30 तेजस फाइटर जेट ग्राउंडेड, डिलीवरी में लगातार देरी और हादसों से सहमे निवेशक, 4% टूटे HAL शेयर

भारतीय वायुसेना के तेजस लड़ाकू विमान से जुड़े ताजा हादसे ने HAL के शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है. रनवे से फिसलने की घटना, पूरे बेड़े की ग्राउंडिंग और तेजस Mk-1A की डिलीवरी में देरी के बीच बाजार में नकारात्मक संकेत मिले, जिससे निवेशकों की चिंता और शेयरों में गिरावट देखने को मिली.

HAL Share fall Image Credit: AI Generated

HAL Stock fall: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में लगातार आ रही गिरावट ने निवेशकों के बीच एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तेजस लड़ाकू विमान से जुड़ी लगातार घटनाएं और डिलीवरी में हो रही देरी कंपनी के भरोसे पर असर डाल रही हैं. सोमवार को HAL के शेयर 4 फीसदी के करीब टूट गए और करीब 4,010 रुपये पर ट्रेड करते दिखे. इस गिरावट की बड़ी वजह भारतीय वायुसेना के तेजस फाइटर जेट से जुड़ी एक नई घटना और उससे जुड़े व्यापक असर हैं.

रनवे से फिसलता तेजस और बाजार की प्रतिक्रिया

ANI ने अपने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि 7 फरवरी को भारतीय वायुसेना का एक तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया. शुरुआती जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई गई. विमान ट्रेनिंग मिशन के बाद एयरबेस लौट रहा था. लैंडिंग के समय जब पायलट ने ब्रेक लगाने की कोशिश की तो विमान नियंत्रित नहीं हो पाया और रनवे से बाहर चला गया. हालांकि, हादसे से पहले पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्शन ले लिया, लेकिन विमान के एयरफ्रेम को भारी नुकसान पहुंचा है. इस घटना पर वायुसेना की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

पूरे बेड़े की ग्राउंडिंग से बढ़ी चिंता

ANI ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि इस घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने एहतियातन करीब 30 सिंगल-सीट तेजस जेट के पूरे बेड़े को तकनीकी जांच के लिए ग्राउंड कर दिया है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, ये विमान उड़ान नहीं भरेंगे. बाजार के नजरिये से यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि इससे तेजस की विश्वसनीयता और ऑपरेशनल तैयारियों पर सवाल खड़े होते हैं. निवेशक ऐसे किसी भी संकेत को लेकर सतर्क हो जाते हैं जो भविष्य के ऑर्डर, डिलीवरी या भुगतान पर असर डाल सकता है.

तेजस से जुड़े पिछले हादसों की टाइमलाइन

यह तेजस से जुड़ी तीसरी बड़ी घटना है. मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर के पास एक तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया था. उस समय शुरुआती जानकारी में इंजन फेल होने की बात सामने आई थी. पायलट ने इजेक्शन से पहले ग्राउंड स्टाफ को इंजन में आई खराबी की सूचना दी थी. यह तेजस का पहला बड़ा क्रैश था.

इसके बाद नवंबर 2025 में दुबई एयर शो के दौरान एक डेमो फ्लाइट में तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया. अल मकतूम एयरपोर्ट पर हुए इस हादसे में विमान में आग लग गई और पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल की जान चली गई. इन घटनाओं ने पहले ही तेजस कार्यक्रम को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे और अब ताजा रनवे हादसे ने उन चिंताओं को फिर से हवा दे दी है.

डिलीवरी में देरी और सप्लाई चेन की समस्या

तेजस हादसों के साथ-साथ HAL के सामने एक और बड़ी चुनौती डिलीवरी में हो रही देरी है. फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने IAF के लिए 83 तेजस Mk-1A जेट की खरीद को मंजूरी दी थी, जिसकी कुल कीमत करीब 48,000 करोड़ रुपये है. इसके बाद सितंबर 2024 में 97 अतिरिक्त तेजस Mk-1A विमानों के लिए 62,370 करोड़ रुपये का एक और बड़ा करार हुआ.

हालांकि, इन विमानों की डिलीवरी समय पर नहीं हो पाई है. इसकी मुख्य वजह अमेरिकी कंपनी GE Aerospace द्वारा एयरो इंजन की सप्लाई में बार-बार हो रही देरी बताई जा रही है. इंजन नहीं मिलने से तैयार विमान भी समय पर वायुसेना को नहीं सौंपे जा रहे हैं, जिसका असर HAL के रेवेन्यू और निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा है.

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शेयर क्यों टूटे?

बाजार में HAL के शेयरों में आई गिरावट किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई फैक्टर के मिलेजुले असर से जुड़ी दिखती है. एक तरफ तेजस से जुड़ी बार-बार की घटनाएं हैं, दूसरी ओर पूरे बेड़े की ग्राउंडिंग, और तीसरी तरफ बड़े ऑर्डर होने के बावजूद डिलीवरी में देरी. निवेशक यह समझ रहे हैं कि भले ही ऑर्डर बुक मजबूत हो, लेकिन ऑपरेशनल और सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतें कंपनी के शॉर्ट टर्म प्रदर्शन पर दबाव बना सकती हैं.

तेजस एक सिंगल-इंजन, मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जिसे एयर डिफेंस, समुद्री निगरानी और स्ट्राइक मिशन के लिए डिजाइन किया गया है.

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