2033 तक ₹4 लाख करोड़ की स्पेस इकॉनमी, ISRO से जुड़े इन 3 शेयरों में बड़ा मौका; 5 साल में 1927% तक रिटर्न
सरकार का टारगेट है कि साल 2033 तक भारत की स्पेस इकॉनमी करीब 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाए. इसके लिए नई नीतियां, बजट में बढ़ोतरी और प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जा रहा है. पहले जहां स्पेस सेक्टर में सिर्फ सरकारी एजेंसी ISRO का दबदबा था, वहीं अब निजी कंपनियां भी इसमें तेजी से कदम रख रही हैं.
Space sector stocks: भारत का स्पेस सेक्टर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले सालों में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सरकार का टारगेट है कि साल 2033 तक भारत की स्पेस इकॉनमी करीब 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाए. इसके लिए नई नीतियां, बजट में बढ़ोतरी और प्राइवेट कंपनियों को मौwका दिया जा रहा है. पहले जहां स्पेस सेक्टर में सिर्फ सरकारी एजेंसी ISRO का दबदबा था, वहीं अब निजी कंपनियां भी इसमें तेजी से कदम रख रही हैं.
इस बदलाव से कई नई कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है. खास बात यह है कि कुछ छोटी और कम चर्चित कंपनियां इस बड़े मौके का फायदा उठाने की तैयारी में हैं. MTAR Technologies, Data Patterns और Apollo Micro Systems जैसी कंपनियां इस सेक्टर में अहम भूमिका निभा रही हैं. हालांकि इन कंपनियों के शेयर महंगे हैं, लेकिन आने वाले समय में इन पर नजर रखना जरूरी हो सकता है.
भारत की स्पेस इकॉनमी का बड़ा टारगेट
सरकार का टारगेट है कि भारत की स्पेस इंडस्ट्री साल 2033 तक 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाए. अभी इसका साइज लगभग 8.4 बिलियन डॉलर है, जो दुनिया का सिर्फ 2 प्रतिशत है. इसे बढ़ाकर 44 बिलियन डॉलर तक ले जाने की योजना है. इसके लिए सरकार ने बजट भी बढ़ाया है और प्राइवेट कंपनियों को मौका देने के लिए IN-SPACe जैसी संस्था बनाई है.
सरकार ने स्पेस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. 1000 करोड़ रुपये का फंड भी बनाया गया है, जिससे नई कंपनियों को मदद मिलेगी. इससे देश में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत को मजबूती मिलेगी.
इन कंपनियों को मिलेगा सीधा फायदा
| MTAR Technologies MTAR Technologies पिछले कई सालों से ISRO के साथ काम कर रही है. यह कंपनी रॉकेट और सैटेलाइट के जरूरी पार्ट्स बनाती है. चंद्रयान और आदित्य मिशन में भी इसका योगदान रहा है. कंपनी नए इंजन और टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है जिससे भविष्य में इसका बिजनेस बढ़ सकता है. कंपनी ने 5 साल में 248% तक का रिटर्न दिया है. ![]() |
| Data Patterns Data Patterns भी स्पेस और डिफेंस सेक्टर में काम करती है. यह कंपनी सैटेलाइट और रडार सिस्टम बनाती है. इसने डीप स्पेस ट्रैकिंग के लिए एडवांस रडार तैयार किए हैं. कंपनी छोटे सैटेलाइट और कम्युनिकेशन सिस्टम पर भी काम कर रही है, जिससे इसे भविष्य में फायदा मिल सकता है. कंपनी ने 5 साल में 248% तक का रिटर्न दिया है. ![]() |
| Apollo Micro Systems Apollo Micro Systems स्पेस मिशन के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाती है. यह कंपनी सैटेलाइट के लिए टेलीमेट्री और टेस्टिंग सिस्टम तैयार करती है. ISRO के कई प्रोजेक्ट्स में इसका इस्तेमाल हो चुका है. भविष्य में भारत के नए स्पेस मिशन से इसे बड़ा फायदा मिल सकता है. कंपनी ने 5 साल में 1927% तक का रिटर्न दिया है. ![]() |
महंगे शेयर और जोखिम
इन कंपनियों के शेयर अभी काफी महंगे हैं. इनके वैल्यूएशन ज्यादा हैं जबकि मुनाफा उतना मजबूत नहीं है. इसलिए निवेश करते समय सावधानी जरूरी है. स्पेस सेक्टर में बड़ा मौका है, लेकिन अभी जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए. इन कंपनियों को वॉचलिस्ट में रखना बेहतर हो सकता है. आने वाले समय में जैसे-जैसे सेक्टर बढ़ेगा, वैसे-वैसे इन कंपनियों में भी ग्रोथ देखने को मिल सकती है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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