो जीरो पॉइंट से 10 किलोमीटर दूर है. इस परियोजना के लिए जमीन का अधिग्रहण पहले ही हो चुका है. पिछले कुछ दिनों में 77 प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के मुआवजे का 7 फीसदी मिल चुका है, और मार्च तक 60 और किसानों को मुआवजा मिल जाएगा.

एनएचएआई द्वारा इंटरचेंज का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 270 करोड़ रुपये है. दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए इंटरचेंज पर आठ लूप बनाए जाएंगे, जो कुल 11 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे. इनमें से चार लूप प्रवेश के लिए और चार बाहर निकलने के लिए होंगे.

इनको होगा फायदा

इस एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले यात्रियों को इंटरचेंज में प्रवेश करते या बाहर निकलते समय ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा. दोनों एक्सप्रेसवे के जुड़ जाने से गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के लोगों को आगरा जाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए ग्रेटर नोएडा परी चौक तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

इस नए कनेक्शन से वे दुहाई और डासना से गुजरने के बाद सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे. इसके अलावा, मथुरा और आगरा से आने वाले यात्रियों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी.

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