Q3 में 57% बढ़कर ₹29372 करोड़ पहुंचा ऑर्डर बुक, माइनिंग, सड़क, पुल बनाती है कंपनी, फोकस में रखें शेयर
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी दिलीप बिल्डकॉन का ऑर्डर बुक Q3 FY26 में 57% बढ़कर ₹29,372 करोड़ पर पहुंच गया. कंपनी ने EPC और रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ाया है. माइनिंग, रोड और एनर्जी सेगमेंट में मजबूत ऑर्डर मिले. कंपनी का रेवेन्यू घटा, लेकिन नेट प्रॉफिट 349% उछलकर ₹789 करोड़ रहा.
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी दिलीप बिल्डकॉन एक बार फिर सुर्खियों में है. कंपनी सड़क, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाने का काम करती है. यह सरकार और दूसरी एजेंसियों से ठेके लेकर पूरे प्रोजेक्ट को शुरू से अंत तक तैयार कर देती है. कंपनी ने हालिया तिमाही में बड़े पैमाने पर नए प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं जिससे उसके कामकाज और भविष्य की ग्रोथ को लेकर बाजार में चर्चा तेज हो गई है. खास बात यह है कि कंपनी अब हाई-मार्जिन EPC कॉन्ट्रैक्ट्स और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से फोकस बढ़ा रही है जो आने वाले समय में रेवेन्यू और मुनाफे को सहारा दे सकते हैं. कंपनी का ऑर्डर बुक Q3 FY26 में 57% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
कितना है ऑर्डर बुक
कंपनी का ऑर्डर बुक Q3 FY26 में बढ़कर ₹29,372 करोड़ पर पहुंच गया है. यह तिमाही आधार पर 57% की मजबूत बढ़त है जो बड़े सरकारी और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के मिलने से संभव हुई. कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹7,147 करोड़ है और इसके शेयर शुक्रवार सुबह करीब सवा 10 बजे 0.39% की तेजी के साथ 440 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे.वैल्यूएशन के लिहाज से कंपनी का P/E 10.8 गुना है, जो इंडस्ट्री औसत 16 गुना से कम है.
ऑर्डर बुक में किस सेगमेंट की कितनी हिस्सेदारी
ऑर्डर बुक में रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट की हिस्सेदारी 2% से बढ़कर 18% हो गई है, जबकि ट्रांसमिशन नया सेगमेंट बनकर 6% हिस्सेदारी के साथ शामिल हुआ है. दूसरी ओर, इरिगेशन ऑर्डर का हिस्सा 26% से घटकर 16% पर आ गया है. ऑर्डर मॉडल के हिसाब से EPC प्रोजेक्ट्स का हिस्सा Q3 में 85% तक पहुंच गया जो पिछले क्वार्टर के 75% से अधिक है. वहीं HAM मॉडल का हिस्सा घटकर 14% रह गया है. यह कंपनी की रणनीतिक बदलाव की ओर इशारा करता है.
सेक्टर वाइज ऑर्डर बुक में माइनिंग ₹5,850 करोड़ (20%), रोड व हाईवे ₹5,689 करोड़ (19%) और रिन्यूएबल ₹5,179 करोड़ (18%) सबसे बड़े हिस्से हैं. इरिगेशन ₹4,705 करोड़ (16%), ट्रांसमिशन ₹1,850 करोड़ (6%), टनल ₹1,757 करोड़ (6%) और स्पेशल ब्रिज व अर्बन डेवलपमेंट ₹1,717 करोड़ (6%) का योगदान है.
किस राज्य से कितना ऑर्डर
भौगोलिक रूप से मध्य प्रदेश ₹6,024 करोड़ (20.5%) के साथ सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है. इसके बाद ओडिशा ₹4,751 करोड़ और बिहार ₹3,400 करोड़ हैं.
फाइनेंशियल्स
वहीं, वित्तीय मोर्चे पर Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 17% घटकर ₹2,138 करोड़ रहा और EBITDA 20% गिरकर ₹382 करोड़ पर आया. हालांकि नेट प्रॉफिट 349% उछलकर ₹789 करोड़ और EPS 548% बढ़कर ₹51.09 प्रति शेयर हो गया जो बेहतर मार्जिन और प्रोजेक्ट मिक्स का संकेत देता है.
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