आधा बना है एक्सप्रेसवे तो टोल भी लगेगा आधा, सरकार ने बदले नियम, जानें अब कैसे देनी होगी आपको फीस

हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक अहम बदलाव का रास्ता खुला है. सरकार सड़क उपयोग से जुड़े शुल्क नियमों में ऐसा संशोधन कर रही है, जिससे यात्रियों को सीधा फायदा मिल सकता है. इसका असर आने वाले दिनों में एक्सप्रेसवे और आसपास के मार्गों पर देखने को मिल सकता है.

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे/ प्रतिकात्मक तस्वीर Image Credit: File Photo

नेशनल एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है. अब अगर कोई नेशनल एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, तो उस पर सफर करने वाले यात्रियों को ज्यादा टोल नहीं देना पड़ेगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने टोल शुल्क से जुड़े नियमों में संशोधन किया है, जिससे आंशिक रूप से चालू एक्सप्रेसवे पर टोल दरें कम होंगी. यह बदलाव 15 फरवरी से लागू होगा.

टोल नियमों में क्या बदला

सरकार ने नेशनल हाईवे शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन को अधिसूचित किया है. इसके तहत अगर कोई नेशनल एक्सप्रेसवे एंड-टू-एंड यानी पूरी लंबाई में चालू नहीं है, तो उस पर टोल शुल्क नेशनल हाईवे की दरों के अनुसार लिया जाएगा. यानी एक्सप्रेसवे होने के बावजूद यात्रियों से अतिरिक्त टोल नहीं वसूला जाएगा.

मंत्रालय के मुताबिक, अब तक नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क सामान्य नेशनल हाईवे के मुकाबले 25 प्रतिशत ज्यादा लिया जाता था. इसकी वजह यह बताई जाती थी कि एक्सप्रेसवे पर सफर ज्यादा तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट के होता है. यह अतिरिक्त शुल्क तब भी लिया जाता था, जब एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं होता था और सिर्फ यात्री कुछ हिस्सों पर ही वाहन चल पा रहे होते थे.

कैसे कैलकुलेट होगा आपका टोल

नए नियम के तहत अगर एक्सप्रेसवे का पूरा हिस्सा शुरू नहीं हुआ है, तो केवल जितना हिस्सा चालू है, उसी पर नेशनल हाईवे के बराबर टोल लिया जाएगा. इससे यात्रियों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा और उन्हें अधूरी सुविधा के लिए ज्यादा पैसे नहीं चुकाने होंगे.

सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को एक्सप्रेसवे के खुले हिस्सों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है. इससे पुराने नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, लॉजिस्टिक्स और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी और ट्रैफिक जाम के कारण होने वाला प्रदूषण भी घटेगा.

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नियम कितने समय तक लागू रहेगा

यह संशोधित नियम अधिकतम एक साल तक लागू रहेगा या फिर तब तक, जब तक संबंधित नेशनल एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू नहीं हो जाता. जो भी स्थिति पहले आएगी, उसी के अनुसार नियम प्रभावी रहेगा.