विदेशी निवेशकों ने Q3 में इन 2 सरकारी तेल कंपनियों पर दिखाया भरोसा, बढ़ाई हिस्सेदारी, रडार पर रख सकते हैं शेयर
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने PSU स्टॉक्स से दूरी बनाए रखी लेकिन Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited में हिस्सेदारी बढ़ाई है. मजबूत मुनाफा, बड़े रिफाइनरी विस्तार प्रोजेक्ट्स, ग्रीन एनर्जी निवेश और कम वैल्यूएशन इन दोनों ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में निवेश का मुख्य कारण बने.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की सरकारी कंपनियों (PSU) में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई लेकिन ऑयल मार्केटिंग सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. कम वैल्यूएशन, मजबूत मुनाफा वृद्धि और बड़े विस्तार प्रोजेक्ट्स के चलते विदेशी निवेशकों ने इन दोनों स्टॉक्स पर भरोसा जताया है. पिछले एक साल में PSU कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो Nifty PSE Index में करीब 26% की तेजी दर्ज की गई जबकि इसी अवधि में Nifty 50 लगभग 12.4%, BSE Smallcap Index करीब 7.4% और BSE Midcap Index करीब 24% चढ़े. बेहतर प्रदर्शन के बावजूद FIIs ने ज्यादातर PSU स्टॉक्स से दूरी बनाए रखी और केवल पेट्रोलियम सेक्टर की इन दो कंपनियों में निवेश बढ़ाया.
BPCL में कितनी है FIIs की हिस्सेदारी
सरकारी कंपनी BPCL देश की दूसरी सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी और तीसरी सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी है. यह भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता में करीब 14% और पेट्रोलियम उत्पादों के बाजार में लगभग 25% हिस्सेदारी रखती है. स्क्रीनर के मुताबिक, Q3FY26 के दौरान FIIs ने BPCL में अपनी हिस्सेदारी 1.93 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 18.5% कर दी.
कंपनी फिलहाल Project Aspire के तहत बड़े विस्तार प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. मुंबई रिफाइनरी में करीब 14,200 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेडेशन किया जा रहा है जो मई 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है.
BPCL की फाइनेंशियल हेल्थ और शेयर का हाल
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q3FY26 में कंपनी का मुनाफा 90% बढ़कर 3,806 करोड़ रुपये से 7,188 करोड़ रुपये हो गया जबकि बिक्री केवल 5.2% बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये से 1.19 लाख करोड़ रुपये रही. कंपनी का ROCE 16.2% है, जो इंडस्ट्री के 7.6% से काफी अधिक है. यह स्टॉक फिलहाल लगभग 6.5 के P/E पर ट्रेड कर रहा है जबकि इंडस्ट्री का औसत 13.8 है. साथ ही BPCL करीब 4.7% डिविडेंड यील्ड भी दे रही है, जो निवेशकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण है.
HPCL में कितनी है FIIs की हिस्सेदारी
HPCL भी देश की प्रमुख ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में से एक है. कंपनी के पास 24,572 रिटेल आउटलेट हैं और यह पेट्रोलियम उत्पादों के बाजार में करीब 20% हिस्सेदारी रखती है. स्क्रीनर के मुताबिक, Q3FY26 में FIIs ने HPCL में अपनी हिस्सेदारी 1.87 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 16.4% कर ली है. कंपनी राजस्थान सरकार के साथ HRRL जॉइंट वेंचर के तहत एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी प्रोजेक्ट बना रही है, जिसकी लागत लगभग 74,459 करोड़ रुपये है. यह प्रोजेक्ट करीब 90% पूरा हो चुका है और 2027 तक चालू होने की उम्मीद है. इसके बाद कंपनी की रिफाइनिंग क्षमता 35.8 MMTPA से बढ़कर 45.3 MMTPA हो सकती है.
HPCL की फाइनेंशियल हेल्थ और शेयर का हाल
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q3FY26 में कंपनी का मुनाफा 58% बढ़कर 2,544 करोड़ रुपये से 4,011 करोड़ रुपये हो गया जबकि बिक्री 1.10 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये रही. यह स्टॉक फिलहाल लगभग 5.9 के P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो इंडस्ट्री औसत से काफी कम है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
