कॉपर बूम की आहट… क्या तांबा बनने वाला है नया चांदी, अभी निवेश करना सही फैसला? जानें किन शेयरों पर रखें नजर
इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं और इन सभी में तांबे की भारी जरूरत होती है. ऐसे में तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है. लेकिन दूसरी तरफ सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही है. यही वजह है कि तांबे को अब स्ट्रेटेजिक मेटल माना जा रहा है.
Copper: क्या तांबा अब नया चांदी बनने वाला है. साल 2025 में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था और निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला. अब नजर तांबे पर है, जो आने वाले समय में बड़ा मौका बन सकता है. इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं और इन सभी में तांबे की भारी जरूरत होती है. ऐसे में तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है. लेकिन दूसरी तरफ सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही है. यही वजह है कि तांबे को अब स्ट्रेटेजिक मेटल माना जा रहा है. अगर सप्लाई कम और मांग ज्यादा रही तो कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं.
तांबे की मांग बढ़ी, सप्लाई बनी चिंता
इकोनॉमिक सर्वे 2026 के अनुसार भारत में तांबे का प्रोडक्शन पहले बढ़ा लेकिन बाद में घट गया. 2022-23 में प्रोडक्शन 3.33 मिलियन टन था, जो 2023-24 में बढ़कर 3.78 मिलियन टन हुआ, लेकिन 2024-25 में घटकर 3.56 मिलियन टन रह गया. इसी तरह तांबे के कंसंट्रेट का प्रोडक्शन भी पहले बढ़ा और फिर गिर गया. तांबे की मांग वायर, मोटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, विंड टर्बाइन और डेटा सेंटर में तेजी से बढ़ रही है.
लेकिन खदानों में मिलने वाले तांबे की क्वालिटी लगातार घट रही है. आज कई खदानों में सिर्फ 0.4 से 0.6 प्रतिशत ही तांबा निकलता है. इसका मतलब है कि एक टन तांबा निकालने के लिए बहुत ज्यादा पत्थर निकालना पड़ता है. यही वजह है कि सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है.
AI और एनर्जी सेक्टर से बढ़ रही मांग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एनर्जी ट्रांजिशन तांबे की मांग को और बढ़ा रहे हैं. डेटा सेंटर, केबल, ट्रांसफॉर्मर और कूलिंग सिस्टम में तांबे का इस्तेमाल होता है. एक 1 गीगावॉट विंड टर्बाइन के लिए करीब 2866 टन तांबा चाहिए होता है. इसी वजह से 2025 में तांबे की कीमतों में करीब 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. इससे निवेशकों की नजर इस धातु पर और बढ़ गई है.
इन शेयरों पर रखें नजर
| हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड तांबे की बढ़ती मांग का फायदा कुछ कंपनियों को मिल सकता है. हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड एक सरकारी कंपनी है, जिसके पास भारत के करीब 45 प्रतिशत तांबा भंडार है. कंपनी अपनी माइनिंग क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है. दिसंबर तिमाही में कंपनी की इनकम और मुनाफे में अच्छी बढ़त देखने को मिली, हालांकि कुछ खर्चों के कारण मुनाफे में थोड़ी गिरावट आई. कंपनी लगभग कर्ज मुक्त है और डिविडेंड भी देती है. पिछले 6 महीनों में इसके शेयर में बड़ी तेजी आई है. |
| Hindalco Industries Hindalco इंडस्ट्रीज भी तांबे के कारोबार में मजबूत कंपनी है. कंपनी कई देशों में काम करती है और अलग-अलग मेटल सेगमेंट में बिजनेस करती है. इसकी आय बढ़ी है, लेकिन मुनाफा घटा है. इसका कारण अमेरिका में इसके प्लांट में आग लगने से हुआ नुकसान है. इससे लागत बढ़ी और मार्जिन पर असर पड़ा. |
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का 5 साल का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
| FY21 | FY22 | FY23 | FY24 | FY25 | |
| सेल्स (₹ in crores) | 1,787 | 1,822 | 1,677 | 1,717 | 2,071 |
| Operating Profit (₹ in crores) | 411 | 512 | 492 | 547 | 738 |
| नेट प्रॉफिट (₹ in crores) | 110 | 374 | 295 | 295 | 469 |
| EPS (₹) | 1.19 | 3.87 | 3.05 | 3.05 | 4.85 |
Hindalco Industries Ltd. का 5 साल का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
| – | FY21 | FY22 | FY23 | FY24 | FY25 |
| सेल्स (₹ in crores) | 1,32,008 | 1,95,059 | 2,23,202 | 2,15,962 | 2,38,496 |
| Operating Profit (₹ in crores) | 17,559 | 28,347 | 22,666 | 23,872 | 31,805 |
| नेट प्रॉफिट (₹ in crores) | 3,483 | 13,730 | 10,097 | 10,155 | 16,002 |
| EPS (₹) | 15.50 | 61.10 | 44.93 | 45.19 | 71.20 |
हिंदुस्तान कॉपर vs हिंडाल्को इंडस्ट्रीज vs अन्य
| कंपनी | P/E | Dividend Yield (%) | ROCE (%) |
| Hindustan Copper | 85.76 | 0.3 | 23.6 |
| Hindalco Industries | 11.75 | 0.6 | 14.8 |
| Vedanta | 23.97 | 6.5 | 25.3 |
| Bhagyanagar India | 14.01 | 0.0 | 8.3 |
| Madhav Copper | 56.3 | 0.0 | 21.8 |
फिर भी क्यों गिर रहे हैं तांबा शेयर
तांबे की मजबूत मांग के बावजूद हाल में शेयरों में गिरावट देखी गई है. इसका एक कारण मुनाफावसूली है, क्योंकि 2025 में शेयरों में तेज उछाल आया था. दूसरा कारण चीन है, जहां कीमतें बढ़ने से मांग थोड़ी कमजोर हुई है. साथ ही तांबे का स्टॉक भी बाजार में बढ़ा है, जिससे तुरंत कमी का डर कम हुआ है.
डेटा सोर्स: Screener, BSE, FE
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
