डिफेंस स्टॉक MAZDOCK-BDL-HAL पहले गिरे, फिर सरकार से मिला ऑर्डर और शेयरों ने बदला रुख

बाजार में दबाव के बीच डिफेंस सेक्टर की एक मिडकैप कंपनी को लेकर हलचल तेज है. एक नियामकीय मंजूरी और हालिया कारोबारी अपडेट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है. हालांकि ताजा वित्तीय आंकड़े सतर्क रहने का संकेत देते हैं, जिससे शेयर की दिशा पर नजर बनी हुई है.

डिफेंस स्टॉक में तेजी Image Credit: @AI/Money9live

Defence stock recovery: शेयर बाजार में आज दबाव साफ दिखाई दिया. शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की थकान झलकने लगी और इसका असर सबसे पहले डिफेंस सेक्टर के बड़े शेयरों पर पड़ा. BEL, BDL, Cochin Shipyard, BEML, Zen Technologies, Astra Microwave और AXISCADES Technologies जैसे दिग्गज शेयर 2 फीसदी या उसके आसपास तक फिसलते दिखे. हालांकि दोपहर 12:30 बजे के बाद डिफेंस स्टॉक्स में धीरे-धीरे रिकवरी आई. इस रिकवरी की वजह सेक्टर के एक कंपनी को मिली बड़ी जिम्मेदारी रही. साथ ही इस रिकवरी को भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता के पॉजिटीव संकेत ने भी सपोर्ट किया.

शेयरों का क्या है हाल

डिफेंस सेक्टर में मझगांव डॉक में भी रिकवरी आई जो 0.71 फीसदी की छलांग के साथ 2518 रुपये पर पहुंच गया. HAL, GRSE, PARAS, TECHERA, APOLLO के शेयर जहां हरे निशान में रहे वहीं कुछ शेयर जैसे ASTRAMICRO, AZAD, ZENTEC, BEML रिकवरी का फायदा नहीं उठा पाएं और लाल निशान में ही बने रहे.

इडिफेंस और एयरोस्पेस से जुड़ी NIBE Ltd बाजार में खास चर्चा में रही. आज के सत्र में NIBE के शेयरों में सीमित गिरावट देखने को मिली, जबकि दोपहर 1.34 बजे कंपनी के शेयर 1.38 फीसदी उछलकर 1238 रुपये पर ट्रेड करने लगे. कुछ कंपनियों में तेजी इसलिए दिखी की NIBE अपने ऑर्डर पूरा करने के लिए सेक्टर की दूसरी कंपनियों का सहारा लेता है.

गृह मंत्रालय से मिला बड़ा लाइसेंस

कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, NIBE की सब्सिडियरी Nibe Defence and Aerospace Limited (NDAL) को Ministry of Home Affairs से एक अहम मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस मिला है. इस लाइसेंस के जरिए कंपनी अब फायरआर्म्स और एम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग और प्रूफ-टेस्टिंग के क्षेत्र में एंट्री कर सकेगी.

इस लाइसेंस के तहत पिस्टल, राइफल, मशीन गन और उनसे जुड़े प्रमुख कंपोनेंट्स के निर्माण की अनुमति मिली है. यह कदम NIBE के लिए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में रणनीतिक विस्तार माना जा रहा है, जिससे कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ विजिबिलिटी मजबूत हो सकती है.

सरकार से मिला ₹292.69 करोड़ का ऑर्डर

हाल ही में कंपनी को रक्षा मंत्रालय की ओर से 292.69 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर भी मिला है. यह ऑर्डर यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए ग्राउंड इक्विपमेंट, एक्सेसरीज, ESP और एम्युनिशन की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई से जुड़ा है. इस ऑर्डर की डिलीवरी 12 महीनों में अलग-अलग चरणों में की जाएगी.

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कमजोर तिमाही नतीजों ने बढ़ाई चिंता

हालांकि सकारात्मक खबरों के बीच कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे चिंता बढ़ाते हैं. Q2FY26 में NIBE का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 45 फीसदी गिरकर ₹73.37 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹135.99 करोड़ था. कमजोर वॉल्यूम और ऑपरेटिंग लीवरेज के चलते कंपनी ₹8.89 करोड़ के मुनाफे से फिसलकर ₹9.69 करोड़ के नुकसान में चली गई.

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की बात करें तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹18.08 करोड़ से घटकर ₹4.47 करोड़ के नुकसान में बदल गया. इसके साथ ही OPM 13.30 फीसदी से गिरकर -6.09 फीसदी पर आ गया.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.