तिमाही नतीजों के बाद LIC के शेयरों में तेजी! ब्रोकरेज भी बुलिश, जानें क्यों आएगी 62% तक की रैली?

गुरुवार के कारोबार में LIC का शेयर हरे निशान में कारोबार करता दिखा. खबर लिखे जाने तक शेयर 1.41 फीसदी की बढ़त के साथ 393 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. हालांकि, पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 7.06 फीसदी गिरा है. वहीं, पिछले तीन महीनों में इसमें 2.63 फीसदी की कमजोरी आई है, जबकि बीते एक साल में शेयर लगभग 11.96 फीसदी टूट चुका है.

LIC Image Credit: TV9 Bharatvarsh

Highlights

  • ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने LIC के शेयर पर पॉजिटिव राय दी है. ब्रोकरेज ने शेयर को BUY रेटिंग देते हुए 635 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है.
  • साथ ही, एलारा कैपिटल ने आने वाले वर्षों में कंपनी का ऑपरेटिंग RoEV करीब 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.
  • कंपनी के मुताबिक, बिजनेस मिक्स में बदलाव से मार्जिन में 650 बेसिस प्वाइंट का फायदा हुआ, जबकि अनुमान में बदलाव से 290 बेसिस प्वाइंट का अतिरिक्त लाभ मिला.

तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज LIC के शेयरों में तेजी देखने को मिली. हालांकि, ये तेजी तब आई जब बाजार में गिरावट रही. अब ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने LIC के शेयर पर पॉजिटिव राय दी है. ब्रोकरेज ने शेयर को BUY रेटिंग देते हुए 635 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है. यह मौजूदा भाव से करीब 62 फीसदी की संभावित तेजी का संकेत देता है. एलारा कैपिटल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में LIC का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा. पिछले एक सप्ताह में कंपनी के शेयर करीब 7.06 फीसदी गिरावट रही है.

VNB में शानदार बढ़ोतरी

इस दौरान कंपनी का एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट सालाना आधार पर 8.2 फीसदी बढ़ा, जबकि VNB में 61.3 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई. कंपनी का VNB (वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस) मार्जिन बढ़कर 22.9 फीसदी पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 754 बेसिस प्वाइंट ज्यादा है. यह वित्त वर्ष 2025-26 के 21.2 फीसदी के स्तर से भी बेहतर है. हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि अगर आगे चलकर बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, तो VNB मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा VNB मार्जिन में करीब 5 फीसदी का योगदान यील्ड कर्व से मिला है.

बिजनेस मिक्स में आया बदलाव

पहली तिमाही में ग्रुप APE में 10.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि इंडिविजुअल APE में 6.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके चलते कुल APE में ग्रुप बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़कर 45 फीसदी हो गई, जो एक साल पहले 44.2 फीसदी थी.

ब्रोकरेज के अनुसार, मार्जिन में सुधार का सबसे बड़ा कारण इंडिविजुअल बिजनेस का बेहतर प्रदर्शन रहा. इस दौरान गारंटीड नॉन पार सेविंग्स प्रोडक्ट का APE 59.2 फीसदी बढ़ा, जबकि ULIP का APE 17 फीसदी घट गया.

कंपनी के मुताबिक, बिजनेस मिक्स में बदलाव से मार्जिन में 650 बेसिस प्वाइंट का फायदा हुआ, जबकि अनुमान में बदलाव से 290 बेसिस प्वाइंट का अतिरिक्त लाभ मिला. दूसरी ओर, GST इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े खर्च के कारण 190 बेसिस प्वाइंट का दबाव भी देखने को मिला.

क्यों दी BUY की रेटिंग?

एलारा कैपिटल ने LIC का मूल्यांकन DCF आधारित अप्रेजल वैल्यू के आधार पर किया है. ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027-28 के अनुमानित एम्बेडेड वैल्यू (EV) के 0.8 गुना पर कंपनी का वैल्यूएशन करते हुए 635 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है.

ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 के बीच कंपनी का APE करीब 6 फीसदी और VNB करीब 11 फीसदी की सालाना CAGR से बढ़ सकता है.

साथ ही, एलारा कैपिटल ने आने वाले वर्षों में कंपनी का ऑपरेटिंग RoEV करीब 11 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है. ब्रोकरेज का कहना है कि LIC अगर अपना डिविडेंड पेआउट रेशियो बढ़ाती है, तो ऑपरेटिंग RoEV को कंपनी की कॉस्ट ऑफ इक्विटी यानी 13 फीसदी से ऊपर ले जाया जा सकता है. इससे शेयर के वैल्यूएशन में सुधार की संभावना बढ़ेगी.

किन बातों से है जोखिम?

ब्रोकरेज ने कुछ प्रमुख जोखिमों का भी जिक्र किया है. इनमें बिजनेस का PAR या ULIP प्रोडक्ट्स की ओर ज्यादा झुकाव, प्रीमियम पर्सिस्टेंसी में कमजोरी, यील्ड कर्व में प्रतिकूल बदलाव और IRDAI की ओर से कमीशन नियमों में संभावित बदलाव शामिल हैं.

शेयर का प्रदर्शन

गुरुवार के कारोबार में LIC का शेयर हरे निशान में कारोबार करता दिखा. खबर लिखे जाने तक शेयर 1.41 फीसदी की बढ़त के साथ 393 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. हालांकि, पिछले एक सप्ताह में शेयर करीब 7.06 फीसदी गिरा है. वहीं, पिछले तीन महीनों में इसमें 2.63 फीसदी की कमजोरी आई है, जबकि बीते एक साल में शेयर लगभग 11.96 फीसदी टूट चुका है.

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