जेवर एयरपोर्ट का असर! यमुना एक्सप्रेसवे बना रियल एस्टेट का नया हॉटस्पॉट; 5 साल में 5 गुना तक बढ़े दाम

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रियल एस्टेट बाजार में तेज उछाल देखने को मिला है. पिछले 5 वर्षों में यहां प्रॉपर्टी की कीमतें 5 गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे यह इलाका एनसीआर का नया हॉटस्पॉट बन गया है. प्लॉट्स और अपार्टमेंट दोनों सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई है, जबकि रेजिडेंशियल और कमर्शियल डिमांड में भी तेजी आई है.

UP रियल स्टेट Image Credit: Money9 Live

Jewar Airport Real Estate Effect: नेशनल कैपिटल रीजन में रियल एस्टेट के नक्शे को बदलने वाली एक बड़ी घटना के रूप में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन सामने आया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए इस उद्घाटन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. खास बात यह है कि एयरपोर्ट के पूरी तरह चालू होने से पहले ही इस क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ गई है, जिससे यह इलाका अब एनसीआर का सबसे तेजी से उभरता हुआ रियल एस्टेट कॉरिडोर बन गया है.

5 साल में 5 गुना तक बढ़ी कीमतें

इन्वेस्टोएक्सपर्ट एडवाइजर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2025 के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रॉपर्टी की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई है. अपार्टमेंट की कीमतें जहां 3,950 रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 10,200 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं, वहीं प्लॉट्स की कीमतें 1,650 रुपये से बढ़कर 10,500 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं. इसका मतलब है कि जमीन में निवेश करने वाले निवेशकों को करीब 5 गुना तक का रिटर्न मिला है, जो हाल के वर्षों में एनसीआर में सबसे मजबूत प्रदर्शन में से एक है.

प्लॉट्स बने सबसे बड़े विजेता

इस पूरे उछाल में प्लॉट्स ने सबसे ज्यादा फायदा दिया है. सीमित उपलब्धता, लचीलापन और तेजी से बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों ने प्लॉट्स में भारी निवेश किया है. कुछ माइक्रो मार्केट्स में तो जमीन की कीमतें 10 गुना तक बढ़ने की भी जानकारी सामने आई है. वहीं, अपार्टमेंट्स में भी स्थिर और मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसे एंड यूजर डिमांड का समर्थन मिला है.

एयरपोर्ट ने बढ़ाई मांग

एयरपोर्ट से जुड़े विकास कार्यों का असर तुरंत देखने को मिला है. रिपोर्ट के अनुसार, एयरपोर्ट से जुड़े सकारात्मक माहौल के बाद रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग में 56 फीसदी और कमर्शियल स्पेस में 75 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह दिखाता है कि यह प्रोजेक्ट केवल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बन रहा है.

इंफ्रास्ट्रक्चर बना ग्रोथ का इंजन

यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे इंडस्ट्रियल टाउनशिप, लॉजिस्टिक्स पार्क, फिल्म सिटी, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग हब इस क्षेत्र को और मजबूत बना रहे हैं. इसके अलावा एक्सप्रेसवे, मेट्रो और नमो भारत जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं इस इलाके को निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बना रही हैं.

आगे भी जारी रहेगी तेजी

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तेजी अभी थमने वाली नहीं है. आने वाले समय में प्रॉपर्टी की कीमतों में 20 से 30 फीसदी तक की और बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि सालाना आधार पर 12 से 18 फीसदी की स्थिर वृद्धि बनी रह सकती है. जैसे-जैसे एयरपोर्ट के आसपास इंडस्ट्री और बिजनेस एक्टिविटी बढ़ेगी, वैसे-वैसे हाउसिंग और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में और तेजी आएगी.

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