डिफेंस सेक्टर में हलचल: ₹3.6 लाख करोड़ की मंजूरी से HAL समेत 5 कंपनियों को मिलेगा बूस्ट, राफेल डील से चमकेगा डिफेंस शेयरों का सितारा
दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और भारत सरकार की रिकॉर्ड रक्षा खरीद मंजूरियों ने डिफेंस सेक्टर में नई हलचल पैदा कर दी है. ₹3.6 लाख करोड़ के मेगा अप्रूवल और मजबूत तिमाही नतीजों के चलते Hindustan Aeronautics (HAL) समेत कई कंपनियां निवेशकों के रडार पर हैं. राफेल सौदा इस तेजी का सबसे बड़ा ट्रिगर बनकर उभरा है.
Defence Stocks: दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सीमा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत का रक्षा क्षेत्र अचानक निवेशकों की नजरों में आ गया है. लेकिन यह सिर्फ वैश्विक हालात की कहानी नहीं है. असली हलचल उस वक्त तेज हुई जब सरकार ने रिकॉर्ड स्तर की रक्षा खरीद मंजूरियां दीं और कंपनियों ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए. इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में है सरकारी दिग्गज Hindustan Aeronautics Limited (HAL), जिसके साथ कई अन्य रक्षा कंपनियां भी बड़े ऑर्डर और भविष्य की संभावनाओं के चलते चर्चा में हैं.
₹3.6 लाख करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी
सरकार की रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने ₹3.6 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इसे अब तक की सबसे बड़ी “एसेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी” (AoN) मंजूरी माना जा रहा है. इस फैसले के बाद वित्त वर्ष 2026 में कुल AoN मंजूरियां बढ़कर ₹6.9 लाख करोड़ हो गई हैं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग तीन गुना है. इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार सैन्य आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है.
114 राफेल जेट: किसे मिलेगा फायदा?
करीब ₹3.2 लाख करोड़ का बड़ा हिस्सा 114 राफेल फाइटर जेट की खरीद पर खर्च होगा. इनमें से लगभग 90 विमान भारत में बनाए जा सकते हैं और करीब 50% हिस्सा स्वदेशी होगा.
इन कंपनियों को मिल सकता है फायदा
- Hindustan Aeronautics Limited (HAL)
- Bharat Electronics Limited (BEL)
- Bharat Dynamics Limited (BDL)
- Data Patterns
- Bharat Forge
हालांकि, काम का अंतिम बंटवारा और समय-सीमा अभी तय होना बाकी है.
HAL के तिमाही नतीजे: मुनाफे में मजबूत बढ़त
ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने HAL पर “Accumulate” रेटिंग बरकरार रखते हुए Target Price ₹4,700 तय किया है. कंपनी की Q3FY26 आय 11% बढ़कर ₹7,700 करोड़ रही. मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में लगभग 25% की सालाना बढ़त दर्ज की गई. सबसे खास बात रही मार्जिन में सुधार EBITDA 33% बढ़कर ₹2,240 करोड़ और EBITDA मार्जिन 29% तक पहुंचा गया.
AMCA से बाहर, फिर भी मजबूत ऑर्डर बुक
भले ही HAL को एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डिजाइन रोल में शामिल नहीं किया गया, लेकिन कंपनी के पास लगभग ₹3 लाख करोड़ का ऑर्डर पाइपलाइन है. इसके मुख्य प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं –
- तेजस Mk II
- सुखोई-30 अपग्रेड
- लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड
- लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH)
इन प्रोजेक्ट्स में HAL प्रमुख भूमिका निभा रहा है.
आगे की राह: मौके भी, चुनौतियां भी
रक्षा क्षेत्र में बड़े ऑर्डर और सरकारी समर्थन से लंबी अवधि के अवसर बन रहे हैं. HAL के लिए मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) और सिविल हेलीकॉप्टर के निर्माण में भी संभावनाएं हैं. हालांकि, कुछ जोखिम भी बने हुए हैं. जैसे इंजन सप्लाई में देरी, बड़े ऑर्डर को पूरा करने में चुनौतियां और सरकारी प्रक्रियाओं में समय लगना है. कुल मिलाकर, रक्षा क्षेत्र में मजबूती के संकेत दिख रहे हैं और HAL इस रफ्तार का प्रमुख लाभार्थी बन सकता है. निवेशकों के लिए यह सेक्टर आने वाले समय में खास नजर रखने लायक है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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