F&O के हैं खिलाड़ी तो जान लें ये बड़ी खबर, Nifty 50 समेत इन कॉन्ट्रैक्ट्स के लॉट साइज बदले, इस तारीख से होंगे लागू
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने कई कुछ प्रमुख इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के मार्केट लॉट साइज में संशोधन कर दिया है. एनएसई ने यह बदलाव भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देशों के तहत किया है. आइये जानते हैं कि नए लॉट साइज कब से लागू होंगे.
अगर आप FUTURES & OPTIONS में ट्रेडिंग करते हैं तो आपके लिए एक जरुरी खबर है क्योंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE ने Nifty 50 व Nifty Bank समेत कुछ प्रमुख इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के मार्केट लॉट साइज में बदलाव करने की घोषणा की है. यह नया नियम दिसंबर 2025 की एक्सपायरी के बाद लागू होगा. एनएसई ने यह बदलाव भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के दिशानिर्देशों के तहत किया है. ट्रेडर्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी इसलिए है ताकि वे नए ट्रेडिंग साइकल से पहले इस बदलाव के अनुसार अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी अपडेट कर लें.
क्या बदलाव हुआ
एनएसई के सर्कुलर के अनुसार, अब कई मुख्य इंडेक्स के लॉट साइज घट जाएंगे. निफ्टी 50 का लॉट साइज 75 से घटाकर 65 कर दिया गया है. निफ्टी बैंक का लॉट साइज 35 से घटाकर 30 हो जाएगा. वहीं, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज का लॉट साइज 65 से घटाकर 60 हो जाएगा. इसके अलावा निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट का लॉट साइज 140 से घटाकर 120 किया गया है. हालांकि NSE ने स्पष्ट किया है कि निफ्टी नेक्स्ट 50 के लॉट साइज में कोई बदलाव नहीं होगा और यह पहले की तरह ही बना रहेगा.
| क्रम संख्या | इंडेक्स | सिंबल | वर्तमान लॉट साइज | संशोधित लॉट साइज |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Nifty 50 | NIFTY | 75 | 65 |
| 2 | Nifty Bank | BANKNIFTY | 35 | 30 |
| 3 | Nifty Financial Services | FINNIFTY | 65 | 60 |
| 4 | Nifty Midcap Select | MIDCPNIFTY | 140 | 120 |
कब से किस डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू होंगे नए लॉट नियम
एक्सचेंज ने कहा है कि मौजूदा लॉट साइज दिसंबर 30, 2025 की एक्सपायरी तक सभी वीकली और मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू रहेंगे. इसके बाद शुरू होने वाले नए साइकल में संशोधित लॉट साइज लागू होंगे. यानी जनवरी 2026 के वीकली और मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स नए लॉट साइज के अनुसार ही होंगे
| इंडेक्स | एक्सपायरी | वर्तमान लॉट साइज के साथ लास्ट एक्सपायरी | संशोधित लॉट साइज के साथ पहली एक्सपायरी | अंतिम एक्सपायरी डेट | पहली संशोधित एक्सपायरी डेट |
|---|---|---|---|---|---|
| निफ्टी (NIFTY) | वीकली | 23 दिसंबर 2025 | 6 जनवरी 2026 | 23 दिसंबर 2025 | 6 जनवरी 2026 |
| निफ्टी (NIFTY) | मंथली | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 |
| बैंक निफ्टी (BANKNIFTY) | मंथली | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 |
| फाइनेंशियल सर्विसेज निफ्टी (FINNIFTY) | मंथली | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 |
| मिडकैप निफ्टी (MIDCPNIFTY) | मंथली | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 | 30 दिसंबर 2025 | 27 जनवरी 2026 |
क्या होगा असर
इन बदलावों के लागू होने से ऑप्शन और फ्यूचर्स ट्रेडिंग में लॉट साइज कम होने के कारण कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू घटेगी और ट्रेडर्स और रिटेल निवेशकों के लिए पोजीशन लेना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है. वहीं संस्थागत ट्रेडर्स के लिए भी बेहतर जोखिम प्रबंधन की संभावना बढ़ेगी. NSE का मानना है कि यह बदलाव डेरिवेटिव बाजार को अधिक सक्षम और संतुलित बनाएगा.
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