गुरुग्राम NCR के हाउसिंग सेक्टर को रफ्तार देने उतरी सिग्नेचर ग्लोबल, सोहन में 450 करोड़ का निवेश
गुरुग्राम का सोहन इलाका रियल एस्टेट निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. यहां एक बड़ी कंपनी ने हाल ही में करोड़ों रुपये में जमीन खरीदी है. माना जा रहा है कि इस सौदे से एनसीआर हाउसिंग मार्केट में नई हलचल देखने को मिलेगी. पूरी जानकारी पढ़ें यहां.
रियल एस्टेट कंपनी सिग्नेचर ग्लोबल लिमिटेड ने गुरुग्राम के सोहना इलाके में 33.47 एकड़ जमीन खरीदी है. इस सौदे की कीमत करीब 450 करोड़ रुपये बताई जा रही है. कंपनी इस जमीन पर बड़े पैमाने पर आवासीय परियोजनाएं विकसित करने की तैयारी कर रही है.
कंपनी के चेयरमैन प्रदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह जमीन तीन अलग-अलग सेल डीड्स के जरिए खरीदी गई है. इसमें करीब 18 लाख वर्गफुट निर्माण की संभावना है. अग्रवाल का कहना है कि कंपनी लगातार जमीन खरीद पर नजर रखती है और दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली में नए सौदों का मूल्यांकन किया जा रहा है.
जमीन खरीद और निवेश योजनाएं
सिग्नेचर ग्लोबल ने पिछले वित्त वर्ष में गुरुग्राम में ही 48 एकड़ जमीन 1,070 करोड़ रुपये में खरीदी थी. अब कंपनी की योजना है कि 2025-26 में 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये जमीन खरीद पर निवेश किए जाएंगे. कंपनी की रणनीति है कि हर वित्त वर्ष में उतनी ही जमीन खरीदी जाए जितनी परियोजनाएं लॉन्च की जाती हैं.
नए लॉन्च और बिक्री का लक्ष्य
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 4,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं और मार्च 2026 तक 13,000 करोड़ रुपये के नए लॉन्च की योजना है. हालांकि दूसरी तिमाही में अब तक कोई नया प्रोजेक्ट नहीं आया है, लेकिन मौजूदा प्रोजेक्ट्स में बिक्री जारी है.
अग्रवाल ने कहा कि इस साल कंपनी का लक्ष्य 12,500 करोड़ रुपये की प्री-सेल्स हासिल करने का है.
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बाजार का हाल
गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार को लेकर अग्रवाल ने कहा कि 5 करोड़ रुपये से ऊपर की लग्जरी प्रॉपर्टीज की मांग धीमी लेकिन स्थिर बनी हुई है. वहीं 2–5 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट में सप्लाई सीमित है. हालांकि दामों में गिरावट नहीं हुई है, पर अब तेज उछाल की रफ्तार कुछ धीमी हो गई है.
इस साल अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ पांच गुना बढ़कर 34.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 6.79 करोड़ रुपये था. कुल आय भी बढ़कर 898.35 करोड़ रुपये रही. हालांकि प्री-सेल्स 15 फीसदी घटकर 2,640 करोड़ रुपये रही.