खरीफ सीजन से पहले सरकार का मेगा प्लान, हर महीने खर्च करेगी ₹15,000 करोड़; इन 5 शेयरों पर रखें नजर
वैश्विक बाजार में फॉस्फेट की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारत सरकार किसानों को राहत देने के लिए हर महीने 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त सब्सिडी खर्च करने की तैयारी में है. इस कदम से खाद कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की नजर टिक गई है. हालांकि असली चुनौती सब्सिडी पेमेंट की टाइमिंग बनी रह सकती है.
Best Agri Stocks to Buy: देश के फर्टिलाइजर (खाद) सेक्टर पर एक बार फिर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं. आगामी खरीफ बुवाई सीजन को देखते हुए सरकार ने किसानों को वैश्विक महंगाई से बचाने के लिए कमर कस ली है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और फॉस्फेट की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने सब्सिडी का बड़ा सुरक्षा कवच देने का फैसला किया है. इसके तहत सरकार हर महीने 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सब्सिडी बोझ खुद उठाएगी, ताकि किसानों को सस्ती दरों पर खाद मिलती रहे. सरकार के इस कदम से फर्टिलाइजर कंपनियों के मार्जिन सुरक्षित रहेंगे और बाजार में उनकी चमक बढ़ सकती है.
खरीफ सीजन के लिए ₹41,533 करोड़ मंजूर
दुनिया भर में, खासकर पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में फॉस्फेट की कीमतें बढ़कर 930 डॉलर से 1,100 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई हैं. चूंकि भारत फर्टिलाइजर और कच्चे माल के आयात पर काफी निर्भर है, इसलिए इस बढ़े हुए बोझ को कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है:
- सरकार ने खरीफ 2026 के लिए पहले ही ₹41,533 करोड़ की सब्सिडी मंजूर कर दी है, जो पिछले साल से ₹4,317 करोड़ अधिक है.
- वैश्विक कीमतों में उछाल को देखते हुए सरकार को नियंत्रित खुदरा कीमतों को बनाए रखने के लिए हर महीने ₹10,000 से ₹15,000 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं.
- बुवाई सीजन से पहले देश में खाद का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है, जो इस समय 199.65 लाख टन के करीब पहुंच चुका है.
इन फर्टिलाइजर कंपनियों को होगा सीधा फायदा
सरकार के इस फैसले से फर्टिलाइजर मैन्युफैक्चरर्स को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कीमतों का नुकसान खुद नहीं झेलना पड़ेगा. फोकस में रहने वाले मुख्य शेयर ये हैं:
- Coromandel International: फॉस्फेटिक फर्टिलाइजर बिजनेस में मजबूत पकड़ और बड़े ग्रामीण नेटवर्क के कारण यह सबसे बड़ी लाभार्थी बन सकती है. मौजूदा वक्त में कंपनी का शेयर ₹1,866 रुपये है.
- Chambal Fertilisers: सब्सिडी सपोर्ट से कंपनी के मार्जिन सुरक्षित रहेंगे और कमाई बेहतर होने की उम्मीद है. मौजूदा वक्त में ये शेयर 450 रुपये के हैं.
- Paradeep Phosphates: फॉस्फेट से जुड़ी सब्सिडी का सीधा फायदा इसके बिजनेस मॉडल को मिलेगा. कंपनी के शेयर 120 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं.
- सरकारी कंपनियां: 170 रुपये के शेयर वाला गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स (GSFC) और 124 रुपये वाले राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) को भी मजबूत घरेलू मांग और सब्सिडी का फायदा मिलेगा.
इन कंपनियों को नहीं मिलेगा सीधा फायदा
यह सब्सिडी मुख्य रूप से तैयार खाद बनाने वाली कंपनियों को सुरक्षा देती है, न कि कच्चा माल सप्लाई करने वाली कंपनियों को. इसलिए Tata Chemicals और GHCL जैसी कंपनियों को इसका सीधा फायदा नहीं मिलेगा. बल्कि, वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतें बढ़ने से इंडस्ट्रियल केमिकल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आ सकता है.
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सब्सिडी भुगतान में देरी
निवेशकों के लिए इस सेक्टर में मांग को लेकर कोई चिंता नहीं है, क्योंकि स्टॉक और डिमांड दोनों मजबूत हैं. हालांकि, सबसे बड़ा रिस्क सब्सिडी के भुगतान की टाइमिंग का है. इतिहास गवाह है कि जब भी सरकार की तरफ से सब्सिडी जारी करने में देरी होती है, फर्टिलाइजर कंपनियों के वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) पर दबाव बढ़ जाता है.
कंपनियों को सस्ती कीमत पर माल बेचना जारी रखना पड़ता है, जिससे उनका शॉर्ट-टर्म कर्ज और ब्याज का खर्च बढ़ जाता है. इसलिए, कंपनियों की असल ग्रोथ अब इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार कितनी जल्दी कैश जारी करती है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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