नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच होगी आसान, UP सरकार बना रही नया एक्सप्रेसवे लिंक, YEIDA को 1204 करोड़ रुपये जारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए नया एक्सप्रेसवे लिंक बनाया जाएगा. इससे पश्चिमी यूपी के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी आसानी होगी. साथ ही ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा. सरकार का मकसद है कि यात्रियों और व्यापार दोनों को तेज और सुगम रास्ता मिले.
Noida Expressway Link: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है और अब सरकार एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए नया एक्सप्रेसवे लिंक बनाया जाएगा. इससे पश्चिमी यूपी के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी आसानी होगी. साथ ही ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा. सरकार का मकसद है कि यात्रियों और व्यापार दोनों को तेज और सुगम रास्ता मिले. इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ा जाएगा. इससे कई शहरों के बीच सफर का समय कम हो जाएगा. यह नया हाईवे भविष्य में औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स के लिए भी अहम भूमिका निभाएगा.
1204 करोड़ रुपये मंजूर
यूपी सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 1,204 करोड़ रुपये जारी किए हैं. यह पैसा जमीन खरीदने के लिए दिया गया है. यह मंजूरी 2025-26 के बजट में दी गई है. इस फैसले से प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
74 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे
यह नया एक्सप्रेसवे करीब 74 किलोमीटर लंबा होगा. यह गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इससे नोएडा एयरपोर्ट तक सीधा और तेज रास्ता मिलेगा. इस सड़क से मेरठ, बुलंदशहर, खुर्जा और स्याना जैसे इलाकों को फायदा होगा.
4000 करोड़ का पूरा प्रोजेक्ट
इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 4000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके लिए करीब 740 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी. यह जमीन 56 गांवों से ली जाएगी, जिसमें गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले शामिल हैं.
कैसे बनेगा यह एक्सप्रेसवे
इस प्रोजेक्ट को UPEIDA तैयार करेगा. सड़क का एक हिस्सा एलिवेटेड होगा और इसमें सर्विस रोड, ब्रिज और अंडरपास भी बनाए जाएंगे. इससे ट्रैफिक सुचारु रहेगा और सफर आसान होगा.
क्या होगा फायदा
- नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होगा.
- सफर का समय कम होगा.
- ट्रैफिक जाम कम होगा.
- इंडस्ट्री और व्यापार को फायदा मिलेगा.
- यह नया एक्सप्रेसवे यूपी में कनेक्टिविटी और विकास को और मजबूत करेगा.
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