3.5% से ज्यादा डिविडेंड, कर्ज जीरो… ये 2 स्मॉलकैप केमिकल स्टॉक्स बन रहे हैं निवेशकों की कैश मशीन
अक्सर ऐसी कंपनियों की तलाश में रहते हैं, जिन्हें “कैश मशीन” कहा जा सके. यानी ऐसी कंपनियां जो मुनाफा कमाती रहें, कर्ज के बोझ से दूर हों और अपने निवेशकों को डिविडेंड के रूप में फायदा बांटें. हाल ही में एक स्क्रीनिंग के दौरान दो स्मॉल-कैप केमिकल कंपनियां सामने आईं, जो इन कसौटियों पर खरी उतरती दिखीं. खास बात यह है कि दोनों कंपनियों पर लगभग कोई कर्ज नहीं है और डिविडेंड यील्ड 3.5 प्रतिशत से ज्यादा है.
2 small-cap chemical Stocks: शेयर बाजार में ऐसे स्टॉक्स बहुत कम मिलते हैं, जिनमें कर्ज ना के बराबर हो, नियमित डिविडेंड मिलता हो और फिर भी कीमत ज्यादा महंगी न लगे. निवेशक अक्सर ऐसी कंपनियों की तलाश में रहते हैं, जिन्हें “कैश मशीन” कहा जा सके. यानी ऐसी कंपनियां जो मुनाफा कमाती रहें, कर्ज के बोझ से दूर हों और अपने निवेशकों को डिविडेंड के रूप में फायदा बांटें.
हाल ही में एक स्क्रीनिंग के दौरान दो स्मॉल-कैप केमिकल कंपनियां सामने आईं, जो इन कसौटियों पर खरी उतरती दिखीं. खास बात यह है कि दोनों कंपनियों पर लगभग कोई कर्ज नहीं है और डिविडेंड यील्ड 3.5 प्रतिशत से ज्यादा है, जो इस सेक्टर में काफी ऊंचा माना जाता है. आज की इस खबर में हम विस्तार में इन्हीं दो कंपनियों के बारे में जानेंगे.
Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals Ltd
गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड की स्थापना साल 1976 में हुई थी. यह गुजरात सरकार से जुड़ी एक बड़ी कंपनी है. कंपनी अमोनिया और यूरिया बनाने में देश की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 7,000 करोड़ रुपये है. इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त है.
यानी उस पर किसी तरह का ब्याज बोझ नहीं है. डिविडेंड की बात करें तो कंपनी करीब 3.78 प्रतिशत का डिविडेंड यील्ड दे रही है. आसान शब्दों में समझें तो अगर कोई निवेशक 100 रुपये लगाता है, तो उसे करीब 3.8 रुपये सालाना डिविडेंड के रूप में मिलते हैं. जबकि इसी सेक्टर की दूसरी कंपनियां मुश्किल से 30 पैसे का डिविडेंड देती हैं.
शेयर की कीमत जनवरी 2021 में करीब 220 रुपये थी, जो जनवरी 2026 में बढ़कर करीब 478 रुपये हो गई. यानी पांच साल में करीब 117 प्रतिशत का रिटर्न. हालांकि यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई से करीब 48 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है.
कंपनी का पीई रेशियो करीब 11 है, जो इंडस्ट्री के औसत से काफी कम है. इससे कुछ निवेशकों को यह शेयर सस्ता भी लग सकता है.
| साल | FY20 | FY21 | FY22 | FY23 | FY24 | FY25 |
| सेल्स/Rs Cr | 5,162 | 5,129 | 8,642 | 10,227 | 7,930 | 7,892 |
| EBITDA/Rs Cr | 542 | 1,003 | 2,384 | 1,879 | 502 | 615 |
| प्रॉफिट/Rs Cr | 508 | 697 | 1,710 | 1,472 | 497 | 598 |
GOCL Corporation Ltd
GOCL कॉरपोरेशन लिमिटेड की शुरुआत साल 1961 में हुई थी. यह कंपनी हिंदुजा ग्रुप का हिस्सा है. कंपनी का कारोबार पहले केमिकल और विस्फोटक से जुड़ा हुआ था. कंपनी का मार्केट कैप करीब 1,370 करोड़ रुपये है. इस कंपनी की भी खास बात यह है कि यह लगभग कर्ज मुक्त है. इसका डेट टू इक्विटी रेशियो करीब शून्य के आसपास है. डिविडेंड यील्ड करीब 3.6 प्रतिशत है. यानी 100 रुपये के निवेश पर करीब 3.6 रुपये सालाना डिविडेंड मिलता है.
जबकि इंडस्ट्री में औसत डिविडेंड बहुत कम है. हालांकि कंपनी के मुनाफे और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में पिछले कुछ सालों में उतार-चढ़ाव रहा है. शेयर की कीमत जनवरी 2021 में करीब 205 रुपये थी, जो जनवरी 2026 में करीब 276 रुपये पर पहुंची. यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई से करीब 60 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहा है.
| साल | FY20 | FY21 | FY22 | FY23 | FY24 | FY25 |
| सेल्स/Rs Cr | 499 | 416 | 498 | 921 | 610 | 555 |
| EBITDA/Rs Cr | 15 | 9 | 4 | -21 | -22 | -27 |
| प्रॉफिट/Rs Cr | 50 | 79 | 176 | 211 | 48 | 157 |
विस्फोटक से बिजली कारोबार की ओर बदलाव
नवंबर 2025 में जीओसीएल ने अपनी विस्फोटक यूनिट को बेच दिया. इसके बाद कंपनी ने बड़ा कदम उठाया. दिसंबर 2025 में कंपनी ने हिंदुजा नेशनल पावर कॉरपोरेशन के साथ मर्जर को मंजूरी दी. इस मर्जर के बाद जीओसीएल के पास 1,040 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट आ गया है. यानी कंपनी अब केमिकल से निकलकर एनर्जी सेक्टर की बड़ी खिलाड़ी बनने की ओर बढ़ रही है.
डेटा सोर्स: FE, Groww
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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