BSE शेयर रिकॉर्ड हाई पर, 3639 रुपये तक पहुंचा; जानें क्या है आगे का ट्रिगर और आउटलुक?

पिछले 5 सत्र में करीब 3 प्रतिशत, एक महीने में 34.5 प्रतिशत, छह महीने में 49 प्रतिशत और इस साल अब तक करीब 37 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है. कंपनी 7 मई 2026 को Q4FY26 के नतीजे जारी करेगी. एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, बोर्ड मीटिंग में फाइनेंशियल रिजल्ट्स के साथ फाइनल डिविडेंड पर भी फैसला लिया जाएगा.

BSE. Image Credit: Getty Images, canva

मंगलवार को BSE Ltd के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली और स्टॉक 2.21 प्रतिशत चढ़कर 3,639 रुपये के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया. साल 2026 में यह शेयर लगातार निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 सत्र में करीब 3 प्रतिशत, एक महीने में 34.5 प्रतिशत, छह महीने में 49 प्रतिशत और इस साल अब तक करीब 37 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है. कंपनी 7 मई 2026 को Q4FY26 के नतीजे जारी करेगी. एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, बोर्ड मीटिंग में फाइनेंशियल रिजल्ट्स के साथ फाइनल डिविडेंड पर भी फैसला लिया जाएगा.

Q3FY26 में शानदार प्रदर्शन

BSE ने दिसंबर तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए थे. कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा करीब तीन गुना बढ़कर 602 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 220 करोड़ रुपये था. कंपनी का कुल रेवेन्यू 61 प्रतिशत बढ़कर 1,334 करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया. यह लगातार 11वीं बार रिकॉर्ड प्रदर्शन रहा. ऑपरेटिंग खर्च 4 प्रतिशत घटकर 512 करोड़ रुपये रहा, जिससे मुनाफे में और मजबूती आई. वहीं अन्य आय 47 प्रतिशत बढ़कर 90 करोड़ रुपये हो गई.

बिजनेस ग्रोथ के मजबूत ट्रिगर

Q3 में BSE प्लेटफॉर्म पर 99 नई कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जिससे 97,657 करोड़ रुपये जुटाए गए. इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में जबरदस्त तेजी रही, जहां 772 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट्स ट्रेड हुए और इससे 784 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया. BSE के StAR MF प्लेटफॉर्म पर ट्रांजैक्शन 21 प्रतिशत बढ़कर 21.7 करोड़ हो गए, जिससे म्यूचुअल फंड ट्रांजैक्शन में कंपनी की मार्केट शेयर 87.4 प्रतिशत तक पहुंच गई.

आगे का आउटलुक कैसा?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, BSE Ltd जैसी कैपिटल मार्केट कंपनियों का लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है. रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, डिमैट अकाउंट्स में तेजी और SIP इनफ्लो लगातार बढ़ने से ट्रेडिंग वॉल्यूम को सपोर्ट मिल रहा है. खासकर डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ज्यादा मार्जिन होने से एक्सचेंज की कमाई बेहतर हो रही है. हालांकि शॉर्ट टर्म में ग्रोथ थोड़ी सामान्य हो सकती है, क्योंकि बेस काफी ऊंचा हो चुका है. इसके अलावा रेगुलेटरी बदलाव, मार्केट वोलैटिलिटी और कैश मार्केट वॉल्यूम में कमी जैसे फैक्टर असर डाल सकते हैं. साथ ही National Stock Exchange से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बनी हुई है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.