इन स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने बिखेरा जलवा, 5 साल में दिया 30% से ज्यादा CAGR रिटर्न; निवेशक रखें नजर

बीते 5 वर्षों में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर अपनी अलग पहचान बनाई है. कई टॉप फंड्स ने 30 फीसदी से ज्यादा का CAGR रिटर्न दिया है, जिससे ये कैटेगरी तेजी से लोकप्रिय हो रही है. हालांकि, इन फंड्स में जोखिम भी अधिक होता है, इसलिए निवेश से पहले सही रणनीति और लंबी अवधि का नजरिया जरूरी है.

म्यूचुअल फंड्स Image Credit: money9live.com

Smallcap Mutual Funds: बीते 5 वर्षों में स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों के नजरिये को पूरी तरह बदल दिया है. पहले जहां इन्हें ज्यादा जोखिम वाला निवेश माना जाता था, वहीं अब ये फंड्स मजबूत रिटर्न के कारण निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. कई प्रमुख स्मॉलकैप फंड्स ने इस अवधि में 30 फीसदी से अधिक का सालाना CAGR दिया है, जो बड़े और मिडकैप फंड्स की तुलना में काफी बेहतर है.

मजबूत रिटर्न के पीछे क्या है कारण

इन फंड्स की सफलता के पीछे सही समय पर उभरती कंपनियों में निवेश, मजबूत मैनेजमेंट और लंबी अवधि की रणनीति अहम भूमिका निभाती है. स्मॉलकैप कंपनियां आमतौर पर विकास के शुरुआती चरण में होती हैं और अगर उनका बिजनेस मॉडल सफल हो जाता है, तो निवेशकों को बड़ा फायदा मिलता है. हालांकि, इन फंड्स में उतार-चढ़ाव और जोखिम भी ज्यादा होता है.

टॉप प्रदर्शन करने वाले फंड्स

Equitymaster की रिपोर्ट के मुताबिक, निप्पॉन इंडिया स्मॉलकैप फंड ने पिछले 5 वर्षों में लगभग 33.42 फीसदी का CAGR दिया है, जो इसे इस कैटेगरी में सबसे आगे रखता है. इसके अलावा बंधन स्मॉलकैप फंड ने 32.53 फीसदी और इनवेस्को इंडिया स्मॉलकैप फंड ने 31.38 फीसदी का रिटर्न दिया है. एचएसबीसी और एचडीएफसी स्मॉलकैप फंड भी 30 फीसदी से अधिक रिटर्न दे चुके हैं.

जोखिम और स्थिरता का संतुलन

इन फंड्स ने सिर्फ ज्यादा रिटर्न ही नहीं दिया, बल्कि Risk Management में भी बेहतर प्रदर्शन किया है. कई फंड्स का वोलैटिलिटी लेवल बेंचमार्क इंडेक्स से कम रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों को बेहतर रिस्क एडजस्टेड रिटर्न मिला है. साथ ही, कुछ फंड्स ने बाजार में गिरावट के दौरान नुकसान को सीमित रखने में भी सफलता हासिल की है.

निवेश से पहले क्या ध्यान रखें

हालांकि स्मॉलकैप फंड्स में हाई रिटर्न की संभावना होती है, लेकिन इनमें निवेश करने से पहले जोखिम सहने की क्षमता और निवेश अवधि का ध्यान रखना जरूरी है. एक्सपर्ट का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशक ही इन फंड्स से अधिक लाभ उठा सकते हैं, क्योंकि कम समय में इनमें उतार-चढ़ाव अधिक रहता है. कुल मिलाकर, स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने यह साबित कर दिया है कि सही रणनीति और धैर्य के साथ निवेश करने पर यह कैटेगरी निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकती है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.