महिंद्रा और मारुति नहीं, ये कंपनी बन सकती है ऑटो सेक्टर का डार्क हार्स, जानिए क्यों बढ़ रही उम्मीदें

ऑटो सेक्टर में जहां महिंद्रा और मारुति के मजबूत नतीजों की चर्चा है, वहीं टाटा मोटर्स संभावित डार्क हार्स बनकर उभर सकता है. यूके स्थित जेएलआर यूनिट में आई साइबर घटना से कंपनी को झटका लगा, लेकिन भारत में बिक्री मजबूत रही.

टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मजबूत मौजूदगी रखती है. Image Credit: Getty image

Tata Motors: ऑटो सेक्टर में इस समय महिंद्रा, मारुति और हुंडई के शेयरों को लेकर काफी चर्चा है. मजबूत बिक्री और GST कटौती का फायदा इन कंपनियों को मिला है. लेकिन बाजार की नजर अब एक ऐसे स्टॉक पर भी है जिसे डार्क हार्स माना जा रहा है. यह कंपनी है टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स. कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद आने वाली तिमाहियों में इसमें तेज रिकवरी की संभावना जताई जा रही है.

महिंद्रा और मारुति ने दिखाया दम

Mahindra & Mahindra ने SUV और ट्रैक्टर सेगमेंट में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी का मुनाफा और बिक्री दोनों मजबूत रहे . वहीं Maruti Suzuki India को छोटे इंजनों पर GST कटौती का फायदा मिला. जिससे बिक्री बढ़ी, लेकिन मार्जिन पर दबाव दिखा है. वहीं Hyundai Motor India को निर्यात से सहारा मिला, हालांकि इसका ग्रोथ सीमित रही. इन आंकड़ों के बीच टाटा मोटर्स की कहानी अलग नजर आती है.

टाटा मोटर्स को झटका लेकिन उम्मीद बाकी

Tata Motors की UK स्थित जगुआर लैंड रोवर यानी Jaguar Land Rover यूनिट साइबर घटना से प्रभावित हुई. इससे बिक्री और रिवेन्यू में तेज गिरावट आई. कंपनी को दिसंबर तिमाही में घाटा हुआ. लेकिन भारत में पैसेंजर वाहन बिक्री 22 फीसदी बढ़ी, जो मजबूत मांग का संकेत है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 0.83 फीसदी की गिरावट के साथ 380 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने पिछले पांच साल में 15 फीसदी का रिटर्न दिया है.

क्यों बन सकता है डार्क हार्स

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि मार्च 2026 तिमाही में यूके ऑपरेशन सामान्य होने की उम्मीद है. अगर JLR की बिक्री पटरी पर लौटती है तो कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में तेज सुधार दिख सकता है. कंपनी का PE रेशियो करीब 23 के आसपास है, जो इसके कंपटीटर से कम है. यही वैल्यूएशन इसे संभावित डार्क हार्स बनाता है.

इलेक्ट्रिक फ्यूचर पर बड़ा दांव

JLR 2026 में रेंज रोवर इलेक्ट्रिक और नई जैगुआर इलेक्ट्रिक जीटी लॉन्च करने की तैयारी में है. भारत में भी टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मजबूत मौजूदगी रखती है.अगर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग तेज होती है तो कंपनी को दोहरा फायदा मिल सकता है.

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JLR में सुधार की उम्मीद

निवेशकों की नजर अब चौथी तिमाही के नतीजों पर रहेगी. खासकर यूके ऑपरेशन में वॉल्यूम रिकवरी अहम होगी. अगर JLR में सुधार आता है तो टाटा मोटर्स तेजी से रफ्तार पकड़ सकता है. ऐसे में जब बाकी कंपनियां पहले ही चर्चा में हैं, टाटा मोटर्स चुपचाप बड़ा खेल कर सकता है. ऑटो सेक्टर में अगला बड़ा सरप्राइज शायद इसी कंपनी से आ सकता है.

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