इन 3 कंपनियों को लेकर FIIs का रुख मजबूत, पिछले 4 तिमाही से लगातार बढ़ा रहे हिस्सेदारी; 1600% से ज्यादा चढ़ा भाव

इन तीन कंपनियों में FIIs की लगातार बढ़ती हिस्सेदारी इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशकों को इनके बिजनेस मॉडल और फ्यूचर की ग्रोथ पर भरोसा है. हालांकि निवेशकों को फैसला करने से पहले कंपनी के फॉइनेंशियल परफॉर्मेंस और इंडस्ट्री ट्रेंड्स का एनालिसिस जरूर करना चाहिए.

स्टॉक रिटर्न Image Credit: Canva/ Money9

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII (Foreign Institutional Investors) आम तौर पर उन्हीं कंपनियों में पैसा लगाते हैं जिनकी ग्रोथ और वित्तीय स्थिति मजबूत हो. जब FIIs लगातार किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे उस कंपनी के भविष्य पर उनके भरोसे का संकेत माना जाता है. पिछले चार तिमाहियों में तीन कंपनियों में FII की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है. आइए जानते हैं ये कंपनियां कौन-सी हैं.

Force Motors Limited

FIIs ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी लगातार चार तिमाहियों तक बढ़ाई है. दिसंबर 2024 में 8.15 फीसदी से बढ़कर सितंबर 2025 में 10.27 फीसदी तक पहुंच गई. सिर्फ पिछली तिमाही (जून 2025 से सितंबर 2025) में ही FII की हिस्सेदारी 0.50 फीसदी बढ़ी है. 1958 में बनी Force Motors भारत की जानी-मानी ऑटोमोबाइल कंपनी है, जो कमर्शियल और मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल्स बनाती है. यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में अपने वाहन और इंजन बेचती है.

शुक्रवार यानी 7 नवंबर को कंपनी का शेयर 1.74 फीसदी की बढ़त के साथ 18,194 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ. 6 महीने में कंपनी के शेयर ने 75 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया, जबकि 1 साल में 140 फीसदी रिटर्न रहा. वहीं, 5 साल में शेयर ने 1604 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. 7 नवंबर तक कंपनी का मार्केट कैप 23,974 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का P/E रेशियो 27.83 और P/B रेशियो 7.90 है. कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 21,990 रुपये और लो 6,125 रुपये रहा.

Avalon Technologies Limited

FIIs की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में 5.39 फीसदी थी, जो सितंबर 2025 में 10.04 फीसदी तक बढ़ गई. यानी चार तिमाहियों में लगातार बढ़त. पिछली तिमाही में भी हिस्सेदारी में 1.37 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. 1999 में बनी Avalon Technologies इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज देती है. यह क्लीन एनर्जी, कम्युनिकेशन और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए प्रिसीजन इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स बनाती है.

7 नवंबर को कंपनी के शेयर में 2.07 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और शेयर का भाव 1,039.80 रुपये प्रति शेयर रहा. 1 साल में कंपनी के शेयर ने 17 फीसदी रिटर्न दिया, जबकि 5 साल में 138 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न रहा. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 6,924 करोड़ रुपये है और इसका P/E रेशियो 79.15 है.

Sai Life Sciences Limited

FIIs की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में 11.72 फीसदी थी, जो सितंबर 2025 में बढ़कर 22.49 फीसदी हो गई. यानी एक साल में लगभग दो गुनी हिस्सेदारी. सिर्फ पिछली तिमाही में ही FII की होल्डिंग 7.92 फीसदी बढ़ी है. 1999 में शुरू हुई Sai Life Sciences दवा निर्माण, रिसर्च और डेवलपमेंट से जुड़ी कंपनी है. यह ग्लोबल फार्मा और बायोटेक कंपनियों के लिए रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज देती है.

शुक्रवार को कंपनी का शेयर प्राइस 875 रुपया रहा, जिसमें 5.08 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. 6 महीने में कंपनी के शेयर ने 21.59 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया, जबकि 1 साल में 34 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न रहा. अगर 5 साल के रिटर्न की बात करें तो कंपनी के शेयर में लगातार बढ़ोतरी देखी गई और यह 875 रुपये पर कारोबार किया. 7 नवंबर को कंपनी का मार्केट कैप 18,380 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का P/E रेशियो 64.16 है. कंपनी का 52 हफ्ते का हाई 943 रुपये और लो 636.10 रुपया रहा.

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